रक्षा मंत्रालय खरीदेगा घरेलू हथियार, डिफेंस कॉरिडोर की बैठक में निर्मला सीतारमण ने किया ऐलान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में जिस तरह सुरक्षा की चुनौती है, उस लिहाज से रक्षा उपकरण तैयार करने वाली विदेशी कंपनियों की तरह घरेलू उद्यमियों को भी बराबर का सम्मान मिलना चाहिए। कर्नाटक और उत्तर प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर स्थापित करने का यही उद्देश्य है। इनकी स्थापना के बाद रक्षा मंत्रालय घरेलू हथियारों को खरीदने पर अधिक जोर देगा। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों को उत्तर प्रदेश में सुरक्षित उद्योग का भरोसा दिलाया।
सोमवार को आयोजित उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर की बैठक में रक्षा मंत्री ने कहा कि चेन्नई के पास आयोजित डिफेंस एक्सपो (आर्म्स उपकरणों की प्रदर्शनी) में पहली बार 45 प्रतिशत तक उत्पादक हमारे रहे जो उच्च गुणवत्ता के उत्पाद तैयार करते हैं। डिफेंस एक्सपो में छोटे- बड़े उद्यमियों को साथ-साथ डिस्प्ले का अवसर दिया, जिससे छोटे उद्यमियों को लाभ हुआ। बुंदेलखंड में डिफेंस कॉरिडोर की घोषणा के बाद से ही लगातार रक्षा मंत्रालय और प्रदेश के अधिकारी कई बार बैठक कर चुके हैं, जिसके सुखद परिणाम आए है।
कॉरिडोर में बड़े उद्यमियों को छोटों को साथ लेकर काम करना होगा, तभी सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर में काम कराने से पहले उद्यमी युवाओं को प्रोत्साहित करें। उनके बीच जाकर समझाएं कि डिफेंस कॉरिडोर होता क्या है? डिफेंस कॉरिडोर की मॉनीटरिंग पीएम मोदी स्वयं कर रहे हैं।
उद्यमियों की समस्याएं दूर करने के लिए बन रही अलग नीति : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि प्रदेश में उद्यमियों की समस्याएं दूर करने के लिए अलग नीति बन रही हैं। इसके लिए सिंगल विंडों की व्यवस्था होगी। निवेशकों को कोई समस्या नहीं आने दी जाएंगी। झांसी में डिफेंस कॉरिडोर बनने के बाद बुंदेलखंड का पिछड़ापन और आर्थिक गरीबी दूर होंगी। क्षेत्र के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और पलायन रुकेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हार्डवेयर, लेटर, मेटल का काम बहुत होता है। यहां मार्केटिंग और ब्राडिंग हो जाए तो इस उद्योग को और गति मिल जाएगी।
सकारात्मक माहौल बनाना होगा : उमा भारती
बैठक में मौजूद केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने कहा कि समान परिस्थिति और भौगोलिक स्थिति के कारण बुंदेलखंड का इजराइल की तर्ज पर विकास संभव है। उन्होंने कहा कि यहां के जनप्रतिनिधि लोगों में सकारात्मक माहौल बनाएं, ताकि डिफेंस कॉरिडोर के साथ ही फूड प्रोसेसिंग पार्क और स्किल डेवलपमेंट को जोड़कर क्षेत्र के विकास को गति दी जा सके। बुंदेलखंड के अधिकांश लोग दिल्ली में बुरे हालातों में काम कर रहे हैं। उक्त परियोजनाओं पर समय से काम पूरा हो जाएं तो हर हाथ को काम बुंदेलखंड में मिल जाएगा।
एक महीने में निकलेगी सूचना
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त डॉ. अनूपचंद्र पांडे ने कहा कि बुंदेलखंड में प्रचुर मात्रा में कच्चा मैटेरियल उपलब्ध है। कॉरिडोर में बुंदेलखंड के सातों जिले हैं। तीन हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि चिह्नित कर ली गई है। एक महीने में सूचना निकलेगी। 31 जुलाई तक प्रस्तावित परियोजना कर रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। 31 अगस्त तक जमीन तय हो जाएगी। आगरा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के माध्यम से 24 घंटे आयात किया जा सकता है।
डिफेंस कॉरिडोर से बुंदेलखंड में खुलेंगे रोजगार के अवसर
क्राफ्ट मेला मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कॉरिडोर में बनने वाले सेना के उत्पादों को रक्षा मंत्रालय खरीदेगा। इससे बुंदेलखंड के युवाओं को रोजगार मिलेगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि फिक्की, एसोचेम, सीआईआई आदि संस्थाओं को बुंदेलखंड लाकर यहां के उद्योगपतियों से बात कराएंगे। कॉरिडोर में काम करने वाली कंपनियों को रक्षा मंत्रालय की तरफ से सेना के सामानों की सूची दी जाएगी।
जो उत्पाद कंपनियां बना सकती हैं, उनका ऑर्डर दिया जाएगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे मार्ग पर टेस्टिंग लैब भी बनाई जाएंगी जिसके जरिये भी रोजगार के अवसर खुलेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा किए गए विकास, योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि अब बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। युवाओं को रोजगार दिलाने और किसानों की आय दोगुनी करने को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में कराए गए विकास भी गिनाए।
क्षेत्रीय सांसद एवं केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर में 20,000 करोड़ का निवेश होगा। साथ ही 50 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा। इस दौरान 82.05 करोड़ की 33 परियोजनाओं का शिलान्यास और 34.21 करोड़ की चार परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया।