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स्टेन स्वामी का सिपर जब्त करने की रिपोर्ट को एनआईए ने नकारा
Sun, 29 Nov 2020 07:44 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sun, 29 Nov 2020 07:44 PM IST
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एनआईए (सांकेतिक तस्वीर)
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार को उन खबरों को गलत करार दिया जिनमें आरोप लगाया गया था कि एजेंसी ने मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी के स्ट्रॉ और सिपर को जब्त किया है। एजेंसी ने इस बात को भी खारिज किया कि उसने स्ट्रॉ और सिपर देने की स्वामी की फरियाद पर जवाब देने के लिए 20 दिन का समय मांगा था।
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83 वर्षीय स्टेन स्वामी को आठ अक्तूबर को उनके रांची स्थित आवास से गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी एलगार परिषद मामले में स्वामी की कथित संलिप्तता की वजह से की हुई थी। स्वामी फिलहाल मुंबई की तलोजा जेल में बंद हैं। स्वामी का कहना है कि वह गिलास नहीं पकड़ सकते हैं क्योंकि पार्किंसन की वजह से उनके हाथ कांपते हैं।
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एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि स्वामी प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के कट्टर कार्यकर्ता हैं और भीमा-कोरेगांव एल्गार परिषद मामले में संलिप्तता के लिए सात अन्य लोगों के साथ उनके खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया गया है। मामला पुणे के शनिवारवाड़ा में 31 दिसंबर, 2017 को एल्गार परिषद कार्यक्रम के आयोजन से जुड़ा है जहां कथित रूप से भड़काऊ भाषण दिए गए थे और हिंसा भड़क जाने से जान-माल का नुकसान हुआ था।
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प्रवक्ता ने कहा कि जांच एजेंसी ने कभी उन्हें पुलिस हिरासत में नहीं लिया और उनकी मेडिकल जांच समेत सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं। प्रवक्ता ने कहा कि तब से वह तलोजा केंद्रीय जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। बता दें कि स्वामी ने करीब एक महीने बाद छह नवंबर को मुंबई की एनआईए अदालत में आवेदन कर अपने ‘स्ट्रॉ’ और ‘सिपर’ वापस दिये जाने का अनुरोध किया था।
अदालत ने एनआईए से 26 नवंबर को जवाब दाखिल करने को कहा था। प्रवक्ता के अनुसार एनआईए ने अदालत में अपने जवाब में कहा कि उसने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में स्वामी की जांच की थी और ऐसा कोई ‘स्ट्रॉ’ या ‘सिपर’ उनके पास से नहीं मिला। इसके बाद अदालत ने स्वामी की अर्जी को खारिज कर दिया और 26 नवंबर को जेल अधिकारियों को उन्हें ‘स्ट्रॉ’ तथा ‘सिपर’ देने के संबंध में जरूरी निर्देश दिए थे।