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UP Elections 2022: भाजपा से नहीं बनी बात, जदयू ने जारी की 26 उम्मीदवारों की सूची, कुल 51 सीटों पर उतारेगी प्रत्याशी
Sat, 22 Jan 2022 04:57 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 22 Jan 2022 04:57 PM IST
सार
ललन सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी ने अपने उत्तर प्रदेश प्रमुख अनूप पटेल को उम्मीदवारों के नाम और 51 से अधिक सीटों पर लड़ने के लिए अधिकृत किया है।
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नरेंद्र मोदी-नीतीश कुमार (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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विस्तार
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा-जदयू गठबंधन का प्रस्ताव आखिरकार ठंडे बस्ते में चला गया। भाजपा की ओर से जवाब नहीं मिलने के बाद जदयू ने अकेले चुनाव लड़ने का एलान करते हुए शनिवार को 26 उम्मीदवारों की सूची की घोषणा की। जदयू ने कहा कि पार्टी कम से कम 51 सीटों पर अपने उम्मीदवारों को उतारेगी।
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ललन का आरसीपी सिंह पर निशाना
एक संवाददाता सम्मेलन में जदयू के अध्यक्ष ललन सिंह ने अफसोस जताया कि उनकी पार्टी उत्तर प्रदेश में अधिक ताकत के साथ और अधिक सीटों पर चुनाव लड़ती, यदि पार्टी ने इतने लंबे समय तक इंतजार नहीं किया होता। केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने शुरू में बताया था कि भाजपा गठबंधन के लिए राजी है।
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उन्होंने बार-बार जिक्र किया कि आरसीपी सिंह को जदयू नेतृत्व ने भाजपा नेताओं से बात करने के लिए अधिकृत किया था। उनके अलावा कोई अन्य व्यक्ति इसका हिस्सा नहीं था। ललन सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी ने केंद्रीय मंत्री के कहने पर इतने लंबे समय तक इंतजार किया और अब वह स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के फैसले के साथ आगे बढ़ रही है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उत्तर प्रदेश में उनकी पार्टी के सहयोगी अपना दल और निषाद पार्टी हैं, उन्होंने जदयू का कोई जिक्र नहीं किया था।
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नीतीश के करीबी हैं आरसीपी सिंह
आरसीपी सिंह को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी माना जाता है जो जद (यू) के प्रमुख नेता है। लेकिन मोदी सरकार में जगह पाने वाले पार्टी के एकमात्र सदस्य बनने के बाद पार्टी में उनकी साख गिरने को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। पहले वह जदयू के अध्यक्ष थे और केंद्रीय मंत्री बनने के बाद ललन सिंह के लिए पद छोड़ा था। ललन सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी ने अपने उत्तर प्रदेश प्रमुख अनूप पटेल को उम्मीदवारों के नाम और 51 से अधिक सीटों पर लड़ने के लिए अधिकृत किया है।
वाराणसी की रोहनिया सीट भी शामिल
ललन सिंह द्वारा जारी उत्तर प्रदेश की सीटों की सूची में रोहनिया भी शामिल है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रतिनिधित्व वाली वाराणसी लोकसभा सीट में आती है। हालांकि, जदयू अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी के स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने के फैसले का बिहार में भाजपा के साथ उसके संबंधों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। जदयू ने कई राज्यों में भाजपा के साथ गठबंधन किए बिना अलग-अलग चुनाव लड़ा है। ललन सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनावों में अरुणाचल प्रदेश में सात सीटें जीती थीं और कहा कि भाजपा ने बाद में उनमें से छह को अपने पाले में ले लिया था।
बिहार में गठबंधन पर असर नहीं
हालांकि, जदयू ने कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने के उसके फैसले का बिहार में भाजपा के साथ उसके गठबंधन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन ने कहा कि पार्टी ने कई राज्यों में भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ा है, लेकिन बिहार में सत्तारूढ़ गठबंधन को प्रभावित नहीं किया है। हमने इसे अकेले जाने का फैसला किया क्योंकि यूपी में भाजपा के साथ गठबंधन करने के प्रयास सफल नहीं हुए थे।