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NIA: पाकिस्तानी ड्रोन बॉर्डर एरिया में गिराता था हथियार और नशे के पैकेट, एन्क्रिप्टेड मोड पर होती थी बात
Fri, 14 Nov 2025 08:47 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 14 Nov 2025 08:47 PM IST
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एनआईए ने कोलकाता में की छापेमारी
- फोटो : ANI
पाकिस्तान से आने वाले हाई पावर ड्रोन के जरिए द्वारा भारत के सीमावर्ती इलाकों में हथियार, गोला बारूद और नशे के पैकेट गिराए जाते थे। सीमा पार आने वाला ड्रोन, अमूमन रात को ही आता था। राजस्थान में सीमा से लगते खेतों या झाड़ियों वाले क्षेत्र में ड्रोन से हथियार व ड्रग्स की खेप गिराई जाती थी। इसके बाद उन पैकेट को राजस्थान के अलावा पंजाब और हरियाणा सहित उत्तर भारत के कई शहरों तक पहुंचाया जाता था। खास बात है कि पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए तस्कर, आपस में एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों का इस्तेमाल करते थे।
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पाकिस्तान स्थित तस्करी समूह से जुड़े एक अंतरराज्यीय हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में मास्टरमाइंड के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आरोपपत्र दायर किया है। शुक्रवार को जयपुर (राजस्थान) स्थित एनआईए की विशेष अदालत में आरोपी विशाल पचार के खिलाफ चार्जशीट दायर की है। एनआईए ने अपनी चार्जशीट में यूएपीए, शस्त्र अधिनियम, एनडीपीएस अधिनियम व बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।
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आरोपी विशाल, कथित तौर पर राजस्थान, हरियाणा और पंजाब जैसे उत्तरी राज्यों में फैले हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क के तहत प्रतिबंधित हथियारों, गोला-बारूद और मादक पदार्थों की खरीद, परिवहन और वितरण में शामिल था।
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एनआईए की जांच के अनुसार, पाकिस्तान स्थित सहयोगियों ने हथियार, गोला-बारूद और हेरोइन की आपूर्ति में मदद करके मुख्य अभियुक्तों का समर्थन किया। यह खेप, उच्च-शक्ति वाले ड्रोनों का उपयोग करके सीमावर्ती क्षेत्रों के पास गिराई जाती थीं। बाद में गिरोह के सदस्य उन्हें आगे वितरण के लिए भारत की ओर से वापस ले लेते थे। गिरोह के सदस्य पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों के खिलाफ खुद को हथियारबंद करने के लिए अवैध विदेशी हथियार भी खरीदते थे।
एनआईए की जांच में आगे खुलासा हुआ कि आरोपियों ने विभिन्न राज्यों के माध्यम से भारत में हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों और सीमा पार कूरियर का इस्तेमाल किया। अवैध हथियार आपूर्तिकर्ताओं और मादक पदार्थों के तस्करों के बीच एक सुस्थापित गठजोड़ पाया गया, जो युवाओं को नशीली दवाओं की लत लगाने के लिए उन्हें नशीले पदार्थ खिलाकर निशाना बनाता था। उनका शोषण करता था और सरकारी तंत्र के खिलाफ असंतोष फैलाता था। तस्करी में शामिल बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करने और मामले के अन्य आरोपियों और संदिग्धों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।