{"_id":"680bc5a23040d06fde009b8c","slug":"nmcg-greenlights-2025-action-plan-to-boost-urban-river-rejuvenation-across-india-2025-04-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"NMCG: 145 शहरों में नदियों की सफाई के लिए कार्ययोजना को मंजूरी; 25 नए शहर चिन्हित, 60 के लिए बन रही योजना","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
NMCG: 145 शहरों में नदियों की सफाई के लिए कार्ययोजना को मंजूरी; 25 नए शहर चिन्हित, 60 के लिए बन रही योजना
Fri, 25 Apr 2025 10:56 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 25 Apr 2025 10:56 PM IST
सार
राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने शुक्रवार को एक योजना को मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य देश भर के 145 शहरों में शहरी नदी पुनरुद्धार प्रयासों को आगे बढ़ाना है, जो नदी-केंद्रित शहरी शासन की गति पर आधारित है।
विज्ञापन
सीआर पाटिल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री
- फोटो : X / @CRPaatil
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश भर के 145 शहरों में नदियों की सफाई प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने शुक्रवार को कार्ययोजना को मंजूरी दी है। जल शक्ति मंत्रालय और आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की ओर से संयुक्त रूप से शुरू की गई 2025 कार्य योजना में नदियों पर केंद्रित मास्टर प्लानिंग (आरएसएमपी), क्षमता निर्माण और अंतर-शहर सहयोग पर जोर दिया गया है। इसके तहत शहरी नदी प्रबंधन योजनाओं (यूआरएमपी) को प्राथमिकता दी जा रही है, जिसमें इस वर्ष 25 नए शहरों को चिन्हित किया गया है और 60 अन्य शहरों के लिए योजनाएं तैयार की जा रही हैं। इसमें कहा गया है कि शहरी योजनाकारों और प्रशासकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम तमिलनाडु में शुरू किया जाएगा, अन्य राज्य भी इसका अनुसरण करेंगे।
यह भी पढ़ें - SC: 'मुसलमानों की धार्मिक प्रथाओं का सम्मान करता है वक्फ कानून', केंद्र ने शीर्ष कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा
इस बारे में जल शक्ति मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि कुछ शहरों ने इस दिशा में पहले ही उल्लेखनीय प्रगति की है। कानपुर, अयोध्या, छत्रपति संभाजीनगर, मुरादाबाद और बरेली जैसे शहरों ने अपनी यूआरएमपी को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। विशेष रूप से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) में चल रहे खम नदी बहाली मिशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है, जिसे विश्व संसाधन संस्थान (डब्ल्यूआरआई) के प्रतिष्ठित रॉस सेंटर प्राइज फॉर सिटीज से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारत की नदी पुनर्जीवन पहलों की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।
विज्ञापन
विश्व बैंक के सहयोग से गठित की गई हैं समितियां
मिशन को और गति देने के लिए विश्व बैंक के सहयोग से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और प. बंगाल जैसे राज्यों में विशेष स्टीयरिंग समितियों का गठन किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए भी एक विशेष यूआरएमपी तैयार की जा रही है, जिसे अन्य महानगरीय शहरों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना में नदियों को केवल जलधाराओं के रूप में नहीं, बल्कि समग्र पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में पुनर्परिभाषित किया जाएगा।
यह भी पढ़ें - Murshidabad Violence: हिंसा के बाद मुर्शिदाबाद SP सूर्य प्रताप यादव का तबादला; IPS कुमार सनी राज बने नए एसपी
समन्वित प्रयासों के लिए एनएमसीजी जारी करेगा एडवाइजरी
समन्वित प्रयासों को सुनिश्चित करने के लिए एनएमसीजी की ओर से नदी बेसिन, जिला और शहर स्तर पर एक समेकित एडवाइजरी जारी की जाएगी। साथ ही सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के उद्देश्य से 'मंडे स्पॉटलाइट्स' नाम की एक नई पहल शुरू की जा रही है। इसके तहत हर सप्ताह सफल नदी पुनर्जीवन परियोजनाओं के केस स्टडी प्रकाशित किए जाएंगे।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - SC: 'मुसलमानों की धार्मिक प्रथाओं का सम्मान करता है वक्फ कानून', केंद्र ने शीर्ष कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा
विज्ञापन
इस बारे में जल शक्ति मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि कुछ शहरों ने इस दिशा में पहले ही उल्लेखनीय प्रगति की है। कानपुर, अयोध्या, छत्रपति संभाजीनगर, मुरादाबाद और बरेली जैसे शहरों ने अपनी यूआरएमपी को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। विशेष रूप से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) में चल रहे खम नदी बहाली मिशन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है, जिसे विश्व संसाधन संस्थान (डब्ल्यूआरआई) के प्रतिष्ठित रॉस सेंटर प्राइज फॉर सिटीज से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारत की नदी पुनर्जीवन पहलों की वैश्विक प्रासंगिकता को रेखांकित करता है।
विज्ञापन
विश्व बैंक के सहयोग से गठित की गई हैं समितियां
मिशन को और गति देने के लिए विश्व बैंक के सहयोग से उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार और प. बंगाल जैसे राज्यों में विशेष स्टीयरिंग समितियों का गठन किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए भी एक विशेष यूआरएमपी तैयार की जा रही है, जिसे अन्य महानगरीय शहरों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस योजना में नदियों को केवल जलधाराओं के रूप में नहीं, बल्कि समग्र पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में पुनर्परिभाषित किया जाएगा।
यह भी पढ़ें - Murshidabad Violence: हिंसा के बाद मुर्शिदाबाद SP सूर्य प्रताप यादव का तबादला; IPS कुमार सनी राज बने नए एसपी
समन्वित प्रयासों के लिए एनएमसीजी जारी करेगा एडवाइजरी
समन्वित प्रयासों को सुनिश्चित करने के लिए एनएमसीजी की ओर से नदी बेसिन, जिला और शहर स्तर पर एक समेकित एडवाइजरी जारी की जाएगी। साथ ही सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के उद्देश्य से 'मंडे स्पॉटलाइट्स' नाम की एक नई पहल शुरू की जा रही है। इसके तहत हर सप्ताह सफल नदी पुनर्जीवन परियोजनाओं के केस स्टडी प्रकाशित किए जाएंगे।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन