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Environmental Compensation: पश्चिम बंगाल पर 3500 करोड़ रुपये का जुर्माना, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की कार्रवाई
Sat, 03 Sep 2022 06:07 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 03 Sep 2022 06:07 PM IST
सार
एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों से लापरवाही नहीं कर सकते। इसे लंबे समय के लिए टाला नहीं जा सकता।
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एनजीटी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पश्चिम बंगाल राज्य पर 3500 करोड़ रुपये का पर्यावरणीय जुर्माना लगाया है। जुर्माना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन का कथित रूप से प्रबंधन नहीं करने के लिए लगाया गया है।
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एनजीटी ने कहा कि बंगाल सरकार सीवेज और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाओं की स्थापना को प्राथमिकता देती नजर नहीं आ रही है। वित्त वर्ष 2022-23 के लिए राज्य के बजट में शहरी विकास और नगर पालिका से जुड़े मामलों पर 12818.99 करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान किया गया है।
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एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों से लापरवाही नहीं कर सकते। इसे लंबे समय के लिए टाला नहीं जा सकता। प्रदूषण मुक्त वातावरण प्रदान करना राज्य और स्थानीय निकायों की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
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पैनल ने कहा कि जीवन के अधिकार का हिस्सा होने के नाते धन की कमी के हवाले से इस तरह के अधिकार से इनकार नहीं किया जा सकता है। पर्यावरण को नुकसान को ध्यान में रखते हुए हम मानते हैं कि पिछले उल्लंघनों के लिए मुआवजे का भुगतान जल्द से जल्द किया जाना चाहिए और आगे से इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए और पर्यावरण संरक्षण के लिए काम किया जाए।