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NIA: 'डंकी रूट' से अमेरिका भिजवाने वाले मानव तस्करी सिंडिकेट का पर्दाफाश, हिरासत से लेकर हवाला तक की कहानी
Thu, 02 Oct 2025 01:29 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 02 Oct 2025 01:29 PM IST
सार
एनआईए ने अमेरिका भिजवाने वाले अवैध मानव तस्करी से संबंधित मामले का पर्दाफाश किया है। मानव तस्करी सिंडिकेट के सदस्य, न केवल लोगों को अवैध हिरासत में रखते थे, बल्कि उनके पैसे को हवाला चैनलों के माध्यम से घुमाया जाता था।
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एनआईए ने कोलकाता में की छापेमारी
- फोटो : ANI
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विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 'डंकी रूट' मार्ग से अमेरिका भिजवाने वाले अवैध मानव तस्करी से संबंधित मामले का पर्दाफाश किया है। मानव तस्करी सिंडिकेट के सदस्य, न केवल लोगों को अवैध हिरासत में रखते थे, बल्कि उनके पैसे को हवाला चैनलों के माध्यम से घुमाया जाता था। एनआईए ने इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया है, जिसमें कई खुलासे हुए हैं।
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जांच एजेंसी के मुताबिक, धर्मशाला, जिला कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) निवासी सनी और पीरागढ़ी, नई दिल्ली निवासी शुभम संधाल उर्फ दीप हुंडी पर आरसी संख्या 04/2025/एनआईए/डीएलआई मामले में अवैध मानव तस्करी और धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। दोनों को इस साल जुलाई में, मुख्य आरोपी गगनदीप सिंह उर्फ गोल्डी की नई दिल्ली के तिलक नगर इलाके से गिरफ्तारी के लगभग तीन महीने बाद पकड़ा गया था। यह मामला शुरू में पंजाब पुलिस द्वारा एफआईआर संख्या 95/25 दिनांक 18-02-2025 यू/एस 318 बीएनएस, 13, पंजाब ट्रैवल प्रोफेशनल्स (रेगुलेशन) एक्ट 2014 के तहत पीएस गोइंदवाल, जिला तरनतारन पंजाब में दर्ज किया गया था। उसके बाद एनआईए द्वारा 13.03.2025 को केस आरसी 04/25/एनआईए/डीएलआई के रूप में पुनः पंजीकृत किया गया।
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इस साल मार्च में पंजाब पुलिस से मामला अपने हाथ में लेने के बाद एनआईए ने जांच के दौरान पाया कि सनी एक 'डोंकर' था जो 'डंकी' रूट के रास्ते मानव तस्करी में सक्रिय रूप से शामिल था। 2021 से 2023 तक मेक्सिको में रहने के दौरान, उसने गोल्डी और अन्य लोगों के साथ मिलकर अवैध सीमा पार करने और पीड़ितों को गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखने में मदद की। उसे हवाला और बैंक ट्रांसफर के ज़रिए भुगतान मिलता था। 2023 में भारत लौटने के बाद भी, उसने रसद का समन्वय, हवाला लेनदेन का प्रबंधन और पीड़ितों को सीधे डंकी रूट के रास्ते भेजना जारी रखा।
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दिल्ली स्थित हवाला एजेंट शुभम संधाल मुख्य रूप से गोल्डी और उसके साथियों द्वारा संचालित मानव तस्करी सिंडिकेट के लिए अवैध धन हस्तांतरण में शामिल था। एनआईए की जाँच से पता चला है कि शुभम भारतीय ग्राहकों से धन इकट्ठा करता था और हवाला नेटवर्क के जरिए उसे विदेश भेजता था। उसकी भूमिका अवैध आव्रजन रैकेट के तहत भारत, मेक्सिको और अमेरिका में अवैध धन का सुचारू रूप से प्रबंधन और उसे आगे भिजवाना था।
एनआईए ने इस मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ अपनी जांच जारी रखी है। कानूनी वीजा के झूठे वादे के साथ निर्दोष लोगों को धोखा देने और उनका शोषण करने में शामिल इसी तरह के अवैध तस्करी गिरोहों को खत्म करने के लिए भी एनआईए काम कर रही है।