परिकर के निधन के बाद नये मुख्यमंत्री के चयन के लिए बैठक, देर रात गोवा पहुंचे नितिन गडकरी
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर का रविवार को निधन होने के बाद राज्य में भाजपा नीत गठबंधन दलों ने एक नए नेता की तलाश में बैठक की। परिकर (63) का रविवार को उनके निजी आवास पर अग्नाशय कैंसर से निधन हो गया। आधिकारिक तौर पर कहा गया था कि वह अग्नाशय संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। वह गोवा में एक गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे थे जिसमें भाजपा, गोवा फॉरवर्ड पार्टी, एमजीपी और निर्दलीय शामिल हैं। इस बीच देर रात केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी भाजपा विधायकों से मिलने पणजी पहुंचे हैं।
रविवार को हुई बैठक में गोवा फॉरवर्ड पार्टी के प्रमुख विजय सरदेसाई सहित उनके तीन विधायकों और एमजीपी के तीन विधायकों ने राज्य परिवहन मंत्री सुदीन धवलीकर के नेतृत्व में हिस्सा लिया। माइकल लोबो, गोवा के उपाध्यक्ष और भाजपा विधायक सुदीन धवलीकर (महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के नेता) मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं।
Michael Lobo, Goa Deputy Speaker & BJP MLA: Sudin Dhavalikar (Maharashtrawadi Gomantak Party leader) wants to become the Chief Minister. He said he has sacrificed many times by supporting BJP, he has put his demand but BJP will not agree to that. #Goa pic.twitter.com/pwwymv5Uj9
— ANI (@ANI) March 18, 2019
बैठक में प्रदेश भाजपा के संगठन महासचिव सतीश धोंड, निर्दलीय विधायक और राज्य के राजस्व मंत्री रोहन खौंते तथा कला एवं संस्कृति मंत्री गोविंद गावडे भी मौजूद थे। धोंड बैठक के बीच से ही बाहर आ गए और गठबंधन के नए नेता के चयन से जुड़े मीडिया के किसी सवाल का जवाब नहीं दिया।
सरदेसाई ने कहा कि अगले नेता का फैसला गठबंधन के सभी सहयोगियों के मिलने के बाद होगा। उन्होंने कहा कि किसी गैर-विधायक को मुख्यमंत्री बनाने की सलाह मिली है, हम उस पर भी विचार कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या गठबंधन के सभी पुराने सहयोगी भाजपा के साथ हैं, सरदेसाई ने कहा कि किसी पर भी अति-विश्वास नहीं करना चाहिए।
पणजी विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले परिकर के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराने की जरूरत होगी। यह गोवा में चौथा उपचुनाव होगा। यहां 23 अप्रैल को शिरोडा, मांडरेम और मापुसा विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं। इन सीटों के लिए उपचुनाव राज्य में होने वाले लोकसभा चुनाव के साथ होंगे।
राज्य विधायी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "मुख्यमंत्री परिकर के निधन के बाद सत्तारूढ़ गठबंधन को अपना नेता चुनने के बाद राज्यपाल के समक्ष दावा पेश करना होगा। इसमें समर्थन का पत्र भी होगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यदि राज्यपाल (मृदुला सिन्हा) आश्वस्त नहीं होती हैं तो उन्हें सरकार बनाने के लिए अकेली सबसे बड़ी पार्टी को आमंत्रित करना होगा।’’ पूर्व रक्षा मंत्री परिकर को 2017 में गोवा के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ दिलायी गई थी।
कांग्रेस वर्तमान में 14 विधायकों के साथ राज्य में सबसे बड़ी पार्टी है जबकि 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में भाजपा के पास 12 विधायक हैं। गोवा फॉरवर्ड पार्टी, एमजीपी और निर्दलीयों के तीन..तीन विधायक हैं जबकि राकांपा का एक विधायक है।
इस साल के शुरू में भाजपा विधायक फ्रांसिस डिसूजा और रविवार को परिकर के निधन तथा पिछले साल कांग्रेस के दो विधायकों सुभाष शिरोडकर और दयानंद सोपटे के इस्तीफे के कारण सदन में विधायकों की संख्या 36 रह गयी है।