NIA की छापेमारी के बाद हुर्रियत नेता गिलानी सहित हाफिज सईद पर केस दर्ज
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जम्मू और कश्मीर में आतंकियों को फंडिंग का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। राष्ट्रीय जांच सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) ने कश्मीर के 14 ठिकानों पर छापेमारी की है। साथ ही ऐसा माना जा रहा है कि आतंकियों के दिल्ली में भी कनेक्शन है, इसलिए यहां भी 8 ठिकानों को एनआईए ने अपना निशाना बनाया है।
बताया जा रहा है कि मुंबई हमलों के मास्टर माइंड हाफिज सईद और गिलानी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक एनआईए अभी भी लगातार छापेमारी कर रही है। एनआईए श्रीनगर में हुर्रियत नेता राजा कलवाल और नईम खाने के घर पर छापेमारी कर रही है।
एनआईए इस मामले में अपना शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इससे पहले एनआईए ने हुर्रियत नेता सईद अलि शाह गिलानी और बाकी बड़े नेताओं से पूछताछ की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हुरियत नेताओं को कथित तौर पर आतंकी संगठनों और लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद से लगातार फंडिंग हो रही है।
NIA raids also underway against hawala operators, and at separatist leaders' house, office and commercial locations: NIA Sources
— ANI (@ANI_news) June 3, 2017
इससे पहले कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से एनआईए की जांच में कई बड़े खुलासे किए। उच्च स्तरीय सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान से हिंसा के लिए फंडिंग और कश्मीर में तनाव की साजिश की जांच कर रही एनआईए की पूछताछ में अलगाववादी नेताओं ने हिंसा के लिए पाक से पैसे मिलने की बात कबूली।
फंडिंग किए जाने की बात कबूली
सूत्रों के अनुसार दिल्ली में राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा इस मामले में फारूक अहमद डार उर्फ 'बिट्टा कराटे', नईम खान और जावेद अहमद बाबा उर्फ 'गाजी' से पूछताछ की थी। एजेंसी की जांच के दौरान अलगाववादी नेताओं द्वारा कश्मीर में हिंसा के लिए हुर्रियत के चीफ सैय्यद अली शाह गिलानी को पाक से फंडिंग किए जाने की बात कबूली गई है।
एनआईए सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि घाटी में सक्रिए आईएसआई के गुर्गे अलगाववादी गुटों के साथ काम कर रहे चुनिंदा लोगों को खासी रकम दिया करते हैं। सूत्रों ने बताया कि कश्मीर में सुरक्षा तंत्र के फैले जाल को इस फंडिंग की जानकारी नहीं मिल पा रही थी।
गौरतलब है कि घाटी में 24265 सरकारी और करीब इतने ही निजी स्कूल हैं। सूत्रों ने बताया कि निजी स्कूलों की नेटवर्किंग में काफी जटिलता है और पाकिस्तान इसे ही स्कूलों को निशाना बनाने की कोशिश में है।