हनीट्रैप के जाल में फंसा डीआरडीओ का इंजीनियर, ब्रह्मोस की जानकारी लीक करने का आरोप
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उत्तर प्रदेश आतंक निरोधी दस्ते (एटीएस) और मिलिट्री इंटेलीजेंस ने हनीट्रैप के मामले में नागपुर से डीआरडीओ के सीनियर इंजीनियर को गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए इंजीनियर पर आरोप है कि ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट में काम करते हुए उसने ब्रह्मोस संबंधी तकनीकी और अन्य खुफिया जानकारियां पाकिस्तान और अमेरिका को पहुंचाई हैं।
निशांत अग्रवाल नाम का यह शख्स ब्रह्मोस की नागपुर यूनिट में काम करता है। एटीएस फिलहाल इस शख्स से पूछताछ कर रही है और इसके बारे में और जानकारियां जुटाने में लगी हुई है। यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इससे पहले उसने कौन-कौन सी सूचनाएं दुश्मन देश पाकिस्तान और अमेरिका तक पहुंचाई है।
निशांत की गिरफ्तारी के बाद यूपीएटीएस के पुलिस महानीरिक्षक ने बताया कि निशांत अग्रवाल के निजी कंप्यूटर से बहुत संवेदनशील सूचनाएं मिली है। उन्होंने कहा कि वह फेसबुक पर फेक आईडी द्वारा पाकिस्तान की आईडी से चैटिंग करता था। लड़कियों की फेक आईडी से संपर्क किया गया है। इस मामले में कई और लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। यही नहीं निशांत के घर पर भी यूपीएटीएस ने छापेमारी की है।
निशांत पर पिछले काफी दिनों से एटीएस को शक था आखिरकार इसे सोमवार को एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया। बता दें कि नागपुर में ब्रह्मोस एयरोस्पेस है जहां भारत और रूस की मदद से ब्रह्मोस का निर्माण किया जाता है।
कथित एजेंट को उत्तर प्रदेश एटीएस और सैन्य खुफिया अधिकारियों ने एक संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि उसे ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत पकड़ा गया है। बताया यह भी जा रहा है कि निशांत को 2017-18 का यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड भी मिल चुका है।
Very sensitive info was found on his personal computer. The name of the person is Nishant Agarwal. We also found evidence of him chatting on facebook with Pakistan based IDs: Aseem Arun,IG UP ATS on a person working at Brahmos Unit in Nagpur arrested on the charges of spying. pic.twitter.com/KS5ZYgOq8p
— ANI (@ANI) October 8, 2018