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North East: तेजपुर यूनिवर्सिटी में VC को हटाने की मांग, असम में चार डकैत ढेर; मणिपुर में छह उग्रवादी गिरफ्तार
Sun, 28 Sep 2025 01:52 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी/इंफाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी/इंफाल
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 28 Sep 2025 01:52 PM IST
सार
तेजपुर विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने कुलपति शंभु नाथ सिंह पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए उनकी बर्खास्तगी की मांग की है। उधर, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने बताया कि अवैध रूप से घुसपैठ करने वाले 24 बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़कर वापस भेज दिया गया है। राज्य में चार डकैतों को भी ढेर किया गया है। वहीं मणिपुर में पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूर्वोत्तर भारत की प्रमुख खबरें-
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तेजपुर विश्वविद्यालय
- फोटो : एक्स
विस्तार
असम के तेजपुर विश्वविद्यालय में वित्तीय हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ ने कुलपति (वीसी) शंभु नाथ सिंह को हटाने की मांग की है। तेजपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (टीयूटीए) ने इस संबंध में राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति लक्ष्मण प्रसाद आचार्य और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा को एक ज्ञापन सौंपा है।
टीयूटीए ने कुलपति पर गायक जुबीन ग्रग के निधन के बाद उन पर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया और उनकी आलोचना की। संघ ने अपने बयान में कहा कि वीसी के कार्यकाल में सबसे गंभीर चिंता वित्तीय अनियमितताओं की है। इसमें सामग्री की घरीद, ठेकों का आवंटन, कबाड़ की बिक्री और उच्च शिक्षा वित्तीय एजेंसी (एचईएफए) से मिली फंडिंग से निर्माण कार्य शामिल हैं, जिनमें गुणवत्ता की भारी कमी देखी गई है। नवनिर्मित छात्रावास में पहले ही दरारें, सीलन और सुविधाओं की खराबी नजर आ रही है।
शिक्षक संघ का आरोप है कि ठेकों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं है। बार-बार एक ही विक्रेताओं को काम सौंपा जा रहा है और शिक्षकों तथा वार्डन पर बिना दस्तावेजों के काम की पुष्टि करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने वित्त कार्यालय पर फंड जारी करने में देरी, शिक्षकों के साथ गैर-पेशेवर व्यवहार और एक ऐसा नकारात्मक माहौल बनाने का आरोप लगाया, जिससे शोध और शिक्षण गतिविधियों में बाधा आ रही है।
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बयान में यह भी कहा गया कि प्रोटेम-वाइस चांसलर के पद को जानबूझकर खत्म कर दिया गया, प्रशासनिक पदों पर अनियमित नियुक्तियां की गईं, कर्मचारियों को मनमाने ढंग से निलंबित किया गया और रजिस्ट्रार जैसे अहम पद खाली पड़े हैं। टीयूटीए ने यह भी दावा किया कि वीसी ने बिना अनुमति के नए पद बनाए और कुछ पदों पर जरूरत से ज्यादा सुविधाएं दीं।
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टीयूटीए ने कुलपति पर गायक जुबीन ग्रग के निधन के बाद उन पर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया और उनकी आलोचना की। संघ ने अपने बयान में कहा कि वीसी के कार्यकाल में सबसे गंभीर चिंता वित्तीय अनियमितताओं की है। इसमें सामग्री की घरीद, ठेकों का आवंटन, कबाड़ की बिक्री और उच्च शिक्षा वित्तीय एजेंसी (एचईएफए) से मिली फंडिंग से निर्माण कार्य शामिल हैं, जिनमें गुणवत्ता की भारी कमी देखी गई है। नवनिर्मित छात्रावास में पहले ही दरारें, सीलन और सुविधाओं की खराबी नजर आ रही है।
