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Health: उत्तर भारतीयों के भोजन में नमक ज्यादा, पोटैशियम बहुत कम; पोषण की कमी से भारतीयों की किडनी हो रही खराब

Tue, 12 Mar 2024 05:48 AM IST
जलज मिश्रा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 12 Mar 2024 05:48 AM IST
सार

जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ इंडिया और पीजीआई चंडीगढ़ के एक संयुक्त अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है, जिसे जर्नल फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन में प्रकाशित किया गया। अध्ययन में 400 से ज्यादा लोगों के दिन और रात सभी समय के भोजन की निगरानी रखी गई।

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North Indians have much salt in diet little potassium kidney problem
kidney problem

विस्तार

स्वस्थ जीवन के लिए पोषण युक्त आहार बहुत जरूरी है, लेकिन हमारी थाली में इन पोषक तत्वों की संतुलित मात्रा का अभाव है। किसी भोजन में सोडियम तो कोई पोटैशियम का सेवन कम कर रहा है। कुछ लोग अपने दिनभर के आहार में प्रोटीन पर जोर देते हैं, लेकिन फास्फोरस या अन्य तत्व पर उनका ध्यान नहीं है। यह संतुलन उत्तर भारतीयों की थाली में सबसे ज्यादा बिगड़ा हुआ है जो इनमें गैर संचारी रोगों का जोखिम बढ़ रहा है।

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जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ इंडिया और पीजीआई चंडीगढ़ के एक संयुक्त अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है, जिसे जर्नल फ्रंटियर्स इन न्यूट्रिशन में प्रकाशित किया गया। अध्ययन में 400 से ज्यादा लोगों के दिन और रात सभी समय के भोजन की निगरानी रखी गई। जो लोग पूरी तरह से स्वस्थ हैं उनका एक अलग समूह बनाया गया और जो क्रोनिक किडनी रोग (सीकेडी) से ग्रस्त हैं उन्हें अलग समूह में रखा। विश्लेषण के दौरान जब दोनों समूह के भोजन की तुलना की गई तो रोगी और स्वस्थ लोगों के बीच एक जैसा भोजन व्यवहार देखने को मिला। इनके भोजन में नमक की मात्रा तय मानक से अधिक पाई गई, जबकि अन्य पोषक तत्व जरूरी मात्रा से कम पाए गए।

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पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को जोखिम
शोधकर्ताओं के अनुसार, भोजन में सोडियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा न होने की वजह से लोगों को उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और क्रोनिक किडनी रोग सहित गैर-संचारी रोगों का जोखिम बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि अनुशंसित स्तर से अधिक नमक की खपत, अपर्याप्त पोटैशियम का सेवन और पर्याप्त मात्रा से कम प्रोटीन की खपत उच्च रक्तचाप व हृदय रोग को बढ़ावा देते हैं। अध्ययन में यह भी पता चला कि पुरुषों की तुलना में महिलाएं अपने आहार में कम पोषक तत्वों पर ध्यान देती हैं, जिसकी वजह से मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी परेशानियों का जोखिम उन्हें ज्यादा है।

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भोजन पर ध्यान जरूरी
द जॉर्ज इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ के कार्यकारी निदेशक प्रोफेसर विवेकानंद झा का कहना है कि भारत में लोग अलग-अलग खाद्य पदार्थ खाते हैं, इसलिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि इन बीमारियों को रोकने में मदद के लिए उन्हें कौन से पोषक तत्व मिल रहे हैं। अधिक नमक का सेवन और कम पोटैशियम का सेवन बताता है कि लोगों को अपने भोजन पर हर  दिन ध्यान देने की जरूरत है।

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