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महाराष्ट्र की महाभारत : मैदान में उतरे गडकरी, अब मध्यस्थों के जरिए शुरू हुई बातचीत
Fri, 08 Nov 2019 02:41 AM IST
गौरव पाण्डेय
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 08 Nov 2019 02:41 AM IST
सार
- परदे के पीछे शुरू हुआ दोनों दलों के बीच बातचीत का दौर
- उद्धव ठाकरे ने भाजपा से गठबंधन न तोड़ने की बात कही
- गडकरी ने नागपुर में की संघ प्रमुख भागवत से मुलाकात
- भाजपा शिवसेना को दे सकती है अहम मंत्रालय देने का प्रस्ताव
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नितिन गडकरी (फाइल फोटो)
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विस्तार
महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना के बीच जारी खींचतान के बीच सरकार गठन की कमान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने संभाल ली है। विधानसभा की मियाद खत्म होने से महज 48 घंटे पहले परदे के पीछे से दोनों दलों के बीच बातचीत भी शुरू हो गई है।
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शिवसेना को मनाने के लिए भाजपा नेतृत्व परिवर्तन का विकल्प चुन सकती है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भी गठबंधन न तोड़ने की बात कह कर सकारात्मक संकेत दिया है। गडकरी ने गुरुवार को नागपुर पहुंचकर संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की और गठबंधन सरकार बनने की बात कही।
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सूत्रों के मुताबिक खींचतान खत्म करने के लिए संघ और भाजपा नेतृत्व ने गडकरी को उतारा है। इसके बाद दोनों दलों के बीच पहली बार विश्वस्त मध्यस्थों के जरिये बातचीत शुरू हुई। दरअसल, तीखी बयानबाजी के बाद शिवसेना भाजपा के साथ आने के लिए सम्मानजनक रास्ता चाहती है।
माना जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व परिवर्तन के साथ कुछ अहम मंत्रालय शिवसेना को देने का प्रस्ताव दे सकता है। ऐसे में राज्य सरकार की कमान गडकरी के करीबी सुधीर मुनगंटीवार को दी जा सकती है। शिवसेना पहले भी गडकरी को आगे करने की मांग कर चुकी है।
भाजपा नेतृत्व की पूरी कोशिश शुक्रवार को ही सरकार गठन का रास्ता साफ करने की है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो राज्य में कुछ दिनों के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया जा सकता है। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल नौ नवंबर को पूरा हो रहा है। अगर दोनों दलों बातचीत सकारात्मक रहती है तो भाजपा शुक्रवार को ही सरकार बना सकती है।