{"_id":"5ab7a8a34f1c1bc0758b76ee","slug":"now-lakh-of-doctors-threat-to-show-their-anger-to-the-government","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब सरकार को अपना गुस्सा दिखाएंगे लाखों डॉक्टर, महापंचायत में दी धमकी","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
अब सरकार को अपना गुस्सा दिखाएंगे लाखों डॉक्टर, महापंचायत में दी धमकी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 25 Mar 2018 07:18 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में नए चिकित्सीय कानून नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) पर अब डॉक्टरों ने गुस्सा दिखाकर सरकार को राजी करने का मन बना लिया है। जिसकी एक झलक रविवार को इंदिरा गांधी स्टेडियम में दिखाई भी दी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के बैनर तले हुई डॉक्टरों की इस महापंचायत के दौरान जहां केंद्र सरकार के विरुद्ध गुस्सा और विरोध देखने को मिला। वहीं लोकसभा के निर्देश पर बनी स्थायी समिति की सिफारिशों को भी बेबुनियाद बताया गया।
विज्ञापन
डॉक्टरों की चेतावनी, 2 अप्रैल तक का दिया वक्त
इतना ही नहीं डॉक्टरों का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द ही एनएमसी कानून में बदलाव नहीं किए तो 2 अप्रैल से देश भर में लाखों डॉक्टर भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
विज्ञापन
मांग न स्वीकारने पर होगी देश भर में भूख हड़ताल
महापंचायत में मौजूद डॉक्टरों ने ये तक कहा है कि सरकार की ज्यादातर सेवाएं प्राइवेट डॉक्टरों के भरोसे चल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आयुष और डेंटल को बढ़ावा देना चाहती है तो फिर प्राइवेट डॉक्टर एलोपैथी प्रैक्टिस करना ही बंद कर देते हैं? ताकि सरकार को भी समझ आ सके कि इस देश में एलोपैथी डॉक्टरों की भूमिका क्या है?
विज्ञापन
नए चिकित्सीय कानून के खिलाफ दिल्ली में हुई डॉक्टरों की महापंचायत
महापंचायत में देश के 16 राज्यों से करीब 20 हजार डॉक्टर शामिल हुए। इससे पहले महापंचायत में देश का भ्रमण करके लौटी साइकिल यात्रा का समापन भी हुआ। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रवि वानखेड़कर ने कहा कि महापंचायत ने मौजूदा एमसीआई में कुछ बदलाव सुझाए हैं। लेकिन सरकार अगर इसे नहीं मानती है और मौजूदा एनएमसी बिल को ही कैबिनेट में पास किया जाता है तो देशभर के 10 लाख डॉक्टर और तीन लाख मेडिकल के छात्र काम बंद कर देंगे।
समिति की सिफारिशें बढ़ाएगी दिक्कतें
डॉ. वानखेड़कर का कहना है कि लोकसभा ने समिति को एनएमसी के विवादित बिंदुओं के संशोधन की जिम्मेदारी दी थी। लेकिन समिति की सिफारिशों को देख लग रहा है कि ये डॉक्टरों की और भी ज्यादा मुसीबत बढ़ा सकती हैं। ब्रिज कोर्स को राज्य सरकारों पर छोड़ना सही नहीं है और न ही एमबीबीएस अंतिम वर्ष की परीक्षाओं में प्रश्न पत्र को बढ़ाना।