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NIA: नकली नोटों की जब्ती मामले में एनआईए ने तीन के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट, जानें अब तक क्या हुई कार्रवाई
Sat, 30 Mar 2024 05:14 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Sat, 30 Mar 2024 05:14 PM IST
सार
एनआईए ने अपने बयान में बताया है कि सुदीप बिस्वास की पहचान मुख्य आरोपी के रूप में की गई है। उसने सफीकुल इस्लाम के साथ गैरकानूनी लाभ के लिए नकली भारतीय मुद्रा नोट छापने और उन्हें बाजार में चलाने की साजिश रची थी।
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एनआईए (फाइल फोटो)
- फोटो : social media
विस्तार
असम के गुवाहाटी में नकली नोटों की जब्ती से जुड़े पांच साल पुराने मामले में एनआईए ने बड़ी कार्रवाई की है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 2019 के एक मामले में तीन और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। एजेंसी ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान में इस बात की जानकारी दी है।
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इस बयान में बताया गया है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को खैरुल अलोम खांडाकर, सितजल हक और सुदीप बिस्वास के खिलाफ दूसरी चार्जशीट दाखिल की है। अब इस मामले में आरोप पत्र में सूचीबद्ध आरोपियों की कुल संख्या सात हो गई। इससे पहले दिसंबर 2019 में तीन आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था। इसके बाद मई 2020 में एक और आरोपी के खिलाफ पहला पूरक आरोप पत्र दायर किया गया था।
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एनआईए ने अपने बयान में बताया है कि सुदीप बिस्वास की पहचान मुख्य आरोपी के रूप में की गई है। उसने सफीकुल इस्लाम के साथ गैरकानूनी लाभ के लिए नकली भारतीय मुद्रा नोट छापने और उन्हें बाजार में चलाने की साजिश रची थी। हालांकि सफीकुल इस्लाम बाद में सरकारी गवाह बन गया था। बयान में यह भी कहा गया है कि इन लोगों ने अपनी साजिश के तहत बाजार से एक रंगीन प्रिंटर और बॉन्ड पेपर खरीदा था। इसके बाद 50 रुपये, 100 रुपये, 200 रुपये और 500 रुपये के मूल्यवर्ग में नकली नोट छापे थे।
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जांच एजेंसी ने बताया कि असम पुलिस ने आरोपी मतलेब अली, अमीर हमजा और दिलबर हुसैन को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उनके कब्जे से 1,84,000 रुपये के नकली नोट भी जब्त किए गए थे। इन लोगों की गिरफ्तारी के बाद ये मामला प्रकाश में आया और फिर अक्टूबर 2019 में एनआईए ने मामले को अपने हाथ में ले लिया था।एनआईए की जांच के अनुसार, तीनों को सुदीप और सफीकुल ने नोट बाजार में चलाने के लिए दिए थे।