छापेमारी: NIA ने की पाकिस्तान, कनाडा सहित पांच मुल्कों में छिपे खालिस्तानियों व गैंगस्टर के गठजोड़ पर बड़ी चोट
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विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान व कनाडा सहित पांच मुल्कों में छिपे दहशतगर्दों की जड़ें खोद दी हैं। विभिन्न राज्यों में मौजूद खालिस्तानी आतंकियों व ड्रग तस्कर/गैंगस्टर पर बड़ी चोट की गई है। छह राज्यों में 53 स्थानों पर एक साथ हुई रेड में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, यूपी, राजस्थान, उत्तराखंड और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में मारे गए छापों के दौरान पिस्तौल, गोला-बारूद, बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई।
विभिन्न जेलों में बंद गैंगस्टर पर कसा शिकंजा
एनआईए के मुताबिक, 'सूचीबद्ध आतंकवादी' अर्श दल्ला और कई दूसरे खूंखार गैंगस्टरों से जुड़े आतंकवादियों-गैंगस्टरों-ड्रग तस्करों के गठजोड़ पर प्रहार किया गया है। छापे के दौरान राज्य पुलिस बलों की मदद ली गई। एनआईए की जांच के दायरे में आए कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, सुक्खा दुनेके, हैरी मौर, नरेंद्र उर्फ लाली, काला जठेरी और दीपक टीनू आदि से जुड़े सहयोगियों और उनके ठिकानों पर दबिश दी गई। अगस्त 2022 में दर्ज पांच मामलों में इस तरह की यह सातवीं बड़ी कार्रवाई थी। इसमें जुलाई 2023 में संगठित आपराधिक गिरोहों के खिलाफ दर्ज किए गए दो नए मामले भी शामिल थे। ये सभी मामले लक्षित हत्याओं की साजिशों और समर्थकों की आतंकी फंडिंग से संबंधित हैं। खालिस्तानी संगठनों और गैंगस्टरों द्वारा जबरन वसूली के कई ऐसे मामले सामने आए थे, जो विभिन्न जेलों में बंद गैंगस्टर द्वारा अंजाम दिए जा रहे थे। इसके अलावा पाकिस्तान, कनाडा, मलेशिया, पुर्तगाल और ऑस्ट्रेलिया सहित कई मुल्कों से भी आपराधिक गतिविधियों को संचालित किया जा रहा था।
विदेश स्थित गुर्गों का संगठित नेटवर्क
एनआईए का मकसद है कि आतंक-गैंगस्टर-ड्रग तस्कर गठजोड़ को जड़ से खत्म कर दिया जाए। विदेश में बैठे आतंकियों ने भारत के विभिन्न हिस्सों में अपने गुर्गे तैयार किए हैं। वे उनके इशारे पर आपराधिक वारदात करते हैं। इन्हें हथियार और आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए भी एक सिंडिकेट बना हुआ था। ये गिरोह पाकिस्तान, यूएई, कनाडा, पुर्तगाल आदि देशों में स्थित ड्रग तस्करों और आतंकवादियों के साथ काम कर रहे हैं। एनआईए की जांच से पता चला है कि विभिन्न राज्यों की जेलों में भी आपराधिक साजिशें रची जा रही थीं। विदेश स्थित गुर्गों के एक संगठित नेटवर्क द्वारा इन्हें अंजाम दिया जा रहा था। ऐसी ही साजिशों के तहत गत वर्ष पंजाब में महाराष्ट्र के बिल्डर संजय बियानी, खनन व्यापारी मेहल सिंह और अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप नांगल अंबिया की सनसनीखेज हत्या कर दी गई थी। एनआईए की जांच के अनुसार, कई अपराधी और गैंगस्टर जो पहले भारत में गिरोहों का नेतृत्व कर रहे थे, हाल के वर्षों में वे विदेश भाग गए हैं। अब वहां से अपनी आतंक और हिंसा संबंधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। वे अपराधी भारत की जेलों में बंद दूसरे अपराधियों के साथ मिलकर वारदात की साजिश रचते हैं। टारगेट किलिंग भी इन्हीं लोगों के द्वारा की जाती हैं। ड्रग्स और हथियारों की तस्करी, हवाला कारोबार व जबरन वसूली के माध्यम से धन एकत्रित किया जाता है।
9 के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी
कई जेलों में बंद गैंगस्टर का नेक्सस तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अमृतसर, मोगा, फाजिल्का, लुधियाना, मोहाली, फरीदकोट, बरनाला, भटिंडा, फिरोजपुर, एसएएस नगर, अमृतसर, जालंधर, रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद और फरीदाबाद, श्रीगंगानगर, झुंझुनू, हनुमानगढ़, जोधपुर, उत्तर गोरखपुर, देहरादून, उधमसिंह नगर, दिल्ली/एनसीआर में दक्षिण-पूर्व जिले और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के अलावा कई दूसरे स्थानों पर छापेमारी की गई है। एनआईए ने पहले 370 से अधिक स्थानों पर इसी तरह की छापेमारी की थी। उसमें 1129 राउंड गोला-बारूद के साथ 4 घातक हथियारों सहित कुल 38 हथियार जब्त किए गए थे। एनआईए ने अब तक 87 बैंक खाते फ्रीज किए हैं। 13 संपत्तियां कुर्क की हैं। 331 डिजिटल डिवाइस, 418 दस्तावेज और दो वाहन जब्त किए गए हैं। दो भगोड़ों को नामित व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित किया गया है। 15 आरोपियों को भगोड़ा अपराधी घोषित किया गया है। 9 अन्य के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी किए गए हैं।