{"_id":"60d271492d0a014fda61128b","slug":"nia-court-akhil-gogoi-acquitted-of-a-uapa-charge-in-assam","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनआईए कोर्ट : असम में अखिल गोगोई को यूएपीए के एक आरोप से बरी किया","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
एनआईए कोर्ट : असम में अखिल गोगोई को यूएपीए के एक आरोप से बरी किया
Wed, 23 Jun 2021 04:54 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Wed, 23 Jun 2021 04:54 AM IST
सार
- एनआईए के विशेष न्यायाधीश प्रांजल दास ने गोगोई के खिलाफ आरोप तय नहीं किए। गोगोई को दिसंबर 2019 में चबुआ पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के संबंध में गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन
NIA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अदालत ने असम में संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के मामले में सिवसागर से विधायक अखिल गोगोई को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 1967 के तहत दर्ज दो मामलों में से एक में बरी कर दिया है।
विज्ञापन
एनआईए के विशेष न्यायाधीश प्रांजल दास ने गोगोई के खिलाफ आरोप तय नहीं किए। गोगोई को दिसंबर 2019 में चबुआ पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के संबंध में गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उनके दो सहयोगियों जगतजीत गोहेन और भूपेन गोगोई को भी मामले में यूएपीए के तहत सभी आरोपों से बरी कर दिया।
विज्ञापन
कौन हैं अखिल गोगोई
अखिल गोगोई किसान नेता और आरटीआई कार्यकर्ता रहे हैं। वह नवगठित रेजर दल के अध्यक्ष हैं। गोगोई नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में भूमिका निभाने को लेकर दिसंबर 2019 से जेल में बंद हैं। गोगोई शिवसागर सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि उन्होंने कांग्रेस का हाथ छोड़ दिया है।
विज्ञापन
यहां अखिल गोगोई के रेजर दल और असम जनता परिषद के बीच गठबंधन हुआ है। चूंकि गोगोई यहां से चुनाव जीत चुके हैं, ऐसे में यहां की जनता में उनके प्रभाव से इनकार नहीं किया जा सकता है। अब देखना ये है कि उनके नाम का चुनाव परिणामों पर क्या असर पड़ता है। बता दें कि शिवसागर सीट पर पहले चरण में 27 मार्च को मतदान हुआ था।
शिवसागर विधानसभा क्षेत्र में रेजर दल के अध्यक्ष अखिल गोगोई ने असम जनता परिषद के समर्थन में निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरकर बाजी मार ली। जेल में बंद अखिल गोगोई ने यहां कांग्रेस पार्टी की शुभ्रमित्रा गोगोई और भाजपा सुरभि राजकोंवारी को मात दी। त्रिकोणीय मुकाबले में आरटीआई कार्यकर्ता से नेता बने अखिल गोगोई के नाम का असर भी चुनाव के परिणामों में दिखाई दिया।