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प्रवीण नेट्टारु हत्याकांड: NIA ने दाखिल की PFI के दो कैडरों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट; किए बड़े खुलासे
Thu, 04 May 2023 05:52 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Thu, 04 May 2023 05:52 PM IST
सार
मामले में प्रारंभिक चार्जशीट 20 जनवरी को एनआईए द्वारा दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि पीएफआई ने अपने 'कथित दुश्मनों' की हत्या करने के लिए किलर स्क्वॉड बनाया था। एनआईए की जांच में यह भी पता चला है कि कोडागु जिले का निवासी थुफैल एमएच अपने जिले में पीएफआई 'सर्विस टीमों' का प्रभारी था।
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एनआईए
- फोटो : ANI
विस्तार
कर्नाटक में बीते साल भाजपा नेता प्रवीण नेट्टारू की हत्या के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के दो कार्यकर्ताओं के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया है। एनआईए के एक प्रवक्ता ने इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएफआई के मास्टर आर्म्स ट्रेनर थुफैल एमएच और मोहम्मद जाबिर के खिलाफ एक विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया है। दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराएं लगाई गईं है। एनआईए के प्रवक्ता ने आगे बताया कि फरार चल रहे थुफैल को हाल ही में बेंगलुरु में एनआईए की एक टीम ने ट्रैक किया था। जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी की गई।
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मामले में अब तक 21 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल
इस मामले में अब तक कुल 21 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है। बता दें कि यह मामला बीते साल 27 जुलाई को दक्षिण कन्नड़ के बेल्लारे पुलिस थाने में दर्ज किया गया था। बाद में एनआईए ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी और चार अगस्त को फिर से मामला दर्ज किया था।
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बेल्लारे में नेट्टारु की दुकान के सामने एक वाहन में सवार तीन लोगों ने 26 जुलाई को भाजपा युवा मोर्चा नेता की हत्या कर दी थी। राज्य सरकार की सिफारिश के बाद तीन अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनआईए को इस मामले की जांच सौंपने का आदेश दिया था।
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20 जनवरी को दाखिल की गई थी प्रारंभिक चार्जशीट
मामले की एनआईए जांच में पता चला है कि आरोपी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का सदस्य है और आरोपी हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने की साजिश के तहत योजना बनाकर नेट्टारू की हत्या की थी। मामले में प्रारंभिक चार्जशीट 20 जनवरी को एनआईए द्वारा दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि पीएफआई ने अपने 'कथित दुश्मनों' की हत्या करने के लिए किलर स्क्वॉड बनाया था। एनआईए की जांच में यह भी पता चला है कि कोडागु जिले का निवासी थुफैल एमएच अपने जिले में पीएफआई 'सर्विस टीमों' का प्रभारी था।
थुफैल एमएच ने दी थी शरण
एजेंसी की जांच का हवाला देते हुए एनआईए अधिकारी ने कहा कि थुफैल एमएच कथित तौर पर कर्नाटक के कोडागु और मैसूरु जिलों और तमिलनाडु के इरोड जिले में नेट्टारू के तीन हमलावरों को शरण दी थी। वहीं, जाबिर पीएफआई पुत्तूर जिला अध्यक्ष था और उसने उस बैठक में सक्रिय रूप से भाग लिया था जहां नेट्टारू को मारने की साजिश रची गई थी। उसने भड़काऊ भाषण भी दिया था, जिसमें उसने दावा किया था कि मसूद की हत्या का बदला लिया जाएगा। प्रवीण की हत्या से पहले, उसी इलाके में एक किशोर मसूद मारा गया था।
हिजाब विवाद के बीच हुई थी हत्या
कर्नाटक में हिजाब विवाद के बीच, बजरंग दल के कार्यकर्ता हर्ष की हत्या कर दी गई थी। आरोपपत्र में कहा गया है, जांच से पता चला है कि सीएए-एनआरसी के मुद्दे, हिजाब विवाद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं की गोरक्षा गतिविधियों के दौरान आरोपियों को हिंदू समुदाय से नफरत पैदा हो गई थी। इन कारणों से, आरोपियों ने हिंदू समुदाय के लोगों के बीच भय पैदा करने और शिवमोगा शहर में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने की साजिश रची। आरोप पत्र के मुताबिक, आरोपी शिवमोगा में जुलूस, समारोहों के दौरान हिंदू समुदाय के प्रमुख नेताओं की आवाजाही पर नजर रख रहे थे। उन लोगों ने एक प्रमुख हिंदू नेता के रूप में हर्ष पर नजर रखी और उनकी हत्या के लिए हथियार जुटाए।