Karnataka: यौन शोषण के आरोपी मुरुगा मठ प्रमुख के खिलाफ गैर जमानती वारंट, साईनाथ लौटाएंगे मठ से मिला पुरस्कार
वरिष्ठ पत्रकार और रमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित पी. साईनाथ ने मुरुघा मठ से मिले बसवश्री पुरस्कार को वापस करने की घोषणा की है।मुख्य पुजारी शिवमूर्ति पर यौन शोषण के आरोपों के बाद साईनाथ ने अपने ट्वीट में पुरस्कार लौटाने के फैसले की जानकारी दी।
विस्तार
यौन शोषण के आरोप में घिरे मुरुघा मठ के मुख्य पुजारी शिवमूर्ति मुरुघा शरनाणु की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं। अब बेंगलुरू की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने केंगेरी होबली में एक संपत्ति मामले में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। यह विवाद सुलिकेरे गांव में सात एकड़ संपत्ति से जुड़ा है। यह जमीन जिस कीमत पर कथित रूप से बेची गयी थी, वह बाजार मूल्य से बहुम कम थी।
मुरुघा मठ के मुख्य पुजारी शिवमूर्ति की जमानत अर्जी सोमवार तक टली
यौन उत्पीड़न के आरोपी मुरुघा मठ के मुख्य पुजारी शिवमूर्ति मुरुघा शरनाणु की अग्रिम जमानत की अर्जी को चित्रदुर्ग जिला अदालत ने सोमवार तक के लिए टाल दिया है।सभी चार आरोपियों के लिए अग्रिम जमानत की मांग करने वाली अग्रिम जमानत याचिका जब अदालत के सामने आई तो अदालत ने राज्य के लोक अभियोजक से सोमवार को जमानत अर्जी पर आपत्ति दर्ज करने को कहा।
सूत्र के मुताबिक, शिवमूर्ति ने चिकित्सा आधार पर जमानत के लिए याचिका दायर की थी। फिलहाल पुलिस द्वारा चित्रदुर्ग कस्बे के डीएसपी कार्यालय में शिवमूर्ति से पूछताछ की जा रही है।
मठ के श्रद्धालु पीएस प्रकाश ने एक आपराधिक शिकायत दर्ज की है। इस मामले में पेश नहीं होने पर अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने शिवमूर्ति के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया। मामले की सुनवाई 10 नवंबर के लिए स्थगित कर दी गयी है।
पी. साईनाथ ने लौटाया पुरस्कार
उधर, वरिष्ठ पत्रकार और रमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित पी. साईनाथ ने मुरुघा मठ से मिले बसवश्री पुरस्कार को वापस करने की घोषणा की है। यह पुरस्कार उन्हें 2017 में प्रदान किया गया था। मुख्य पुजारी शिवमूर्ति पर यौन शोषण के आरोपों के बाद साईनाथ ने अपने ट्वीट में पुरस्कार लौटाने के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, पीड़िताओं के साथ एकजुटता और इस मामले में इंसाफ के लिए मैं बसवश्री पुरस्कार (पांच लाख रुपये की पुरस्कार रााशि) वापस कर रहा हूं, जो मुझे वर्ष 2017 में मठ द्वारा दी गई थी।
चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गए संत शिवमूर्ति
नाबालिगों के साथ यौन शोषण के आरोपों के बाद शिवमूर्ति के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मामल दर्ज किया गया था। उन्हें गुरुवार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद शिवमूर्ति को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। वह पांच सितंबर तक पुलिस हिरासत में रहेंगे। पुलिस ने कोर्ट से शरणारू की पांच दिन की हिरासत मांगी थी।
क्या है मामला?
दरअसल, शिवमूर्ति समेत पांच व्यक्तियों पर उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं के यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है। उनके खिलाफ पॉक्सो कानून के तहत मैसूर पुलिस ने दो नाबालिगों की शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की है। जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी की शिकायत के आधार पर मठ के छात्रावास के वार्डन समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जानकारी के मुताबिक, लड़कियों ने मैसूर स्थित एक गैर-सरकारी संगठन 'ओदानदी सेवा संस्थान' से संपर्क किया और काउंसलिंग के दौरान अपने साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में जानकारी दी।
केस का समर्थन करने वालों को मिल रही धमकी
मुरुगा मठ के संत शिवमूर्ति मुरुघा शरणारू के खिलाफ दायर पोक्सो केस और पीड़िता का समर्थन करने के लिए स्टेनली, परशु और मैसूर में ओडानाडी संस्थान के कर्मचारियों को धमकी भरे कॉल आ रहे हैं। समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में संस्थान ने मैसूर पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। संस्थान ने व्यक्तिगत सुरक्षा की भी मांग की है।