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Pollution: गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को अब नहीं होगी बोर्ड से मंजूरी की जरूरत, केंद्र ने नियमों को सरल बनाया

Thu, 14 Nov 2024 01:00 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शुभम कुमार Updated Thu, 14 Nov 2024 01:00 AM IST
सार

केंद्र सरकार ने गैर-प्रदूषणकारी उद्योगों को एक बड़ी राहत प्रदान की है। जिसके तहत केंद्र ने घोषणा की है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से श्वेत श्रेणी के तहत वर्णित उद्योगों को अब स्थापित और संचालित करने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों से पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।

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Non-polluting industries will no longer need approval from the board, the Center simplified the rules
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik.com

विस्तार

कम और गैर-प्रदूषणकारी उद्दोगों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत प्रदान की है। जिसके तहत प्रदूषण बोर्ड से बोर्ड से संबधित नियमों को सरल बनाने का फैसला लिया है। केंद्र ने घोषणा की है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ओर से श्वेत श्रेणी के तहत वर्णित उद्योगों को अब स्थापित और संचालित करने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों से पूर्व अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। बता दें कि श्वेत श्रेणी के उद्योग वे माने जाते हैं जिनमें न्यूनतम या नगण्य प्रदूषण क्षमता होती है जैसे बिस्किट ट्रे निर्माण आदि से संबंधित।
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समझिए अनुमति का सार 
इन अनुमतियों को आधिकारिक तौर पर ‘स्थापना के लिए सहमति’ (सीटीई) और ‘संचालन के लिए सहमति’ (सीटीओ) के रूप में जाना जाता है। स्थापना की सहमति राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से दी जाती है। नए नियमों के तहत, श्वेत श्रेणी के अंतर्गत आने वाले उद्योगों को राज्य प्रदूषण बोर्ड से अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी और इन अनुमतियों को पर्यावरण मंत्रालय की ओर से दी गई पर्यावरण मंजूरी के साथ मिला दिया गया है।
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केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचना
12 नवंबर को जारी अधिसूचना में, पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि प्रदूषण सूचकांक पर 20 तक स्कोर करने वाले औद्योगिक संयंत्र अब वायु (रोकथाम और नियंत्रण) की धारा 21 की उप-धारा (1) के तहत प्रावधानों के अधीन नहीं होंगे। (प्रदूषण) अधिनियम, 1981, बशर्ते कि वे संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों या प्रदूषण नियंत्रण समितियों को लिखित रूप में सूचित करें।
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क्या है नए नियम..
वहीं नए नियमों के तहत ऐसे औद्योगिक संयंत्रों को छूट दी गई है जिनका प्रदूषण सूचकांक स्कोर 20 या उससे कम है और जो 2006 के पर्यावरण मंत्रालय की अधिसूचना के तहत पहले ही पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त कर चुके हैं। हालांकि, इन संयंत्रों को अपने संबंधित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) या प्रदूषण नियंत्रण समितियों (PCC) को अपने संचालन के बारे में लिखित रूप में सूचित करना होगा।


श्वेत श्रेणी में आने वाले उद्योग
श्वेत श्रेणी के उद्योग में एयर कूलर, कंडीशनर की असेंबली, मरम्मत और सर्विसिंग, साइकिल, बेबी कैरिज और अन्य छोटे गैर मोटर चालित वाहनों की असेंबली, बेकार कागजों की बैलिंग (हाइड्रोलिक प्रेस), अकार्बनिक रसायनों का उपयोग किए बिना जैव उर्वरक और जैव-कीटनाशक, रोल्ड पीवीसी शीट से बिस्कुट ट्रे आदि (स्वचालित वैक्यूम बनाने वाली मशीनों का उपयोग करके।
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