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DoPT: 'IAS अफसर दो दिन से अधिक हिरासत में रहे तो निलंबन के लिए केंद्र की पुष्टि जरूरी नहीं', सरकार का आदेश

Tue, 20 Jun 2023 08:07 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 20 Jun 2023 08:07 PM IST
सार

DoPT: सरकार की ओर से यह स्पष्टीकरण तब सामने आया है, जब उसे अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के प्रावधानों के तहत निलंबन के मुद्दे और पुष्टि से जुड़े कई सवाल मिले हैं। तीन अखिल भारतीय सेवाएं हैं- आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस।

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No confirmation of suspension needed if IAS, IPS officers remain in detention for over 48 hours Centre
कार्मिक मंत्रालय - फोटो : एजेंसी (फाइल)

विस्तार

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) या भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) का कोई अधिकारी 48 घंटे से ज्यादा समय तक हिरासत में रहता है, तो केंद्र सरकार से निलंबन की पुष्टि की आवश्यकता नहीं है। केंद्र ने मंगलवार को यह स्पष्टीकरण दिया है। 

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सरकार की ओर से यह स्पष्टीकरण तब सामने आया है, जब उसे अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के प्रावधानों के तहत निलंबन के मुद्दे और पुष्टि से जुड़े कई सवाल मिले हैं। तीन अखिल भारतीय सेवाएं (एआईएस) हैं- आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस।
 

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48 घंटे से ज्यादा की हिरासत पर निलंबित माना जाएगा अधिकारी
मौजूदा प्रावधानों के मुताबिक, सेवा का एक सदस्य चाहे आपराधिक आरोप में या अन्य में 48 घंटे से अधिक की अवधि के लिए आधिकारिक हिरासत में रखा गया हो, इस नियम के तहत संबंधित सरकार द्वारा निलंबित माना जाएगा। 

 

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सरकार ने अपने आदेश में क्या कहा?
कार्मिक विभाग की ओर से एक आदेश में कहा गया कि अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के 3(2) के आलोक में मामले की जांच की गई है। तदनुसार, यह स्पष्ट किया जाता है कि नियम 3 (2) के तहत निलंबन के मामलों में केंद्र सरकार द्वारा निलंबन की पुष्टि उस अवधि के लिए आवश्यक नहीं है, जब सरकारी कर्मचारी हिरासत में रहता है।  निलंबन की पुष्टि पर सवाल तभी उठ सकता है, यदि हिरासत से रिहाई के बाद अगर सरकार निलंबन जारी रखने का इरादा रखती है।

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