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अब अमेरिकी तकनीकी से कम होगा दिल्ली का प्रदूषण
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 13 Jul 2018 09:16 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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राजधानी दिल्ली के प्रदूषण स्तर में कमी लाने के लिए केजरीवाल सरकार अमेरिका से तकनीकी सहयोग लेगी। यह मदद प्रदूषण का रीयल टाइम लेवल मापने के लिए, और प्रदूषण पैदा करने वाले सटीक कारण की पहचान करने के मामले में होगी।
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर से शुक्रवार को दिल्ली के सचिवालय में हुई मुलाकात में इस आशय पर दोनों पक्षों में बातचीत हुई। दिल्ली सरकार इसके पहले भी वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से प्रदूषण के मुद्दे पर समझौता कर चुकी है।
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किस तरह का सहयोग लेगी दिल्ली
दरअसल, दिल्ली में अलग-अलग समय पर अलग-अलग प्रकार का प्रदूषण होता है। सरकार ने इसके पूर्व में भी समय-समय पर होने वाले प्रदूषण के कारकों की पहचान करने, उसके हिसाब से प्रदूषण मुक्ति के उपाय करने और उनका रिकॉर्ड रखने की बात कही थी। सरकार की आज की बातचीत उसी दिशा में एक कदम है। तकनीकी मदद में सरकार को रीयल टाइम में प्रदूषण स्तर की जानकारी मिलती रहेगी।
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सरकार का मानना है कि जब एक बार इस तरह की जानकारी मिल जाएगी कि किस समय पर किस प्रकार का प्रदूषण दिल्ली की हवा में घुलता है तो उसके हिसाब से समय से पहले उससे निबटने के उपाय किए जा सकेंगे।
वैश्विक पैमाने पर दिल्ली का बुरा स्तर
राजधानी दिल्ली विश्व के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में से एक हो चुकी है। साल 2017 की एक रिपोर्ट में दिल्ली को सबसे प्रदूषित शहरों में ग्यारहवें नंबर पर रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी इस विषय पर लगातार सरकार को सचेत करते रहते हैं, लेकिन फिलहाल अनेक कारणों से अब तक दिल्ली को प्रदूषण से निजात पाने में सफलता नहीं मिल सकी है।
प्रदूषण स्तर में कमी लाने के लिए सरकार अप्रैल 2020 से भारत-4 मानक अपनाने की प्रक्रिया में है, जिसके बाद वाहनों के धूंएं से पैदा होने वाले प्रदूषण स्तर में कमी आने की संभावना है।