फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NIA imposes anti terror law on 16 pro khalistan non resident Indians

एनआईए ने 16 खालिस्तान समर्थक अनिवासी भारतीयों पर लगाया आतंक निरोधी कानून

Thu, 10 Dec 2020 03:41 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 10 Dec 2020 03:41 AM IST
विज्ञापन
NIA imposes anti terror law on 16 pro khalistan non resident Indians
NIA - फोटो : Twitter

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बुधवार को 16 खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ आतंक निरोधी कानून यूएपीए के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है। इनके खिलाफ भड़काऊ गतिविधियों में शामिल रहने और देश में क्षेत्र व धर्म के आधार पर आपसी बैर को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। इनमें से सात आरोपी फिलहाल अमेरिका में रहे हैं, जबकि तीन आरोपी कनाडा और छह आरोपी ब्रिटेन में रह रहे हैं।

विज्ञापन


एनआईए के मुताबिक, इन सभी के खिलाफ ‘खालिस्तान निर्माण के लिए जनमत संग्रह 2020’ के बैनर तले ठोस अलगाववादी अभियान चलाने की संगठित साजिश में शामिल रहने का आरोप है। आरोप पत्र में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के अलावा गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोपी बनाया गया है।
विज्ञापन



एनआईए प्रवक्ता के मुताबिक, आरोप पत्र में सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के मुख्य संरक्षक गुरपतवंत सिंह पन्नुन, हरदीप सिंह निज्जार और परमजीत सिंह उर्फ पम्मा भी शामिल हैं, जिन्हें पहले ही एनआईए व अन्य जांच एजेंसियों की सिफारिश पर केंद्र सरकार यूएपीए के तहत आतंकी घोषित कर चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पन्नुन इस समय अमेरिका, निज्जार कनाडा और पम्मा ब्रिटेन में मौजूद है। प्रवक्ता ने कहा, अन्य आरोपियों में अमेरिका से अवतार सिंह पन्नुन, हरप्रीत सिंह, अमरदीप पूरेवाल, हरजाप सिंह, सरबजीत सिंह और एस. हिम्मत सिंह, ब्रिटेन से गुरुप्रीत सिंह बागी, सरबजीत सिंह बन्नूर, कुलवंत सिंह मोथाडा, दुपिंदरजीत सिंह और कुलवंत सिंह तथा कनाडा से जेएस धालीवाल और जतिंद्र सिंह ग्रेवाल का नाम भी शामिल है।

सोशल मीडिया से फंसा रहे युवाओं को अपने जाल में
एनआईए प्रवक्ता के मुताबिक, मानवाधिकार समर्थक समूह होने की आड़ में कई देशों में अपने कार्यालय चला रहा सिख फॉर जस्टिस वास्तव में खालिस्तानी आतंकियों का अग्रणी संगठन है, जो पाकिस्तान समेत कई जगह से आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।

एसएफजे अपने अभियान के तहत फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप, यूट्यूब पर असंख्य खातों समेत दर्जनों वेबसाइटों के जरिये आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने और धर्म व क्षेत्र के आधार पर युवाओं को भड़काने का काम कर रहा है।


इसके अलावा संगठन भारतीय सेना में मौजूद सिख जवानों को भी विद्रोह के लिए भड़काने और कश्मीर को भारत से अलग करने के लिए युवाओं को उकसाने का भी प्रयास कर रहा है। इसी कारण केंद्रीय गृह मंत्रालय पहले ही यूएपीए के तहत इसे गैरकानूनी संगठन घोषित कर चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed