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परिवर्तन: दिल्ली में अब एलजी की सरकार, केंद्र सरकार ने जारी किया नए कानून का नोटिफिकेशन
Wed, 28 Apr 2021 10:29 AM IST
प्रियंका तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रियंका तिवारी
Updated Wed, 28 Apr 2021 10:29 AM IST
सार
गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचना में कहा गया है, 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार (संशोधन) अधिनियम, 2021, 27 अप्रैल से अधिसूचित किया जाता है।' इसका मतलब साफ है कि अब उपराज्यपाल (एलजी) की मंजूरी के बिना कार्यकारी कोई कदम नहीं उठाया जा सकेगा।
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अनिल बैजल और अरविंद केजरीवाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अब दिल्ली में सरकार का मतलब उपराज्यपाल होगा। दरअसल, दिल्ली में केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) कानून 2021 यानी जीएनटीसीडी एक्ट को मंजूरी दिए जाने बाद इसे लेकर अधिसूचना जारी की है। गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचना में कहा गया है, 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार (संशोधन) अधिनियम, 2021, 27 अप्रैल से अधिसूचित किया जाता है।' इसका मतलब साफ है कि अब उपराज्यपाल (एलजी) की मंजूरी के बिना कार्यकारी कोई कदम नहीं उठाया जा सकेगा।
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दिल्ली सरकार को लेनी पड़ेगी उपराज्यपाल की सलाह
इस अधिसूचना के मुताबिक दिल्ली विधानसभा में पारित विधान के परिप्रेक्ष्य में सरकार का आशय राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के उपराज्यपाल से होगा। इसके साथ ही दिल्ली सरकार को किसी भी कार्यकारी कदम से पहले उपराज्यपाल की सलाह लेनी पड़ेगी।
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बता दें लोकसभा में यह विधेयक 22 मार्च को पास होने के बाद 24 मार्च को राज्यसभा में पारित किया गया था और यह विधेयक राज्यसभा से पास भी हो गया था। विधेयक में यह भी सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है कि उपराज्यपाल को आवश्यक रूप से संविधान के अनुच्छेद 239क के खंड 4 के अधीन सौंपी गई शक्ति का उपयोग करने का अवसर मामलों में चयनित प्रवर्ग में दिया जा सके।
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बढ़ सकती है मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की परेशानी
बता दें कानून में किए गए संशोधन के अनुसार, अब सरकार को उपराज्यपाल के पास विधायी प्रस्ताव कम से कम 15 दिन पहले और प्रशासनिक प्रस्ताव कम से कम 7 दिन पहले भेजने होंगे। जानकारों के मुताबिक इस कानून की वजह से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सरकार की समस्या बढ़ सकती है। राज्यसभा में बिल पास होने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस फैसले को दिल्ली की जनता का अपमान बताया था। बिल के पास होने पर कांग्रेस समेत कई विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला था। वहीं, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा था, 'आज लोकतंत्र के लिए एक काला दिन है।' उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए दुखद दिन करार दिया था।'