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Ketan Murder Case: 'ऐसा कोई गवाह नहीं, जो यह साबित कर सके कि सिया ने अपराध किया', आरोपी के वकील का बड़ा दावा

Fri, 26 Jun 2026 09:03 PM IST
प्रशांत तिवारी एएनआई, मुंबई
एएनआई, मुंबई Published by: प्रशांत तिवारी Updated Fri, 26 Jun 2026 09:03 PM IST
सार

केतन अग्रवाल मर्डर केस में आरोपी सिया गोयल के वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि उनकी मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं। फिलहाल ऐसा कोई स्वतंत्र गवाह नहीं है जो सिया पर अपराध साबित करता हो। बचाव पक्ष 29 तारीख को अदालत में न्यायिक हिरासत की मांग करेगा, जबकि पुलिस यदि रिमांड मांगेगी तो उसे उसका आधार बताना होगा।

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No witness can prove that Siya committed crime Accused lawyer makes major claim in Ketan murder case
केतन हत्याकांड - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केतन अग्रवाल मर्डर केस में आरोपी सिया गोयल की ओर से पेश हुए वकील आशुतोष श्रीवास्तव ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, 'पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस अपनी जांच निष्पक्ष तरीके से कर रही है। शुरुआत में यह मामला हादसे में हुई मौत (एक्सीडेंटल डेथ) के रूप में दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की, जो अभी भी जारी है। हमारी मुवक्किल सिया गोयल जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं, ताकि पुलिस सही निष्कर्ष तक पहुंच सके, उचित चार्जशीट दाखिल कर सके और सच्चाई सामने आ सके।

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'सिया के खिलाफ सबूत नहीं'
आशुतोष श्रीवास्तव ने आगे कहा, 'फिलहाल इस मामले में चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है, जिसके बाद कई बातें और स्पष्ट होंगी। लेकिन मेरा मानना है कि ऐसा कोई स्वतंत्र गवाह मौजूद नहीं है, जो यह साबित कर सके कि मेरी मुवक्किल ने कोई अपराध किया है।' 
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'पुलिस के सामने दिया गया बयान सबूत नहीं'
अपनी बात को आगे रखते हुए सिया के वकील ने कहा कि पुलिस के समक्ष दिया गया कोई भी बयान भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) की धारा 23 के तहत न्यायालय में स्वीकार्य साक्ष्य नहीं माना जाता, जब तक कि वह बयान किसी मजिस्ट्रेट के समक्ष, पुलिस की अनुपस्थिति में और कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दर्ज न किया गया हो। उन्होंने कहा कि भारतीय कानून यह भी स्पष्ट करता है कि किसी भी आरोपी को स्वयं अपने विरुद्ध साक्ष्य देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। मैं और मेरी पूरी कानूनी टीम इस मामले की हर प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल पुलिस ने अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की है, इसलिए हम जांच एजेंसी द्वारा दायर की जाने वाली चार्जशीट का इंतजार कर रहे हैं।

सिया के लिए मांगी जाएगी न्यायिक हिरासत
आशुतोष ने आगे कहा, 'हम चाहते हैं कि इस मामले में सभी पक्षों को न्याय मिले चाहे वह पीड़ित और उनका परिवार हो या फिर आरोपी और उनका परिवार। 29 तारीख को हम अदालत के सामने अपना पक्ष रखेंगे। हमारी ओर से सिया गोयल के लिए न्यायिक हिरासत (ज्यूडिशियल कस्टडी) की मांग की जाएगी।' यदि पुलिस उनकी पुलिस रिमांड की मांग करती है, तो उसे अदालत के सामने यह स्पष्ट करना होगा कि रिमांड की आवश्यकता क्यों है। 29 तारीख को दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रखेंगे, जिसके बाद अदालत न्याय के हित में जो उचित होगा, वही फैसला सुनाएगी।' 

उज्ज्वल निकम बनाए गए स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर 
इस बेहद हाई प्रोफाइल मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया गया है। निकम ने बताया कि शुक्रवार दोपहर उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का फोन आया था। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि केतन अग्रवाल के परिवार ने उनसे मुलाकात कर इस मामले में उन्हें स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर बनाने का अनुरोध किया था। जिसके बाद मुख्यमंत्री ने मुझसे केस में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के तौर पर काम करने का अनुरोध किया। मैंने उनकी बात स्वीकार करते हुए यह जिम्मेदारी संभालने के लिए हामी भर दी।'


ये भी पढ़ें: केतन मर्डर केस: फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस, अब कसाब को फांसी दिलाने वाले उज्ज्वल निकम लड़ेंगे मुकदमा

सरकार ने किया फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन
बेटे के लिए इंसाफ मांगने के लिए केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर बेटे के लिए न्याय की मांग की। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने तुरंत इस मामले की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री ने कानून एवं न्याय विभाग के सचिव को इस संबंध में जरूरी प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इससे साफ है कि सरकार इस मामले की सुनवाई को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाना चाहती है।

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