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शिक्षक संघ का आरोप है कि ठेकों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं है। बार-बार एक ही विक्रेताओं को काम सौंपा जा रहा है और शिक्षकों तथा वार्डन पर बिना दस्तावेजों के काम की पुष्टि करने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने वित्त कार्यालय पर फंड जारी करने में देरी, शिक्षकों के साथ गैर-पेशेवर व्यवहार और एक ऐसा नकारात्मक माहौल बनाने का आरोप लगाया, जिससे शोध और शिक्षण गतिविधियों में बाधा आ रही है।
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बयान में यह भी कहा गया कि प्रोटेम-वाइस चांसलर के पद को जानबूझकर खत्म कर दिया गया, प्रशासनिक पदों पर अनियमित नियुक्तियां की गईं, कर्मचारियों को मनमाने ढंग से निलंबित किया गया और रजिस्ट्रार जैसे अहम पद खाली पड़े हैं। टीयूटीए ने यह भी दावा किया कि वीसी ने बिना अनुमति के नए पद बनाए और कुछ पदों पर जरूरत से ज्यादा सुविधाएं दीं।
हिमंत बिस्व सरमा, सीएम, असम
- फोटो : ANI
असम में पकड़े गए 24 बांग्लादेशी वापस भेजे गए: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि कछार जिले में पुलिस ने 24 बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत में घुसते हुए पकड़ा और उन्हें वापस उनके देश बांग्लादेश भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में घुसपैठियों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
शनिवार रात को एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने तंज के लहजे में कहा, असम हमेशा उन गुमशुदा यात्रियों की सेवा में तत्पर है, जो हमारे राज्य को अपना समझ बैठते हैं। हम उन्हें तुरंत उनकी मातृभूमि बांग्लादेश भेज देंगे। उन्होंने एक हिंदी फिल्म गीत की तर्ज पर लिखा, घर लौट जा परदेसी, तेरा देश तुझे पुकारे रे। साथ ही पोस्ट में उन्होंने लिखा, विदा हुए गुमशुदा यात्री!'
बीते कुछ महीनों में असम से करीब 500 अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को उनके देश वापस भेजा गया है। मुख्यमंत्री सरमा ने दावा किया कि राज्य सरकार असम को घुसपैठ से मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर हफ्ते करीब 35 से 40 घुसपैठियों को वापस भेजा जा रहा है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बताया कि कछार जिले में पुलिस ने 24 बांग्लादेशी नागरिकों को अवैध रूप से भारत में घुसते हुए पकड़ा और उन्हें वापस उनके देश बांग्लादेश भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में घुसपैठियों की पहचान करने और उन्हें वापस भेजने का अभियान लगातार जारी रहेगा।
शनिवार रात को एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने तंज के लहजे में कहा, असम हमेशा उन गुमशुदा यात्रियों की सेवा में तत्पर है, जो हमारे राज्य को अपना समझ बैठते हैं। हम उन्हें तुरंत उनकी मातृभूमि बांग्लादेश भेज देंगे। उन्होंने एक हिंदी फिल्म गीत की तर्ज पर लिखा, घर लौट जा परदेसी, तेरा देश तुझे पुकारे रे। साथ ही पोस्ट में उन्होंने लिखा, विदा हुए गुमशुदा यात्री!'
बीते कुछ महीनों में असम से करीब 500 अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को उनके देश वापस भेजा गया है। मुख्यमंत्री सरमा ने दावा किया कि राज्य सरकार असम को घुसपैठ से मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और हर हफ्ते करीब 35 से 40 घुसपैठियों को वापस भेजा जा रहा है।
असम: गोलपाड़ा में पुलिस मुठभेड़ में चार डकैत ढेर
असम के गोलपाड़ा जिले में आज पुलिस के साथ मुठभेड़ में चार डकैत मारे गए। जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग अपहरण की योजना बना रहे हैं। इस आधार पर जिले के घिलाडुबि इलाके में नाका चेकिंग शुरू की गई। गोलपाड़ा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत महंत ने बताया कि नाका चेकिंग के दौरान एक कार में सवार डकैतों का गिरोह पुलिस के सामने आ गया और उन्होंने गोली चलानी शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सभी चार डकैत घायल हो गए। उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि डकैतों की कार से चार पिस्तौल, पांच मोबाइल फोन, दो वॉकी-टॉकी सेट और कुछ कारतूस बरामद किए गए हैं।
