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'राष्ट्र हित से न करें समझौता': वित्त मंत्री की जेन जी और जेन अल्फा से अपील, सीतारमण ने दी और क्या नसीहत?
Tue, 15 Sep 2026 03:26 PM IST
देवेश त्रिपाठी
पीटीआई, चेन्नई
पीटीआई, चेन्नई
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Tue, 15 Sep 2026 03:26 PM IST
सार
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने युवा पीढ़ी से देश के प्रति जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्य की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। चेन्नई में एक दीक्षांत समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने योगदान और भूमिका पर विचार करना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा और मजबूत देश को जरूरी बताते हुए मौजूदा वैश्विक संघर्षों से विस्थापित हुए लोगों का उदाहरण दिया।
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निर्मला सीतारमण, केंद्रीय वित्त मंत्री
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को 'जेन जी' और 'जेन अल्फा' पीढ़ी से नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने और देश को सबसे ऊपर रखने का आह्वान किया। उन्होंने युवा स्नातकों से कहा कि वे यह पूछने के बजाय कि देश ने उनके लिए क्या किया है, इस पर विचार करें कि वे देश के लिए क्या योगदान दे सकते हैं।
यहां डॉ. एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश युवाओं की आकांक्षाओं को सुनने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने युवाओं से जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्य की गहरी भावना के साथ आगे आने की अपील की।
युवाओं से निर्मला सीतारमण ने की क्या अपील?
सीतारमण ने कहा, 'आप खुद को जेन जी कहें या जेन अल्फा, हम सभी आपकी बात सुनने के लिए तैयार हैं। लेकिन आपको अपने आसपास हो रही घटनाओं, अपनी भूमिका और इस बात पर विचार करना चाहिए कि आपके माध्यम से देश के लिए क्या हासिल किया जा सकता है।' उन्होंने युवाओं से अपने-अपने क्षेत्रों में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने और राष्ट्रीय हित से कभी समझौता नहीं करने का आग्रह किया।
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सीतारमण ने कहा, 'नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालिए। आपको नेतृत्व करना है और देश को सबसे ऊपर रखना है। देश सुरक्षित और मजबूत रहेगा, तभी हमारे पास रहने के लिए घर होगा। हमें अपने देश को कभी नहीं छोड़ना चाहिए।' उन्होंने मौजूदा वैश्विक संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि कई देशों में लोग अपने घर और अपनी मातृभूमि से विस्थापित हुए हैं।
भारत की आर्थिक मजबूती का जिक्र क्या बोलीं वित्त मंंत्री?
भारत की आर्थिक मजबूती का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में जारी संघर्षों के कारण कच्चे तेल, गैस और उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने जैसी अभूतपूर्व वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है और 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की है। उन्होंने इस स्थिरता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूत राजनीतिक नेतृत्व को दिया।
युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों पर जोर देते हुए सीतारमण ने तमिलनाडु के औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्र में तेजी से उभरने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि श्रीपेरंबदूर-ओरगडम गलियारा वैश्विक स्तर पर प्रमुख वाहन विनिर्माण और स्मार्टफोन निर्यात केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में 350 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर हैं, जो देश में ऐसे कुल केंद्रों का करीब 10 प्रतिशत हैं। कोयंबटूर जैसे दूसरे स्तर के शहर में 80 ऐसे केंद्र हैं, जहां 12,000 पेशेवर काम करते हैं। इसके अलावा मदुरै और तिरुचिरापल्ली में भी ऐसे केंद्र तेजी से बढ़ रहे हैं।
कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास स्थापित कर रही सरकार
महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने के लिए बजट में किए गए प्रावधानों का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित की शिक्षा हासिल करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करना है।
छात्रों को तिरुक्कुरल के दोहों से क्या समझाया?
