Congress: अब चलेगा कांग्रेस का 'मिशन डाइनिंग', जल्द बुलाया जाएगा इन लोगों को दस जनपथ
Congress: पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी का ऐसे लोगों से मिलने का सिलसिला सिर्फ चुनावी राज्यों में ही नहीं चलेगा। वह कहते हैं कि राहुल गांधी उन राज्यों में भी ऐसे ही लोगों से मुलाकात करेंगे, जहां पर फिलहाल विधानसभा चुनाव नहीं होने हैं...
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जैसे-जैसे लोकसभा के चुनाव नजदीक आते जाएंगे कांग्रेस अपने सियासी एजेंडे में अलग-अलग तरह के मिशन को शामिल कर लोगों से जुड़ने का अभियान चलाती जाएगी। कांग्रेस के रणनीतिकारों ने लोगों से सीधे तौर पर जुड़ने के लिए ऐसे कई आयोजनों की पूरी फेहरिस्त तैयार की है। जिसके माध्यम से सोनिया, राहुल और प्रियंका से लोगों की सीधी मुलाकात हो सके। इस कड़ी में कांग्रेस की ओर से 'मिशन डाइनिंग' शुरू किए जाने की योजना बन रही है। इसमें रोज कमाने खाने वालों से मुलाकातों के साथ-साथ उनको 10 जनपथ पर बुलाकर भोजन भी कराए जाने की योजना बन रही है।
कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जिस तरह से राहुल गांधी लगातार देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों से मिल रहे हैं, वह पार्टी को आने वाले चुनावी दिनों के लिए बेहद मुफीद कनेक्ट बनता हुआ नजर आ रहा है। कांग्रेस के रणनीतिकारों ने तय किया है कि राहुल गांधी की मुलाकात के बाद अब ऐसे ही रोज कमाने खाने वालों के अलग-अलग ग्रुप को एक समय के अंतराल पर राहुल, प्रियंका और सोनिया गांधी से मुलाकात के लिए उनके आवास पर भी बुलाया जाएगा। कांग्रेस के रणनीतिकारों के मुताबिक इनमें वह ग्रुप शामिल होंगे, जिनसे राहुल गांधी पहले से फील्ड में जाकर लोगों से मुलाकात कर चुके होंगे। इस कड़ी में शुरुआत हरियाणा की उन किसान महिलाओं से हो भी चुकी है, जिनसे राहुल गांधी ने पिछले महीने शिमला जाने के दौरान खेतों में मुलाकात की थी। इन किसान महिलाओं को बीते दिनों सोनिया गांधी के आवास पर भोजन के दौरान मिलने के लिए भी बुलाया गया था।
कांग्रेस के रणनीतिकारों के मुताबिक लोगों से मुलाकात का यह सिलसिला पार्टी के लिए भी प्रेरणादायक था और मिलने आई महिलाओं और बच्चों के लिए भी एक यादगार लम्हा था। इस मुलाकात के बाद ही तय किया गया कि आने वाले दिनों में इस तरह के और आयोजन किए जाते रहेंगे। पार्टी से जुड़े रणनीतिकारों के मुताबिक लंच या डिनर पर देश के उन लोगों को बुलाए जाने की योजना बन रही है, जो अपनी दिनचर्या में रोज कमाने खाने वाले लोग हैं। सूत्रों के मुताबिक शुरुआती दौर में यही हो रहा है कि जो रोजमर्रा की जिंदगी में कमाने खाने वाले लोग हैं, उन्हें सोनिया गांधी के आवास पर बुलाया जाए। उनके साथ कांग्रेस पार्टी के नेता बैठकर भोजन भी करेंगे और देश की समस्याओं के साथ उनकी समस्याओं से रूबरू होकर उनसे ही उनकी समस्याओं को दूर किए जाने वाले उपायों पर बातचीत करेंगे।
