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Nitin Gadkari: क्या किसी मुस्लिम देश में महिलाओं के लिए अलग-अलग कानून हैं? यूनिफॉर्म सिविल कोड पर बोले गडकरी
Fri, 09 Dec 2022 07:44 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 09 Dec 2022 07:44 PM IST
सार
गडकरी ने कहा कि किसी भी धर्म की महिलाओं चाहे वे हिंदू, मुस्लिम या सिख हों समान अधिकार मिलना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने यह भी पूछा कि दुनिया के किस मुस्लिम देश में दो नागरिक संहिता हैं?
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नितिन गडकरी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दिल्ली में एक निजी चैनल के कार्यक्रम में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई पुरुष किसी महिला से शादी करता है तो यह स्वाभाविक है। लेकिन अगर कोई चार शादियां करता है तो यह अप्राकृतिक है। इसलिए प्रगतिशील और शिक्षित मुसलमान ऐसा नहीं करते हैं। केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि समाज में गुणात्मक परिवर्तन होना चाहिए। यह किसी धर्म या संप्रदाय के खिलाफ नहीं है। हमें मिलकर देश का विकास करना चाहिए।
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क्या किसी मुस्लिम देश में दो नागरिक संहिता हैं?: गडकरी
गडकरी ने कहा कि किसी भी धर्म की महिलाओं चाहे वे हिंदू, मुस्लिम या सिख हों समान अधिकार मिलना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने यह भी पूछा कि दुनिया के किस मुस्लिम देश में दो नागरिक संहिता हैं? किस मुस्लिम देश में महिलाओं के लिए धर्म के आधार पर कानून बनाए गए हैं? फिर भारत में क्यों?
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राज्य और सभी दल सामूहिक निर्णय लेते हैं तो यह मानवता के लिए अच्छा होगा: गडकरी
अगर केंद्र सरकार किसी मुद्दे पर निर्णय लेती है और राज्य आपत्ति करते हैं, तो जो संदेश जाएगा वह अच्छा नहीं होगा क्योंकि समवर्ती सूची है। इसलिए मुझे लगता है कि अगर राज्य और सभी दल सामूहिक निर्णय लेते हैं कि यह मानवता और देश के लिए अच्छा होगा। समान नागरिक संहिता लाना गुजरात और हिमाचल प्रदेश में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में से एक था। 29 अक्तूबर को, गुजरात सरकार ने घोषणा की थी कि वह यूसीसी के कार्यान्वयन के लिए एक समिति बनाएगी। उस दिन कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया था।
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