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NIB: टीके और नैदानिक जांच किट की बढ़ेगी गुणवत्ता, हितधारकों व नियामक अधिकारियों के साथ एक मंच पर आएगा एनआईबी
Tue, 03 Jan 2023 05:46 AM IST
गुलाम अहमद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गुलाम अहमद
Updated Tue, 03 Jan 2023 05:46 AM IST
सार
राष्ट्रीय जैविक संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. हेमंत वर्मा ने बताया कि स्थापना के 31 साल पूरा होने के अवसर पर एनआईबी, इस तरह का पहला शिखर सम्मेलन आयोजित कर रहा है। सम्मेलन में एनआईबी व अन्य संस्थानों में होने वाले जैव चिकित्सकीय शोध व उसके लाभों को जनता तक पहुंचाने व बेहतर क्रियान्वयन पर विशेष चर्चा की जाएगी।
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NIB National Conference
- फोटो : NIB
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विस्तार
राष्ट्रीय जैविक संस्थान (एनआईबी) आगामी 27 जनवरी को जैविक गुणवत्ता पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का आयोजन करने जा रहा है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाले इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य संक्रमण के टीके, जैव चिकित्सकीय उत्पादों व नैदानिक जांच किट की गुणवत्ता बढ़ाना तथा आम आदमी के लिए उनको किफायती बनाना है। इसके लिए हितधारक (स्टेकहोल्डर्स), नियामक अधिकारी (रेगुलेटर्स) व शिक्षाविद एक मंच पर आएंगे।
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केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन संचालित राष्ट्रीय जैविक संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. हेमंत वर्मा ने इस बारे में बताया कि स्थापना के 31 साल पूरा होने के उपलक्ष्य में एनआईबी, इस तरह का पहला शिखर सम्मेलन आयोजित कर रहा है। इसमें अलग-अलग सत्र आयोजित होंगे, जिसमें एनआईबी के वैज्ञानिक, नियामक संस्थाओं के प्रतिनिधि व फार्मा कंपनियों से करीब 400 प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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उन्होंने कहा कि सम्मेलन में एनआईबी व अन्य संस्थानों में होने वाले जैव चिकित्सकीय शोध व उसके लाभों को जनता तक पहुंचाने व बेहतर क्रियान्वयन पर विशेष चर्चा की जाएगी। कोरोना महामारी की तरह भविष्य में इस तरह के संभावित खतरों पर एनआईबी की तैयारियों व जैविक पदार्थों की गुणवत्ता की मौजूदा स्थिति व भविष्य में इसे और बेहतर करने पर मंथन किया जाएगा। सम्मेलन में उद्योग नियामकों व सरकारी खरीद एजेंसियों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे, जो उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाने व आम आदमी के लिए उनको किफायती बनाने पर अपना पक्ष रखेंगे।
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सीडीएससीओ की रहेगी अहम भूमिका
जैव-चिकित्सकीय उत्पादों (वैक्सीन, ब्लड व ब्लड कंपोनेंट्स, नैदानिक जांच किट ) के निर्माण में लगे सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने, जैव-चिकित्सीय उत्पादों की गुणवत्ता के क्षेत्र में की गई वैज्ञानिक प्रगति पर भी इस सम्मेलन में विस्तार से चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विशेष भूमिका होगी। इसके अधिकारी जैविक उत्पादों की गुणवत्ता पर अपनी बात रखेंगे।
...इसलिए भी होगा महत्वपूर्ण
यह सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राष्ट्रीय जैविक संस्थान अब बायोटेक्नोलॉजी में पीएचडी कर रहे छात्रों को रिसर्च के लिए अपना प्लेटफॉर्म उपलब्ध करा रहा है। इसके लिए एनआईबी ने एकेडमी ऑफ साइंटिफिक एंड इनोवेटिव रिसर्च, गाजियाबाद (एसीएसआईआर) के साथ समझौता किया है।