{"_id":"595d745b4f1c1b481d8b4801","slug":"nia-interrogation-with-mirwaiz-maulavi-manjoor-and-sahafat-in-terrorist-funding","type":"story","status":"publish","title_hn":"आतंकी फंडिंग में मीरवाइज के दो मामाओं से एनआईए की पूछताछ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
आतंकी फंडिंग में मीरवाइज के दो मामाओं से एनआईए की पूछताछ
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Thu, 06 Jul 2017 04:50 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर घाटी में आतंकी फंडिंग और अलगाववादी समूहों के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को हुर्रियत कांफ्रेंस के नरम धड़े के नेता मीरवाइज उमर फारूक के दो मामाओं से पूछताछ की। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, मौलवी मंजूर और मौलवी शहाफत को एजेंसी ने गत सप्ताह नोटिस देकर उसके समक्ष पेश होने को कहा था।
विज्ञापन
दोनों बुधवार को एजेंसी के समक्ष पेश हुए और अधिकारियों के सवालों के जवाब दिए। ये दोनों वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के पद से रिटायर हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों से पूछताछ कुछ और दिन चल सकती है।
विज्ञापन
मीरवाइज के एक और करीबी शाहिद-उल-इस्लाम और बिजनेसमैन जहूर वटाली से एनआईए धन के कथित वितरण को लेकर पिछले सात दिन से लगातार पूछताछ कर रही है। बिजनेसमैन के खातों की बारीकी से पड़ताल के बाद उसके कश्मीर घाटी के कुछ पार्ट टाइम नेताओं से करीबी की बात सामने आई है।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार, मीरवाइज के दोनों मामाओं से अलग से पूछताछ कुछ और दिन जारी रहेगी। एनआईए ने इस मामले में अलगाववादियों और कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सूत्रों के अनुसार वटाली से अलगाववादियों विशेषकर कट्टपंथी नेता सैयद अली शाह गिलानी से अपने संबंधों के बारे में बताने को कहा गया है।
एनआईए ने गिलानी के करीबियों को उसके सामने पेश होने के लिए ताजा समन जारी किया है। इसमें गिलानी का प्रवक्ता अयाज अकबर और दामाद अल्ताफ अहमद शाह उर्फ अल्ताफ फंटूस शामिल हैं।
दोनों को कश्मीर घाटी में कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए 27 जून से जम्मू-कश्मीर पुलिस की प्रीवेंटिव हिरासत में रखा गया है।
राज्य पुलिस के इस कदम पर कई लोग आंखें तरेर रहे हैं, क्योंकि प्रदर्शनों के चरम पर रहने के दौरान भी इनमें से किसी को प्रीवेंटिंग कस्टडी में नहीं रखा गया। सूत्रों के अनुसार, एनआईए ने शाह से गत वर्ष की शुरुआत में पूछताछ की थी। इस दौरान उसने रमजान और ईद का हवाला देकर समय देने की मांग की थी।