फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NITI Aayog : Mamata Banerjee does not come in meetings of niti aayog, whenever PM Modi calls her

नीति आयोग : मोदी का बुलाना और दीदी का न आना, ये अंदाज पुराना है

Wed, 12 Jun 2019 05:23 PM IST
Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली Published by: Jitendra Bhardwaj Updated Wed, 12 Jun 2019 05:23 PM IST
विज्ञापन
NITI Aayog : Mamata Banerjee does not come in meetings of niti aayog, whenever PM Modi calls her
ममता बनर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 15 जून को होने जा रही नीति आयोग की बैठक में भाग लेने से मना कर दिया है। हालांकि मोदी का बुलाना और दीदी का न आना, ये अंदाज पुराना है। अतीत में जाएं तो मालूम पड़ता है कि नीति आयोग के मामले में दीदी का ट्रैक रिकॉर्ड ठीक नहीं है। मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में नीति आयोग की चार बैठकें हुई थी। तीन में दीदी पहुंची नहीं, जबकि चौथी बैठक बीच में ही छोड़कर चली गईं।

विज्ञापन


मतलब, किसी मुद्दे पर दीदी ने बायकॉट कर दिया। अब मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल की पहली और नीति आयोग की पांचवीं बैठक को भी दीदी ने एक बेकार की कवायद बता दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने पत्र में ममता बनर्जी ने कहा, नीति आयोग के पास न तो कोई वित्तीय अधिकार है और न ही राज्यों की योजनाओं का समर्थन करने की शक्ति।

विज्ञापन

नीति आयोग की पहली दो बैठकों में दीदी को बुलाया, लेकिन वे नहीं आईं

पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने पिछले कार्यकाल में 8 फरवरी 2015 को नीति आयोग की पहली बैठक बुलाई थी। इसके लिए ममता बनर्जी सहित अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बुलावा भेजा गया था। दीदी नहीं आईं। दूसरी बैठक 15 जुलाई 2015 को हुई। दीदी इसमें भी गैरहाजिर रहीं। हालांकि नीतीश कुमार और अरविंद केजरीवाल के अलावा नौ राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस बैठक में नदारद रहे। 

जयललिता ने अपना प्रतिनिधि  भेजा, लेकिन वे बैठक के एजेंडे से खुश नहीं थी। मोदी सरकार ने भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापना (2 बिल 2015 संशोधन) का ड्राफ्ट तैयार किया था। कांग्रेसी मुख्यमंत्री इसी बात को लेकर नाराज थे कि यूपीए सरकार ने 2013 में जो ड्राफ्ट तैयार किया था, उसे ही अंतिम रूप दिया जाए। अगर दीदी को लेकर बात करें तो नीति आयोग की पहली और दूसरी बैठक में किसी मुद्दे पर उनका मोदी सरकार के साथ कोई सीधा टकराव नहीं था।

रोचक तथ्य : पहली बैठक में जब दीदी नहीं पहुंचीं तो कांग्रेस ने क्या कहा था

साल 2015 में जब नीति आयोग की पहली बैठक हुई तो उस दिन रविवार था। ममता नहीं आईं तो कांग्रेस पार्टी ने उन पर जमकर निशाना साधा। पश्चिम बंगाल की राज्य इकाई के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, यह ममता बनर्जी का तानाशाही रवैया है। उनकी संकीर्ण मानसिकता का परिचायक है। उनके उस व्यवहार से बंगाल को नुकसान पहुंच रहा है। दीदी की जिद बंगाल के विकास और कल्याण के साथ खिलवाड़ है। 

भाजपा नेता राहुल सिन्हा का कहना था, अगर दीदी नीति आयोग की बैठक में नहीं जाती हैं तो इसका मोदी की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हां, बंगाल के विकास पर इसका पूरा असर देखने को मिलेगा। आयोग की तीसरी बैठक 23 अप्रैल 2017 को हुई। रविवार को हुई इस बैठक में भी दीदी नहीं पहुंची थीं। 

विज्ञापन

चौथी बैठक में दीदी आईं, लेकिन बीच में उठकर चली गईं

17 जून 2018 को नीति आयोग की चौथी बैठक बुलाई गई। इसमें दीदी आईं, मगर बीच में ही उठकर चली गईं। इस बार भी पश्चिम बंगाल को लेकर कोई मुद्दा नहीं था। वे यह कह कर बैठक से बाहर आ गईं कि इसमें दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को क्यों नहीं बुलाया गया। ममता का आरोप था कि मोदी सरकार केजरीवाल को परेशान कर रही है।

अब नीति आयोग की पांचवीं बैठक 15 जून को हो रही है। आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार कहते हैं, उन्हें उम्मीद है कि दीदी बैठक में पहुंचेंगी। दूसरी ओर, मंगलवार को कोलकाता के कॉलेज स्ट्रीट और विद्यासागर कॉलेज में ईश्वरचंद्र विद्यासागर की प्रतिमा का अनावरण करते हुए उन्होंने कहा, मैं गवर्नर का सम्मान करती हूं, लेकिन हर संवैधानिक पद की कुछ सीमाएं भी होती हैं।

उन्होंने कहा कि बंगाल को बदनाम किया जा रहा है। यदि आप बंगाल और उसकी संस्कृति को बचाना चाहते हैं तो फिर साथ आइए। बंगाल को गुजरात बनाने की योजना है, लेकिन बंगाल गुजरात नहीं है। उन्होंने दावा कि भाजपा बंगाल को गुजरात बनाने की कोशिश कर रही है। बनर्जी ने कहा कि मैं जेल जाने के लिए तैयार हूं लेकिन यह नहीं होने दूंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed