फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   not imposed restrictions on the sale of new diesel vehicles, MHI to NGT

भारी उद्योग मंत्रालय ने एनजीटी से की फरियाद, न लगाए नए डीजल वाहनों की बिक्री पर रोक

Tue, 31 May 2016 12:28 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 31 May 2016 12:28 AM IST
विज्ञापन
not imposed restrictions on the sale of new diesel vehicles, MHI to NGT
भारी गाड़ियों पर से बैन हटाने की मांग

एक तरफ वायु प्रदूषण के प्रबल जिम्मेदार माने जा रहे डीजल वाहनों पर न्यायालयों के जरिए शिकंजा कसा जा रहा है वहीं दूसरी तरफ सरकार और ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री अपने घाटे को लेकर चिंतित हैं। इंडस्ट्री की समस्या को लेकर केंद्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम मंत्रालय ने पर्यावरणीय अदालत नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में याचिका दाखिल कर मांग की है कि एनजीटी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर अब किसी और शहर में 2000 सीसी से अधिक क्षमता वाले नए  डीजल वाहनों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन पर प्रतिबंध न लगाए। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में 2000 सीसी क्षमता वाले नए डीजल वाहनों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन पर पाबंदी लगा रखी है।

विज्ञापन


जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने यह मामला मंगलवार को विचार के लिए पेश किया जाएगा। बेंच इस याचिका पर वायु प्रदूषण के मामले के दौरान विचार करेगी। सोमवार को वायु प्रदूषण मामले की सुनवाई के दौरान बेंच ने कहा कि वह इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं पर मंगलवार को विचार करेंगे। मंत्रालय ने अपनी याचिका में कहा है कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री उत्सर्जन के लिए तय मानकों का पालन कर रहे हैं। 
विज्ञापन


अभी तक प्रभावी है सुप्रीम कोर्ट का आदेश 
सुप्रीम कोर्ट ने बीते वर्ष 16 दिसंबर, 2015 को दिल्ली-एनसीआर में 2000 सीसी औतर उससे अधिक क्षमता वाले डीजल एसयूवी और प्राइवेट कारों के रजिस्ट्रेशन और बिक्री पर रोक लगा दिया था। यह आदेश पहले 31 मार्च, 2016 तक प्रभावी था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इसे 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को ग्रीष्म अवकाश के बाद अगली सुनवाई तक प्रभावी रहने का निर्देश दिया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन

भारी उद्योग नहीं चाहता पाबंदी के आदेश का विस्तार 

मेक इन इंडिया अभियान की दुहाई 

not imposed restrictions on the sale of new diesel vehicles, MHI to NGT
डीजल गाड़ियों की खरीद पर है रोक - फोटो : Getty

डीजल वाहनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर भारी उद्योग मंत्रालय का कहना है कि यदि इस आदेश को आधार बनाकर एनजीटी जिन 11 शहरों को लेकर वायु प्रदूषण की सुनवाई कर रही है, यदि वहां भी डीजल वाहनों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन पर पाबंदी लगाएगी तो ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री की ग्रोथ पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री की बड़ी हिस्सेदारी (करीब 47 फीसदी) है। इसका विकास देश की अर्थव्यवस्था को दुरूस्त रखने के लिए बेहद जरूरी है। इतना ही नहीं प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री देश में पांचवा सबसे बड़ा सेक्टर है। 


मंत्रालय ने अपनी याचिका में कहा है कि मेक इन इंडिया अभियान के निर्देश के तहत सरकार पर्यावरण को ध्यान रख टिकाऊ आर्थिक विकास के फंडे पर काम कर रही है। प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संतुलन के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं। यदि और किसी भी शहर में डीजल वाहनों की बिक्री पर पाबंदी लगती है तो रोजगार के अवसरों को भी धक्का लगेगा। मसलन देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा रोजगार के अवसर ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री मुहैया कराती है।

केरल में 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों पर पाबंदी 
हाल ही में केरल में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सूबे के छह शहरों में एनजीटी की कोच्चि पीठ ने 10 साल से ज्यादा पुराने वाहनों पर पाबंदी लगाई है। इससे पहले एनजीटी की प्रधान पीठ ने दिल्ली-एनसीआर में भी 10 साल पुराने डीजल वाहनों पर पाबंदी का आदेश दिया था। इसके बाद बीते वर्ष दिसंबर में एनजीटी ने दिल्ली-एनसीआर में नए डीजल वाहनों की बिक्री और रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा दिया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed