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मुंबई मेयर रितु तावड़े पर कोर्ट की कार्रवाई: गैरहाजिरी पर लगा ₹300 का जुर्माना, गणेश विसर्जन पर क्या बोलीं?
Wed, 23 Sep 2026 09:39 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, मुंबई।
पीटीआई, मुंबई।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 23 Sep 2026 09:39 PM IST
सार
मुंबई की मेयर रितु तावड़े को 2016 के दो शिक्षकों से मारपीट के मामले में अदालत में पेशी से छूट मांगने पर 300 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। अदालत ने उनकी और दो अन्य आरोपियों की छूट की अर्जी मंजूर की, लेकिन अगली सुनवाई से पहले रकम जमा करने को कहा। वहीं गणेश विसर्जन को लेकर तावड़े ने बॉम्बे हाईकोर्ट के डीजे, लेजर और पटाखों से जुड़े निर्देशों का पालन करने की बात कही है। मुंबई में गणेश विसर्जन 25 सितंबर को होगा।
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रितु तावड़े, मुंबई मेयर
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मुंबई की मेयर और भाजपा पार्षद रितु तावड़े को 2016 के एक पुराने मारपीट मामले में अदालत से राहत तो मिली, लेकिन इसके साथ उन्हें 300 रुपये जुर्माना भी लगा है। मामला मुंबई के वकोला इलाके के एक नगर निगम के उर्दू माध्यम स्कूल में दो शिक्षकों के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। घटना 29 जुलाई 2016 की है। इस मामले में अदालत आरोप तय कर चुकी है और अब मुकदमे की सुनवाई शुरू होने वाली है।
अदालत ने तावड़े पर लागत क्यों लगाई?
रितु तावड़े के वकील ने मंगलवार को अदालत में उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी से छूट देने की अर्जी दाखिल की थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जीजी भंसाली ने ध्यान दिलाया कि पिछली सुनवाई में अदालत पहले ही उनकी गैरहाजिरी को ‘आखिरी मौका’ देते हुए मंजूर कर चुकी थी। इसके बावजूद नई अर्जी आने पर अदालत ने तावड़े और दो अन्य आरोपियों को सुनवाई में मौजूद रहने से छूट दे दी, लेकिन तीनों पर 300-300 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह रकम अगली सुनवाई यानी सात अक्तूबर से पहले जमा करनी होगी।
मामले से जुड़ी बड़ी बातें
गणेश विसर्जन को लेकर मेयर ने क्या कहा?
बुधवार को रितु तावड़े ने कहा कि मुंबई में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे, लेजर और पटाखों के इस्तेमाल को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों का बीएमसी और प्रशासन पालन करेगा। उन्होंने नागरिकों से भी अदालत के आदेश का पालन करने की अपील की। मुंबई में गणेश विसर्जन 25 सितंबर को होगा, जो गणेश उत्सव का अंतिम दिन है।
तावड़े ने कहा, 'यह हमारा कर्तव्य है कि माननीय हाईकोर्ट ने जो भी निर्देश दिए हैं, उनका पालन करें। चाहे बीएमसी हो, प्रशासन हो या जनता, हम सभी आदेश का पालन कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक डीजे या लेजर का इस्तेमाल नहीं हुआ है और हाईकोर्ट की ओर से कोई नया आदेश आता है तो प्रशासन उसका पालन सुनिश्चित करेगा।
यह भी पढ़ें: 'हम आतंकवाद के शिकार': यूएन में पेजेश्कियान का ट्रंप पर निशाना, मिनाब स्कूल हमले की तस्वीरें भी दिखाई
गणेश विसर्जन के लिए क्या व्यवस्था?
तावड़े ने बताया कि मुंबई में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 387 कृत्रिम झीलों और अन्य प्राकृतिक जल निकायों पर निशुल्क व्यवस्था की गई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि इन स्थानों पर गणपति विसर्जन के लिए किसी को भी पैसे न दें। यह व्यवस्था गणेश विसर्जन को लेकर बीएमसी की ओर से की गई है।
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अदालत ने तावड़े पर लागत क्यों लगाई?
रितु तावड़े के वकील ने मंगलवार को अदालत में उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी से छूट देने की अर्जी दाखिल की थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जीजी भंसाली ने ध्यान दिलाया कि पिछली सुनवाई में अदालत पहले ही उनकी गैरहाजिरी को ‘आखिरी मौका’ देते हुए मंजूर कर चुकी थी। इसके बावजूद नई अर्जी आने पर अदालत ने तावड़े और दो अन्य आरोपियों को सुनवाई में मौजूद रहने से छूट दे दी, लेकिन तीनों पर 300-300 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह रकम अगली सुनवाई यानी सात अक्तूबर से पहले जमा करनी होगी।
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मामले से जुड़ी बड़ी बातें
- 29 जुलाई 2016 को वकोला के नगर निगम उर्दू माध्यम स्कूल में घटना हुई थी। अभियोजन के मुताबिक, तावड़े समेत सात लोग स्कूल में पहुंचे थे।
- वहां कैंसर से पीड़ित एक शिक्षक के तबादले को लेकर प्रबंधन से बहस हुई थी। आरोप है कि इसी दौरान तावड़े और अन्य लोगों ने दो शिक्षकों के साथ मारपीट की।
- मामले में 11 अगस्त 2016 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अदालत ने तावड़े और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं।
- तावड़े ने दावा किया है कि मौके पर उनकी मौजूदगी संयोगवश थी और कथित भीड़ की घटना से उनका कोई संबंध नहीं था।
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गणेश विसर्जन को लेकर मेयर ने क्या कहा?
बुधवार को रितु तावड़े ने कहा कि मुंबई में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे, लेजर और पटाखों के इस्तेमाल को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देशों का बीएमसी और प्रशासन पालन करेगा। उन्होंने नागरिकों से भी अदालत के आदेश का पालन करने की अपील की। मुंबई में गणेश विसर्जन 25 सितंबर को होगा, जो गणेश उत्सव का अंतिम दिन है।
तावड़े ने कहा, 'यह हमारा कर्तव्य है कि माननीय हाईकोर्ट ने जो भी निर्देश दिए हैं, उनका पालन करें। चाहे बीएमसी हो, प्रशासन हो या जनता, हम सभी आदेश का पालन कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक डीजे या लेजर का इस्तेमाल नहीं हुआ है और हाईकोर्ट की ओर से कोई नया आदेश आता है तो प्रशासन उसका पालन सुनिश्चित करेगा।
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गणेश विसर्जन के लिए क्या व्यवस्था?
तावड़े ने बताया कि मुंबई में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 387 कृत्रिम झीलों और अन्य प्राकृतिक जल निकायों पर निशुल्क व्यवस्था की गई है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि इन स्थानों पर गणपति विसर्जन के लिए किसी को भी पैसे न दें। यह व्यवस्था गणेश विसर्जन को लेकर बीएमसी की ओर से की गई है।