असम के गोलपाड़ा जिले में आज पुलिस के साथ मुठभेड़ में चार डकैत मारे गए। जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ लोग अपहरण की योजना बना रहे हैं। इस आधार पर जिले के घिलाडुबि इलाके में नाका चेकिंग शुरू की गई। गोलपाड़ा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत महंत ने बताया कि नाका चेकिंग के दौरान एक कार में सवार डकैतों का गिरोह पुलिस के सामने आ गया और उन्होंने गोली चलानी शुरू कर दी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सभी चार डकैत घायल हो गए। उन्हें पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि डकैतों की कार से चार पिस्तौल, पांच मोबाइल फोन, दो वॉकी-टॉकी सेट और कुछ कारतूस बरामद किए गए हैं।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एडॉब स्टॉक
मणिपुर में छह उग्रवादी गिरफ्तार
मणिपुर की इंफाल घाटी के तीन जिलों से अलग-अलग प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
विष्णुपुर जिले के कुम्बी बाजार से शुक्रवार को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया गया। उसकी पहचान नोंगमैथेम ज्ञानेश्वर सिंह (49 वर्षीय) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह संगठन को लॉजिस्टिक समर्थन देता था।
इंफाल पश्चिम जिले के लामदेंग मयाई लाईकाई इलाके से शनिवार को उसी संगठन के एक और सदस्य को पकड़ा गया। उसकी पहचान लाइश्रम जीतन सिंह (56 वर्षीय) के रूप में हुई है। इंफाल पूर्व जिले के खुरई कोंसम लाईकाई इलाके से संगठन के एक अन्य सदस्य मोइरांगथेम चाओबी सिंह (50 वर्षीय) को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि वह पहले भी भीड़ को सुरक्षा बलों के खिलाफ भड़काने में शामिल रहा है।
इसके अलावा, प्रतिबंधित एनआरएफएम संगठन की एक महिला सदस्य को इंफाल पूर्व जिले के मणिपुखरी फ्रेंड्स कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया। उसकी पहचान खाइदम सुनीला देवी (55 वर्षीय) के रूप में हुई है। थौबल जिले के लिलोंग और इंफाल वेस्ट के नाओरेम लाईकाई इलाके से प्रतिबंधित कांगलेपाक कम्युनिस्ट पार्टी (नयन) संगठन के दो सक्रिय सदस्यों को भी उनके घरों से पकड़ा गया। उनकी पहचान 44 वर्षीय मोहम्मद मुजीबुर रहमान और 44 वर्षीय सोरेनशंगबम बुंगचा के रूप में हुई है। उनके पास से एक .32 बोर की पिस्तौल और मैगजीन बरामद की गई है।
मणिपुर की इंफाल घाटी के तीन जिलों से अलग-अलग प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से जुड़े छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।
विष्णुपुर जिले के कुम्बी बाजार से शुक्रवार को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया गया। उसकी पहचान नोंगमैथेम ज्ञानेश्वर सिंह (49 वर्षीय) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, वह संगठन को लॉजिस्टिक समर्थन देता था।
इंफाल पश्चिम जिले के लामदेंग मयाई लाईकाई इलाके से शनिवार को उसी संगठन के एक और सदस्य को पकड़ा गया। उसकी पहचान लाइश्रम जीतन सिंह (56 वर्षीय) के रूप में हुई है। इंफाल पूर्व जिले के खुरई कोंसम लाईकाई इलाके से संगठन के एक अन्य सदस्य मोइरांगथेम चाओबी सिंह (50 वर्षीय) को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि वह पहले भी भीड़ को सुरक्षा बलों के खिलाफ भड़काने में शामिल रहा है।
इसके अलावा, प्रतिबंधित एनआरएफएम संगठन की एक महिला सदस्य को इंफाल पूर्व जिले के मणिपुखरी फ्रेंड्स कॉलोनी से गिरफ्तार किया गया। उसकी पहचान खाइदम सुनीला देवी (55 वर्षीय) के रूप में हुई है। थौबल जिले के लिलोंग और इंफाल वेस्ट के नाओरेम लाईकाई इलाके से प्रतिबंधित कांगलेपाक कम्युनिस्ट पार्टी (नयन) संगठन के दो सक्रिय सदस्यों को भी उनके घरों से पकड़ा गया। उनकी पहचान 44 वर्षीय मोहम्मद मुजीबुर रहमान और 44 वर्षीय सोरेनशंगबम बुंगचा के रूप में हुई है। उनके पास से एक .32 बोर की पिस्तौल और मैगजीन बरामद की गई है।