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असमानता: 113 देशों में कभी सत्ता में नहीं आई महिला; 141 देशों के कैबिनेट मंत्रियों में हिस्सेदारी बेहद कम
Fri, 28 Jun 2024 05:25 AM IST
शिव शरण शुक्ला
अमर उजाला नेटवर्क
अमर उजाला नेटवर्क
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Fri, 28 Jun 2024 05:25 AM IST
सार
लोकतंत्र की दृष्टिकोण से 2024 इतिहास का सबसे बड़ा चुनावी वर्ष है। इसके बावजूद सत्ता में महिलाओं की हिस्सेदारी अब भी कोई खास अच्छी नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : एएनआई
विस्तार
भले ही दुनिया में महिलाओं की समानता को लेकर कितनी भी बड़ी-बड़ी बाते की जाती हों लेकिन सच यही है कि अभी भी महिलाओं को पुरुषों के बराबर दर्जा नहीं मिला है। इसकी एक झलक सत्ता के गलियारों में भी देखी जा सकती है।
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दुनिया के 113 देशों में कभी कोई महिला राष्ट्राध्यक्ष या सरकार में प्रमुख पद पर नहीं रही। इतना ही नहीं 141 देशों के कैबिनेट मंत्रियों में महिलाओं की हिस्सेदारी एक तिहाई से भी कम है। यूएन वीमेन की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2022 के आंकड़ों में दुनिया की कुल आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी करीब-करीब आधी (49.7) है। बावजूद सत्ता के गलियारों तक उनकी सीमित पहुंच है। वैश्विक स्तर पर निर्णय लेने में महिलाओं का सीमित प्रतिनिधित्व आधी आबादी के लिए चिंताजनक है। इस दिशा में प्रगति हुई है, लेकिन इसके बावजूद अभी भी महिलाएं सत्ता और कूटनीति से काफी हद तक दूर हैं। निर्णय लेने वाली शीर्ष भूमिकाओं में आज भी पुरुषों का दबदबा कायम है।
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वर्तमान में केवल 26 देशों की बागडोर महिला के हाथ में
लोकतंत्र की दृष्टिकोण से 2024 इतिहास का सबसे बड़ा चुनावी वर्ष है। इसके बावजूद सत्ता में महिलाओं की हिस्सेदारी अब भी कोई खास अच्छी नहीं है। वर्तमान में केवल 26 देशों की बागडोर महिलाओं के हाथ में है। करीब एक दशक पहले यह संख्या मात्र 18 थी। एक जनवरी 2024 तक के तथ्यों के अनुसार दुनिया में केवल 23.3% मंत्री पद महिलाओं के पास हैं। सात देशों की कैबिनेट में तो कोई महिला प्रतिनिधि नहीं है।
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भारत में दो बार बनीं महिला पीएम
रिपोर्ट के अनुसार भारत इस दिशा में अग्रणी है, क्योंकि देश की राष्ट्रपति एक महिला हैं। आजादी के बाद से अब तक देश में 20 बार प्रधानमंत्री बदले हैं, इसके बावजूद केवल दो बार 1966 व 1980 में देश की कमान किसी महिला के हाथ रही। दोनों ही बार यह श्रेय स्वर्गीय इंदिरा गांधी को मिला है। इसी तरह आजादी के बाद भारत में 15 बार राष्ट्रपति चुने गए, लेकिन उसमें केवल दो बार महिलाओं को यह गौरव मिल सका है।
नई सरकार के 32 कैबिनेट मंत्रियों में केवल दो महिलाएं
भारत में जुलाई 2007 में प्रतिभा देवी सिंह पाटिल देश की पहली महिला राष्ट्रपति चुनीं गईं। इसके बाद जुलाई 2022 में श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को पद मिला है। यानी इस दौरान 35 बार देश में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री चुने गए हैं, उनमें से केवल तीन बार इन शीर्ष पदों पर कोई महिला बैठी थी। हाल ही में बनी कैबिनेट में भी 32 कैबिनेट मंत्रियों में से केवल दो महिलाएं हैं। नवनिर्वाचित 46 राज्यमंत्रियों में भी सिर्फ पांच महिलाएं हैं। 2019 में 78 के मुकाबले 2024 में महिला सांसदों की संख्या घटकर 74 रह गई है।