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यमुना किनारे धोबी घाट तोड़ने के खिलाफ धोबियों की याचिका, एनजीटी का सुनवाई से इनकार
Thu, 04 Feb 2021 06:11 PM IST
योगेश साहू
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Thu, 04 Feb 2021 06:11 PM IST
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- फोटो : PTI
राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने ओखला के जामिया नगर में धोबी घाट को तोड़ने के खिलाफ धोबियों की याचिका पर इस आधार पर सुनवाई करने से इंकार कर दिया है कि यह यमुना नदी के 'ओ' क्षेत्र में पड़ता है, जहां निर्माण प्रतिबंधित है।
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एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यमुना के किनारे वाले हिस्से के संरक्षण के लिए उठाए गए कदम संतोषजनक हैं और अतिक्रमण काफी ज्यादा है।
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पीठ ने कहा कि यह स्पष्ट है कि डूब क्षेत्र से अतिक्रमण को दिल्ली विकास प्राधिकरण हटाएगा, जिसे उसने मास्टर प्लान में 'ओ' क्षेत्र के तौर पर चिह्नित किया है। डीडीए के पत्र के मुताबिक धोबी घाट 'ओ' क्षेत्र में है। यह वास्तविक स्थिति है, आगे के आदेश की जरूरत नहीं है।
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अधिकरण ने कहा कि यमुना के डूब क्षेत्र को चिह्नित किया जाना चाहिए और स्थायी निर्माण से मुक्त रखा जाना चाहिए और जहां भी संभव हो, इसे वास्तविक स्थिति के मुताबिक पुनर्बहाल किया जाना चाहिए। याचिका के मुताबिक धोबीघाट यमुना नदी के पानी से ढाई किलोमीटर दूर स्थित है।
याचिका में कहा गया कि यथास्थिति बनाए रखी जानी चाहिए, क्योंकि संबंधित स्थल का इस्तेमाल धोबी अपनी आजीविका के लिए करते हैं और लंबे समय तक कोरोना वायरस महामारी के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।