फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   NGT directs MoEFCC to ensure implementation of framework on identification of industrial residue

NGT: एनजीटी ने औद्योगिक उत्पादन से निकले अपशिष्ट पर जताई चिंता, पर्यावरण मंत्रालय को निपटने के लिए दिए निर्देश

Sat, 19 Aug 2023 06:25 PM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Jeet Kumar Updated Sat, 19 Aug 2023 06:25 PM IST
सार

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) को औद्योगिक प्रक्रियाओं और उत्पादन से अवशेषों से उत्पन्न सामग्री को अपशिष्ट या उप-उत्पाद के रूप में पहचानने के लिए तत्काल उपाय करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन
NGT directs MoEFCC to ensure implementation of framework on identification of industrial residue
एनजीटी - फोटो : NGT

विस्तार

देश में औद्योगिक कचरा और उसका प्रबंधन चिंता का विषय बना हुआ है। वहीं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) को औद्योगिक प्रक्रियाओं और उत्पादन से अवशेषों से उत्पन्न सामग्री को अपशिष्ट या उप-उत्पाद के रूप में पहचानने के लिए तत्काल उपाय करने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन


ट्रिब्यूनल केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी औद्योगिक प्रक्रियाओं से उत्पन्न सामग्रियों की अपशिष्ट के रूप में पहचान पर रूपरेखा के कार्यान्वयन न होने के संबंध में एक मामले की सुनवाई कर रहा था। एनजीटी के आदेश के बाद सितंबर 2019 में रूपरेखा जारी की गई थी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी खतरनाक कचरे को उत्पादन के उप-उत्पाद के रूप में वर्गीकृत नहीं किया जाए।
विज्ञापन


याचिका के अनुसार, किसी भी उत्पादन प्रक्रिया से उत्पन्न सामग्री को कब "उप-उत्पाद" माना जाना चाहिए और कब इसे "अपशिष्ट" माना जाना चाहिए, इसकी रूपरेखा स्थापित नहीं की गई है। शुक्रवार को पारित एक आदेश में, कार्यवाहक अध्यक्ष न्यायमूर्ति एसके सिंह की पीठ ने मामले को वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) को भेज दिया क्योंकि उठाए गए मुद्दों पर आगे विचार की आवश्यकता थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल की पीठ ने यह निर्देश दिया कि मंत्रालय को सीपीसीबी, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) और प्रदूषण नियंत्रण समितियों (पीसीसी) के परामर्श से औद्योगिक प्रक्रिया से उत्पन्न सामग्री की अपशिष्ट या अपशिष्ट उत्पाद के रूप में पहचान पर ढांचे के उचित कार्यान्वयन के लिए तत्काल उपाय करना होगा। एनजीटी ने मंत्रालय को तीन महीने के भीतर की गई कार्रवाई रिपोर्ट सौंपने को भी कहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed