{"_id":"612b63b242e06016f8368263","slug":"ngt-notice-to-center-on-construction-of-housing-scheme-near-du-sought-response-on-grant-of-environmental-clearance","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनजीटी : डीयू के पास आवास योजना के निर्माण पर केंद्र को नोटिस, पर्यावरण मंजूरी देने पर मांगा जवाब ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
एनजीटी : डीयू के पास आवास योजना के निर्माण पर केंद्र को नोटिस, पर्यावरण मंजूरी देने पर मांगा जवाब
Sun, 29 Aug 2021 04:08 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 29 Aug 2021 04:08 PM IST
सार
राष्ट्रीय हरित न्यायालय ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के पास एक निजी बिल्डर द्वारा ग्रुप हाउसिंग स्कीम के निर्माण और उसे पर्यावरण मंजूरी दिए जाने पर केंद्र को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
विज्ञापन
NGT
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) के पास एक निजी बिल्डर द्वारा ग्रुप हाउसिंग स्कीम के निर्माण पर राष्ट्रीय हरित न्यायालय (एनजीटी) ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह नोटिस योजना को पर्यावरण मंजूरी दिए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर जारी किया गया है।
विज्ञापन
बिल्डर द्वारा विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के पास इस आवास योजना के तहत निर्माण कार्य किया जा रहा है। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्रीय पर्यावरण व वन मंत्रालय, यंग बिल्डर्स प्राइवेट लि. व अन्य को नोटिस जारी कर एक माह में जवाब मांगा है। एनजीटी की पीठ ने कहा कि चूंकि न्यायाधिकरण को योजना को पर्यावरण मंजूरी देने के निर्णय की समीक्षा करना है, इसलिए यह जरूरी है कि संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर उनसे रिकॉर्ड बुलवाया जाए।
विज्ञापन
परियोजना के प्रस्तावक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आत्माराम एनएस नाडकर्णी ने पीठ को बताया कि एनजीटी के निर्णय के लंबित रहने तक परियोजना के निर्माण या विकास के लिए कोई और कदम नहीं उठाया जाएगा। दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर के समीप आवास परिसर का निर्माण करने वाली रियल एस्टेट फर्म ने पहले एनजीटी को बताया था कि वह परियोजना के लिए नए सिरे से पर्यावरण मंजूरी लेगी और पर्यावरण मंत्रालय में आवेदन करेगी।
विज्ञापन
दिल्ली विश्वविद्यालय ने यह कहते हुए पर्यावरण मंजूरी के अनुदान को चुनौती दी है कि यह परियोजना दिल्ली के मास्टर प्लान-2021 का उल्लंघन है और व्यापक सार्वजनिक हितों के खिलाफ है।