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Tamil Nadu: तमिलनाडु के नौ इलाकों में एनआईए का तलाशी अभियान, रामलिंगम हत्या मामले में जांच जारी
Wed, 20 Aug 2025 11:00 AM IST
शिव शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: शिव शुक्ला
Updated Wed, 20 Aug 2025 11:00 AM IST
सार
पीएमके के अधिकारी 42-वर्षीय रामलिंगम घर वापस जा रहे थे तभी हमलावरों ने उनका हाथ काट दिया था। अस्पताल ले जाते समय अत्यधिक खून बहने के कारण रामलिंगम की मृत्यु हो गई थी। अब इसी मामले में एनआईए ने तलाशी तेज की है।
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एनआईए ने की छापेमारी
- फोटो : ANI
विस्तार
रामलिंगम हत्याकांड मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने तमिलनाडु में नौ जगहों पर तलाशी अभियान चलाया। एनआईए ने तंजावुर जिले के तिरुभुवनम में पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के पूर्व पदाधिकारी रामलिंगम की 2019 में हुई हत्या के सिलसिले में जांच की है।
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डिंडुगल और तेनकाशी में जांच जारी
एनआईए की टीम डिंडुगल में आठ और तेनकाशी ज़िले में एक जगह पर तलाशी ले रही है। गौरतलब है कि जबरन धर्मांतरण का विरोध करने पर रामलिंगम की नृशंस हत्या कर दी गई थी। रामलिंगम ने कथित तौर पर हिंदुओं को इस्लाम में परिवर्तित करने में शामिल पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के नेताओं के दावाह (Dawah) कार्य का विरोध किया था। जिसके बाद 2019 में उनकी हत्या कर दी गई थी।
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क्या है रामलिंगम हत्या मामला
पीएमके के अधिकारी 42-वर्षीय रामलिंगम घर वापस जा रहे थे तभी उन पर हमला कर उनका हाथ काट दिया था। गंभीर रूप से घायल रामलिंगम को कुंभकोणम के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने रामलिंगम को शहर के सरकारी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में रेफर कर दिया। हालांकि, अस्पताल ले जाते समय अत्यधिक खून बहने के कारण रामलिंगम की मृत्यु हो गई थी।
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बताया जाता है कि रामलिंगम ने धर्मांतरण का विरोध किया था, जिससे कुछ कट्टरपंथी धार्मिक संगठन उनसे परेशान हो गए थे। इसी को लेकर उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने उस समय रामलिंगम की हत्या मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि कुछ लोग फरार बताए जा रहे थे।