सीतारमण ने 'तिरुक्कुरल' के दोहों का जिक्र करते हुए शिक्षा की स्थायी संपत्ति और धैर्य के साथ सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को अहंकार से दूर रहने, विनम्रता बनाए रखने और खुद को पीड़ित मानने की भावना के बिना जीवन की चुनौतियों का सामना करने की सलाह दी।
समारोह में चिकित्सा, दंत चिकित्सा, इंजीनियरिंग, संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान, कानून और प्रबंधन जैसे विषयों के 3,200 से अधिक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। विश्वविद्यालय के संस्थापक-कुलपति एसी षणमुगम और तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन भी समारोह में मौजूद रहे।
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यहां डॉ. एमजीआर एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के 36वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि देश युवाओं की आकांक्षाओं को सुनने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने युवाओं से जिम्मेदारी और नागरिक कर्तव्य की गहरी भावना के साथ आगे आने की अपील की।
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युवाओं से निर्मला सीतारमण ने की क्या अपील?
सीतारमण ने कहा, 'आप खुद को जेन जी कहें या जेन अल्फा, हम सभी आपकी बात सुनने के लिए तैयार हैं। लेकिन आपको अपने आसपास हो रही घटनाओं, अपनी भूमिका और इस बात पर विचार करना चाहिए कि आपके माध्यम से देश के लिए क्या हासिल किया जा सकता है।' उन्होंने युवाओं से अपने-अपने क्षेत्रों में नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने और राष्ट्रीय हित से कभी समझौता नहीं करने का आग्रह किया।
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सीतारमण ने कहा, 'नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालिए। आपको नेतृत्व करना है और देश को सबसे ऊपर रखना है। देश सुरक्षित और मजबूत रहेगा, तभी हमारे पास रहने के लिए घर होगा। हमें अपने देश को कभी नहीं छोड़ना चाहिए।' उन्होंने मौजूदा वैश्विक संघर्षों का जिक्र करते हुए कहा कि कई देशों में लोग अपने घर और अपनी मातृभूमि से विस्थापित हुए हैं।
भारत की आर्थिक मजबूती का जिक्र क्या बोलीं वित्त मंंत्री?
भारत की आर्थिक मजबूती का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व में जारी संघर्षों के कारण कच्चे तेल, गैस और उर्वरकों की आपूर्ति प्रभावित होने जैसी अभूतपूर्व वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है और 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की है। उन्होंने इस स्थिरता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूत राजनीतिक नेतृत्व को दिया।
युवाओं के लिए बढ़ते अवसरों पर जोर देते हुए सीतारमण ने तमिलनाडु के औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्र में तेजी से उभरने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि श्रीपेरंबदूर-ओरगडम गलियारा वैश्विक स्तर पर प्रमुख वाहन विनिर्माण और स्मार्टफोन निर्यात केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में 350 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर हैं, जो देश में ऐसे कुल केंद्रों का करीब 10 प्रतिशत हैं। कोयंबटूर जैसे दूसरे स्तर के शहर में 80 ऐसे केंद्र हैं, जहां 12,000 पेशेवर काम करते हैं। इसके अलावा मदुरै और तिरुचिरापल्ली में भी ऐसे केंद्र तेजी से बढ़ रहे हैं।
कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास स्थापित कर रही सरकार
महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने के लिए बजट में किए गए प्रावधानों का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट में हर जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित की शिक्षा हासिल करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहित करना है।
छात्रों को तिरुक्कुरल के दोहों से क्या समझाया?
सीतारमण ने 'तिरुक्कुरल' के दोहों का जिक्र करते हुए शिक्षा की स्थायी संपत्ति और धैर्य के साथ सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को अहंकार से दूर रहने, विनम्रता बनाए रखने और खुद को पीड़ित मानने की भावना के बिना जीवन की चुनौतियों का सामना करने की सलाह दी।
समारोह में चिकित्सा, दंत चिकित्सा, इंजीनियरिंग, संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान, कानून और प्रबंधन जैसे विषयों के 3,200 से अधिक विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। विश्वविद्यालय के संस्थापक-कुलपति एसी षणमुगम और तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन भी समारोह में मौजूद रहे।