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अविश्वास प्रस्ताव: पक्ष या विपक्ष के खेमे में दिखा 2019 का ट्रेलर

Sat, 21 Jul 2018 09:09 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 21 Jul 2018 09:09 AM IST
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No Trust debate happen in parliament only some laugh and wink grabbed the eyeballs

लोकसभा में शुक्रवार को 15 साल बाद किसी सत्तासीन पार्टी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था। इसपर लगभग सभी पार्टियों ने बहस की। हालांकि टीआरएस, बीजेडी, एआईडीएमके और शिवसेना ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। वहीं सदन में गले लगना और आंख मारना छाया रहा। इस साल के अंत में तीन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, वहीं अगले साल लोकसभा चुनाव हैं। मगर कहीं अविश्वास प्रस्ताव पर तीखी बहस होती नहीं दिखाई दी।

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शिरोमणि अकाली दल के सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से पूछा कि क्या उन्हें कभी 1984 के दंगों की विधवाओं और उस घटना में बचे लोगों से इस तरह गले मिलने का समय मिला है जैसा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाने के लिए समय निकाला। इसके बाद हरसिमरत कौर ने राहुल से पूछा कि वह सदन में आने से पहले क्या खाकर आए थे। वहीं राहुल ने दावा किया कि पीएम मोदी पर जब वह तीखे हमले कर रहे थे उस दौरान कौर हंस रही थीं।
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भाजपा के राकेश सिंह जिन्हें हाल ही में मध्यप्रदेश भाजपा ईकाई का अध्यक्ष बनाया गया है, उन्होंने एमपी, छत्तीसगढ़, राजस्थान में सरकार द्वारा कराए गए कामों का रिकॉर्ड पेश किया। ऐसा लग रहा था कि वह किसी राज्य की विधानसभा को संबोधित कर रहे हैं। जब उन्हें ज्योदिरादित्य सिंधिया ने टोका तो उन्होंने कहा, 'आपको पता होना चाहिए कि परियोजनाओं को लागू करवाने में भाजपा का क्या मतलब होता है।' कांग्रेस द्वारा खलल डालने पर भाजपा के चीफ व्हिप अनुराग ठाकुर ने कहा, 'हम तुम्हारे नेता को बोलने नहीं देंगे। तुम्हें यह पता होना चाहिए।' इसकी वजह से विपक्ष अपनी बेंच पर हूटिंग करने के साथ ही चिल्लाने लगा। जिसके बाद अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
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महाजन ने राहुल गांधी को स्पष्ट तौर पर बताया कि संसद में बोलने और आम सभा में बोलने के बीच क्या भिन्नता है। उन्होंने राहुल को कड़े तौर पर समझाते हुए कहा कि संसद की गरिमा को बनाए रखें। जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोग उनके खिलाफ बोलने लगे। लोग पूछने लगे कि क्या स्पीकर का पद पक्षपातपूर्ण है। अपनी बात रखने के दौरान राहुल ने कहा कि पीएम मोदी घरेलू परेशानियों को सुनने के बजाए विदेश जाते रहते हैं। उन्होंने चर्चा के दौरान कुछ लोगों के नाम लिए जैसे ट्रंप और ओबामा। कुछ मिनटों बाद राहुल ने मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वह उनकी आंखों में आंख डालकर नहीं देख सकते हैं। कुल मिलाकर संसद भवन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा कम और एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने का दौर ज्यादा दिखाई दिया।

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