{"_id":"68b2a844f30b7aceb70589ad","slug":"nia-chargesheets-five-maoist-operatives-for-indian-army-personnel-s-murder-in-chhattisgarh-2025-08-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"NIA: नक्सलियों ने की थी भारतीय सेना के जवान की सरेआम हत्या, कांकेर में परिवार से मिलने गए थे मोतीराम अचला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
NIA: नक्सलियों ने की थी भारतीय सेना के जवान की सरेआम हत्या, कांकेर में परिवार से मिलने गए थे मोतीराम अचला
Sat, 30 Aug 2025 12:59 PM IST
शिव शुक्ला
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शुक्ला
Updated Sat, 30 Aug 2025 12:59 PM IST
सार
एनआईए ने इस साल मार्च में स्थानीय लोगों के मन में दहशत पैदा करने की साजिश के सिलसिले में सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जून में इस मामले में एक अन्य आरोपी आशु कोर्सा के खिलाफ भी आरोप पत्र दायर किया था, जिसे एजेंसी ने फरवरी 2024 में स्थानीय पुलिस से अपने हाथ में ले लिया था।
विज्ञापन
एनआईए।
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में 2023 में एक भारतीय सैन्यकर्मी की हत्या में शामिल होने के आरोप में सीपीआई (माओवादी) आतंकी संगठन के पांच कार्यकर्ताओं/कैडरों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। आरोपियों ने भारतीय सेना के जवान की उस वक्त सरेआम हत्या कर दी थी, जब वह कांकेर जिले में स्थित गांव में अपने परिवार से मिलने आया था। एनआईए ने इस वर्ष मार्च में पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
विज्ञापन
जगदलपुर स्थित एनआईए की विशेष अदालत में दायर पूरक आरोप पत्र में, आरोपी भवन लाल जैन, सुरेश कुमार सलाम, शैलेंद्र कुमार बघेल, अंदूराम सलाम और सोनू हेमला पर आरसी-13/2024/एनआईए/आरपीआर मामले में आईपीसी, शस्त्र अधिनियम और यूए(पी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। भारतीय सेना के एक जवान मोतीराम अचला को फरवरी 2023 में कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र के उसेली गांव के मेले में सीपीआई (माओवादी) के सशस्त्र कैडर ने गोली मार दी थी। तब सैन्य कर्मी मोतीराम अपने परिवार से मिलने के लिए गांव आए थे।
विज्ञापन
एनआईए की जांच से पता चला कि भवन लाल जैन, सुरेश कुमार सलाम, शैलेंद्र कुमार बघेल, अंदूराम सलाम सक्रिय ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) थे। सोनू हेमला सीपीआई (माओवादी) के उत्तर बस्तर संभाग की कुयेमारी एरिया कमेटी का एक सशस्त्र कैडर था। एक अन्य वरिष्ठ माओवादी नेता के साथ मिलकर उन्होंने मोतीराम अचला की पहचान की। इसके बाद एक रणनीति के तहत स्थानीय बाजार में सेना के जवान की हत्या कर दी गई।
विज्ञापन
एनआईए ने इस साल मार्च में स्थानीय लोगों के मन में दहशत पैदा करने की साजिश के सिलसिले में सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जून में इस मामले में एक अन्य आरोपी आशु कोर्सा के खिलाफ भी आरोप पत्र दायर किया था, जिसे एजेंसी ने फरवरी 2024 में स्थानीय पुलिस से अपने हाथ में ले लिया था। मामले में आगे की जांच जारी है।