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बागी नेताओं से सावधान हुई कांग्रेस: पार्टी के मेंबरशिप फॉर्म में हुआ बदलाव, सार्वजनिक मंच पर आलोचना न करने का देना होगा हलफनामा

Mon, 25 Oct 2021 09:59 AM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव Updated Mon, 25 Oct 2021 09:59 AM IST
सार

कांग्रेस एक नवंबर से 31 मार्च 2022 तक सदस्यता अभियान चलाने जा रही है। इसको लेकर पार्टी की ओर से नया मेंबरशिप फॉर्म जारी किया गया है। 

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Now congress member will have to give an affidavit not to criticize party on public forum, congress membership form has been changed
सोनिया गांधी और राहुल गांधी - फोटो : File

विस्तार

सार्वजनिक मंचों से अपनी ही पार्टी की आलोचना करने वाले जी-23 नेताओं से कांग्रेस सावधान हो गई है। पार्टी की ओर से एक नवंबर से शुरू हो रहे सदस्यता अभियान को लेकर मेंबरशिप फॉर्म में कई बदलाव किए गए हैं। इसके तहत पार्टी ने दस बिंदुओं का उल्लेख किया है, जिसमें एक शर्त यह भी है कि सदस्यता लेने वाले व्यक्ति को यह हलफनामा देना होगा कि वह पार्टी की नीतियों व निर्णयों की आलोचना सार्वजनिक तौर पर नहीं करेगा। इसके अलावा यह शर्त भी रखी गई है कि सदस्यता लेने वाला कोई भी व्यक्ति कानूनी सीमा से अधिक संपत्ति नहीं रखेगा। 

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कांग्रेस के मेंबरशिप फॉर्म में साफ तौर पर लिखा है कि- 'मैं धर्मनिरपेक्षता, समाजवाद व लोकतंत्र के सिद्धांतों को बढ़ावा देने के लिए सदस्यता लेता हूं। मैं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, खुले तौर पर या किसी तरह से पार्टी मंचों के अलावा, पार्टी की स्वीकृत नीतियों व कार्यक्रमों की आलोचना नहीं करूंगा।'
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जी-23 नेताओं ने की थी आलोचना 
कांग्रेस की नीतियों व फैसलों को लेकर जी-23 नेताओं ने पूर्व में अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला था। वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने तो मीडिया से बातचीत के दौरान यहां तक कह दिया था कि 'पार्टी में निर्णय कौन ले रहा है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। पार्टी का अध्यक्ष कौन है यह ही नहीं पता है। हमारी पार्टी में कोई अध्यक्ष नहीं है।' इसके अलावा गुलाम नबी आजाद ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कांग्रेस कार्यसमिति की तत्काल बैठक बुलाने की मांग की थी। उन्होंने अध्यक्ष के चुनाव की भी मांग की थी। इसके अलावा कांग्रेस में युवा बनाम बुजुर्ग नेताओं की लड़ाई भी कई बार सार्वजनिक तौर पर सामने आ चुकी है। 
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सोनिया गांधी ने दिखाए थे तेवर 
सार्वजनिक मंचों पर अपनी ही पार्टी की आलोचना और किरकिरी के बाद सोनिया गांधी ने अपने तेवर जी-23 नेताओं को दिखाए थे। उन्होंने सीधे नाम न लेते हुए जी-23 नेताओं को फटकार लगाई थी और अध्यक्ष की मांग पर साफ कहा था कि मैं ही कांग्रेस की अध्यक्ष हूं और फैसले भी मैं ही ले रही हूं। उन्होंने यहां तक भी कह दिया था कि कुछ भी कहने के लिए मीडिया के सहारे की जरूरत नहीं है।

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