Sikkim: भारतीय सेना बनी दूत, भारी हिमपात के बीच पूर्वी सिक्किम में फंसे 1000 से अधिक पर्यटकों को बचाया
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 15 वाहनों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। सैलानी गंगटोक से 42 किलोमीटर दूर रास्ते में फंसे हैं। बर्फ को धीरे-धीरे साफ किया जा रहा है और सैलानियों को निकाला जा रहा है।
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सेना ने भारी बर्फबारी के बाद पूर्वी सिक्किम के ऊपरी इलाके छांगू में फंसे 1,000 से अधिक पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि नाथू ला, सोमगो (छांगू) झील और उसके आसपास के इलाकों में भारी बर्फबारी होने के बाद तापमान शून्य से नीचे चला गया, जिससे पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई। बर्फबारी के कारण वाहन चलाना मुश्किल हो गया, जिसके परिणामस्वरूप 15 किलोमीटर के एक हिस्से में 1,000 से अधिक पर्यटक व 200 वाहन फंस गए। इसके बाद इलाके में तैनात सैनिकों ने बचाव कार्य शुरू किया और आठ घंटे तक चले अभियान के बाद पर्यटकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
Indian Army yesterday rescued more than 1000 tourists including elderly, women and children who were stranded in the upper reaches of East Sikkim at Chhangu following a heavy spell of snowfall. pic.twitter.com/GaqYjTfwjX
— ANI (@ANI) March 16, 2023विज्ञापन
इससे पहले भी सेना ने सैकड़ों पर्यटकों के साथ 15 वाहनों को सुरक्षित निकाला था। सैलानी गंगटोक से 42 किलोमीटर दूर रास्ते में फंसे हैं। बर्फ को धीरे-धीरे साफ किया जा रहा है और सैलानियों को निकाला जा रहा है। अधिकारी ने बताया कि कुछ सैलानियों को पास के सेना के शिविरों में रखा जा सकता है। पूर्वी सिक्किम में भारी बर्फबारी के चलते प्रशासन ने कुछ दिन पहले ही नाथुला और त्सोमगो झील के लिए पासी जारी करना बंद कर दिया था।