कांग्रेस पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि इस समय देश के कई अलग-अलग राज्यों में सीधे तौर पर उनकी सरकारें हैं या फिर गठबंधन के साथ सत्ता में हैं। पार्टी का मानना है, इसलिए लोगों से सीधे तौर पर मिलकर उनकी समस्याओं को जानकर और उनसे ही उनके निराकरण पर बात करके बहुत से समाधान निकाले जा सकते हैं। यही वजह है कि ऐसे लोगों से सीधे तौर पर मुलाकात करके और उनको दिल्ली में कांग्रेस के नेताओं के साथ खाने पर बुलाकर जो चर्चा होगी और उसके बाद जो उनकी समस्याओं को दूर करने के उपाय होंगे, उन्हें कांग्रेस शासित राज्यों में लागू भी किया जाएगा। कांग्रेस के रणनीतिकारों में शामिल एक वरिष्ठ नेता कहते हैं कि यह लोगों से मुखातिब होने और उनकी समस्याओं को दूर करने के साथ-साथ लोगों से सीधे जुड़ने का यह बेहतर तरीका है।
कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पीएल पुनिया कहते हैं कि राहुल गांधी लगातार समाज के उन लोगों से मिल रहे हैं, जिनका योगदान देश को मजबूत करने में हैं। अभी राहुल गांधी ने दिल्ली की आजादपुर मंडी में जाकर किसानों से लेकर दिल्ली की अलग-अलग बाजारों में सब्जी और फल बेचने वालों से मुलाकात की थी। इससे पहले हरियाणा में महिला किसानों से राहुल गांधी ने मुलाकात की। दिल्ली के मैकेनिक हों या राह चलते ट्रक ड्राइवर। राहुल गांधी रोज कमाने खाने वालों से मुलाकात कर रहे हैं। ऐसी ही मुलाकातों को लेकर कांग्रेस पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता कहते हैं कि इस तरह की मुलाकातों का सिलसिला राहुल गांधी अब लगातार करते रहेंगे।
पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी का ऐसे लोगों से मिलने का सिलसिला सिर्फ चुनावी राज्यों में ही नहीं चलेगा। वह कहते हैं कि राहुल गांधी उन राज्यों में भी ऐसे ही लोगों से मुलाकात करेंगे, जहां पर फिलहाल विधानसभा चुनाव नहीं होने हैं। इसके पीछे के तर्क को लेकर सियासी जानकारों का मानना है कि दरअसल यह एक तरीके से दिखाने की कोशिश है कि वह इन मुलाकातों के माध्यम से राजनीति नहीं कर रहे हैं। राजनीतिक जानकार और वरिष्ठ पत्रकार जीडी शुक्ला का मानना है कि किसी बड़े राजनेता खासतौर से राहुल गांधी जैसे बड़े कद के नेताओं का इस तरह लोगों से मिलना-जुलना एक सामान्य प्रक्रिया तो नहीं हो सकती है। अब जब ऐसे मिलने वालों को अपने घर पर बुलाकर साथ में खाना खाया जाएगा, तो निश्चित तौर पर एक कनेक्ट बनेगा। शुक्ला मानते हैं कि किसी भी बड़े कद के नेता का ऐसे लोगों से मिलना-जुलना और फिर उन्हें अपने घर पर बुलाकर भोजन करना उन्हें सीधे तौर पर जोड़ता है। वह कहते हैं कि यही वजह है कि राहुल गांधी का यह फॉर्मूला हिट भी माना जा रहा है। शुक्ला का मानना है कि राहुल गांधी ने बीते चुनावों में कर्नाटक में भी ऐसे ही लोगों से मुलाकात की थी और भारत जोड़ो यात्रा के दौरान लगातार ऐसे लोगों से मिलते रहे थे। इसलिए कमाने-खाने वालों से मिलने के फॉर्मूले पर पार्टी लोकसभा के चुनावों के नजरिए से बड़ी फील्डिंग सजा रही है।