फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Nitish Kumar can be made coordinator of the opposition alliance, Congress can bring a proposal

I.N.D.I.A.: नीतीश बन सकते हैं विपक्षी गठबंधन के संयोजक; नाराजगी दूर करने के लिए कांग्रेस ला सकती है प्रस्ताव

Tue, 02 Jan 2024 04:50 AM IST
शिव शरण शुक्ला हिमांशु मिश्र
हिमांशु मिश्र Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 02 Jan 2024 04:50 AM IST
सार

नीतीश ने बीते शुक्रवार को हुई पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में परोक्ष रूप से अपनी अनदेखी का आरोप लगाया था। उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि बिहार जाति गणना और आरक्षण का दायरा बढ़ाने के उनके ऐतिहासिक फैसले का कांग्रेस कहीं जिक्र नहीं कर रही। इसी बैठक में नीतीश ने ललन सिंह से इस्तीफा लेकर संगठन की कमान खुद संभाल ली थी।

विज्ञापन
Nitish Kumar can be made coordinator of the opposition alliance, Congress can bring a proposal
सीएम नीतीश कुमार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी गठंबधन इंडिया के संयोजक बन सकते हैं। नाराज नीतीश को मनाने के लिए कांग्रेस गठबंधन की अगली बैठक में इस आशय का प्रस्ताव ला सकती है। दरअसल, कांग्रेस नीतीश की नाराजगी से ही नहीं, बल्कि बिहार में जदयू-राजद के बीच बढ़ती खटास से भी बेचैन है। डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव छह जनवरी से तय अपनी ऑस्ट्रेलिया यात्रा को रद्द कर चुके हैं, जिसके लिए भी खटास को जिम्मेदार माना जा रहा है।

विज्ञापन


दरअसल, नीतीश ने बीते शुक्रवार को हुई पार्टी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में परोक्ष रूप से अपनी अनदेखी का आरोप लगाया था। उन्होंने अपने भाषण में कहा था कि बिहार जाति गणना और आरक्षण का दायरा बढ़ाने के उनके ऐतिहासिक फैसले का कांग्रेस कहीं जिक्र नहीं कर रही। इसी बैठक में नीतीश ने ललन सिंह से इस्तीफा लेकर संगठन की कमान खुद संभाल ली थी।
विज्ञापन


राजद-जदयू के बीच बढ़ी खटास
बिहार में आपसी विश्वास कम होने के कारण राजद और जदयू के रिश्ते की खाई और चौड़ी होती जा रही है। डिप्टी सीएम तेजस्वी ने बीते एक महीने में कई अहम अवसरों पर सीएम के साथ मंच साझा नहीं किया है। राजद नेताओं का कहना है कि पार्टी अब सरकार की सहयोगी है, बावजूद नीतीश उनकी पार्टी को कुशासन के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। दूसरी ओर, जदयू के नेताओं का मानना है कि तेजस्वी की ताजपोशी के लिए राजद की ओर से पार्टी को तोड़ने की कोशिश हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसलिए खराब हुए रिश्ते
राजद-जदयू के संबंध सत्ता पर नियंत्रण के सवाल पर खराब हुए हैं। राजद चाहता है कि नीतीश जल्द से जल्द तेजस्वी की ताजपोशी की घोषणा करें। इसके उलट जदयू का कहना है कि नीतीश ने पहले ही कहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव तेजस्वी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। जाहिर तौर पर नीतीश सीएम की कुर्सी को साथ रखकर राष्ट्रीय राजनीति में किस्मत आजमाना चाहते हैं।


नई करवट ले सकती है बिहार की राजनीति
जिस तरह से जदयू-राजद के बीच खटास बढ़ी है, उससे बिहार की राजनीति नई करवट ले सकती है। वर्तमान सियासी समीकरण की बात करें तो राजद को कांग्रेस और वाम दलों के साथ 114 विधायकों का समर्थन हासिल है। बहुमत के लिए उसे आठ विधायकों की जरूरत है। जदयू के पास 43 तो भाजपा के पास 74 विधायक हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed