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NIA: उग्रवादी माओवादी संगठन PLFI को फिर से खड़ा करने की कोशिश, एनआईए ने दो राज्यों में की छापेमारी
Thu, 11 Apr 2024 02:15 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 11 Apr 2024 02:15 PM IST
सार
एनआईए ने बयान जारी कर बताया कि बुधवार को स्थानीय पुलिस की मदद से झारखंड में दो ठिकानों पर और असम में भी दो ठिकानों पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान बिनोद मुंडा उर्फ सुखवा को झारखंड के खूंटी जिले से गिरफ्तार किया गया।
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एनआईए
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
उग्रवादी माओवादी संगठन पीपल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (PLFI) को फिर से खड़ा करने की कोशिश हो रही है। इसे लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) अलर्ट हो गई है। एनआईए ने इस मामले में दो राज्यों में कई ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी में राज्यों की पुलिस ने भी सहयोग किया। एनआईए ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया है।
पुलिस की मदद से दो राज्यो ं में छापेमारी
एनआईए ने बयान जारी कर बताया कि बुधवार को स्थानीय पुलिस की मदद से झारखंड में दो ठिकानों पर और असम में भी दो ठिकानों पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान बिनोद मुंडा उर्फ सुखवा को झारखंड के खूंटी जिले से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी पीएलएफआई का कैडर बताया जा रहा है और पीएलएफआई से जुड़े चार मामलों में वांछित था। पीएलएफआई का चीफ दिनेश गोप को बताया जाता है, जिसे एनआईए ने बीते साल मई में गिरफ्तार किया था। दिनेश गोप के खिलाफ बिहार, झारखंड और ओडिशा में 102 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दिनेश गोप के खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या, अपहरण, फिरौती मांगने जैसे अपराध शामिल हैं।
पीएलएफआई एक उग्रवादी माओवादी संगठन है, जिसका साल 2007 में झारखंड में गठन किया गया था। एनआईए ने दिनेश गोप की गिरफ्तारी पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वहीं झारखंड सरकार ने गोप की गिरफ्तारी पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। एनआईए ने दिनेश गोप को दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
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उग्रवादी संगठन को फिर से सक्रिय करने के लिए इकट्ठा किया जा रहा फंड
एनआईए की जांच में पता चला है कि पीएलएफआई के सदस्य और कैडर संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा है और इसके लिए कोयला व्यापारियों, ट्रांसपोर्ट व्यापारियों, रेलवे ठेकेदारों से पैसों की उगाही की जा रही है। साथ ही झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के उद्योगपतियों से भी पैसे लिए जा रहे हैं। छापेमारी के दौरान एनआईए ने संदिग्ध सामान भी जब्त किया है, जिसमें पीएलएफआई से संबंधित दस्तावेज, दो वॉकी-टॉकी, पांच मोबाइल फोन, सिम कार्ड और 11 हजार रुपये नकद शामिल हैं। पीएलएफआई से जुड़े दो लोगों को भी हाल ही में गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से तीन लाख रुपये की नकदी और हथियार भी बरामद हुए थे। एनआईए ने पीएलएफआई को फिर से सक्रिय करने के मामले में 11 अक्तूबर 2023 को संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था। एनआईए ने आईपीसी की धाराओं और यूएपीए की धाराओं में मार्टिन करकेट्टा और पीएलएफआई के अन्य सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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पुलिस की मदद से दो राज्यो ं में छापेमारी
एनआईए ने बयान जारी कर बताया कि बुधवार को स्थानीय पुलिस की मदद से झारखंड में दो ठिकानों पर और असम में भी दो ठिकानों पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान बिनोद मुंडा उर्फ सुखवा को झारखंड के खूंटी जिले से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपी पीएलएफआई का कैडर बताया जा रहा है और पीएलएफआई से जुड़े चार मामलों में वांछित था। पीएलएफआई का चीफ दिनेश गोप को बताया जाता है, जिसे एनआईए ने बीते साल मई में गिरफ्तार किया था। दिनेश गोप के खिलाफ बिहार, झारखंड और ओडिशा में 102 आपराधिक मामले दर्ज हैं। दिनेश गोप के खिलाफ दर्ज मामलों में हत्या, अपहरण, फिरौती मांगने जैसे अपराध शामिल हैं।
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पीएलएफआई एक उग्रवादी माओवादी संगठन है, जिसका साल 2007 में झारखंड में गठन किया गया था। एनआईए ने दिनेश गोप की गिरफ्तारी पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वहीं झारखंड सरकार ने गोप की गिरफ्तारी पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। एनआईए ने दिनेश गोप को दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
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उग्रवादी संगठन को फिर से सक्रिय करने के लिए इकट्ठा किया जा रहा फंड
एनआईए की जांच में पता चला है कि पीएलएफआई के सदस्य और कैडर संगठन को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा है और इसके लिए कोयला व्यापारियों, ट्रांसपोर्ट व्यापारियों, रेलवे ठेकेदारों से पैसों की उगाही की जा रही है। साथ ही झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के उद्योगपतियों से भी पैसे लिए जा रहे हैं। छापेमारी के दौरान एनआईए ने संदिग्ध सामान भी जब्त किया है, जिसमें पीएलएफआई से संबंधित दस्तावेज, दो वॉकी-टॉकी, पांच मोबाइल फोन, सिम कार्ड और 11 हजार रुपये नकद शामिल हैं। पीएलएफआई से जुड़े दो लोगों को भी हाल ही में गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से तीन लाख रुपये की नकदी और हथियार भी बरामद हुए थे। एनआईए ने पीएलएफआई को फिर से सक्रिय करने के मामले में 11 अक्तूबर 2023 को संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया था। एनआईए ने आईपीसी की धाराओं और यूएपीए की धाराओं में मार्टिन करकेट्टा और पीएलएफआई के अन्य सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।