मंत्री कोंडा सुरेखा पर एक्शन की तैयारी में कांग्रेस?: हाईकमान ने दिल्ली किया तलब; जानें क्या है मामला
कांग्रेस आलाकमान ने तेलंगाना की वन, पर्यावरण एवं बंदोबस्त मंत्री कोंडा सुरेखा को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली तलब किया है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ उनकी बेटी की ओर से की गई टिप्पणियों को लेकर सुरेखा विवादों में घिरी हुई हैं।
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विस्तार
कांग्रेस आलाकमान ने तेलंगाना की मंत्री कोंडा सुरेखा को दिल्ली बुलाया है। यह कदम मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के खिलाफ उनकी बेटी कोंडा सुष्मिता की टिप्पणियों और सुरेखा तथा योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष जी. चिन्ना रेड्डी पर लगे कथित अनुशासनहीनता के आरोपों के बीच उठाया गया है। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुशासन समिति दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश कर चुकी है। अब दिल्ली में कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और प्रदेश के अन्य वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श के बाद अंतिम फैसला ले सकता है। इसी दौरान तेलंगाना में कैबिनेट फेरबदल, विस्तार और नामित पदों पर नियुक्तियों को लेकर भी चर्चा तेज है।
केसी वेणुगोपाल से करेंगी मुलाकात, खरगे से भी मांगा समय
सुरेखा मंगलवार को नई दिल्ली के लिए रवाना हुईं। दिल्ली में वह कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात करेंगी। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात के लिए भी समय मांगा है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ भी राष्ट्रीय राजधानी पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि पार्टी आलाकमान सुरेखा और तेलंगाना योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष जी. चिन्ना रेड्डी के खिलाफ कथित अनुशासनहीनता के मामले में सख्त कार्रवाई कर सकता है।
अनुशासन समिति ने की कड़ी कार्रवाई की सिफारिश
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब राज्य कांग्रेस की अनुशासन समिति ने कुछ दिन पहले सुरेखा और चिन्ना रेड्डी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की थी। राज्य कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ ने अंतिम निर्णय के लिए अनुशासन समिति की रिपोर्ट पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भेज दी है।
कई बड़े नेता दिल्ली में, कैबिनेट फेरबदल पर भी चर्चा
सिंचाई मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी और कृषि मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव, विधानसभा अध्यक्ष गड्डम प्रसाद कुमार सहित कई मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी दिल्ली में मौजूद हैं। ऐसी खबरें हैं कि पार्टी नेतृत्व राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की योजना पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही विभिन्न नामित पदों पर नियुक्तियों के लिए नामों को अंतिम रूप दिए जाने की भी संभावना है। उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का और उद्योग एवं आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू के मंगलवार देर रात या बुधवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना होने की संभावना है।
सुरेखा और चिन्ना रेड्डी के मामले पर शीर्ष नेतृत्व करेगा मंथन
पार्टी के आंतरिक मुद्दों, खासकर मंत्री सुरेखा और चिन्ना रेड्डी से जुड़े विवाद पर अंतिम निर्णय लेने से पहले कांग्रेस नेतृत्व मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, AICC प्रभारी मीनाक्षी नटराजन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ और अन्य मंत्रियों सहित प्रमुख नेताओं के साथ विचार-विमर्श करेगा। बताया जा रहा है कि रेवंत रेड्डी सुरेखा और चिन्ना रेड्डी, दोनों को उनके मौजूदा पदों से हटाने पर जोर दे रहे हैं।
25 अगस्त को अनुशासन समिति ने सौंपी थी रिपोर्ट
TPCC की अनुशासन समिति ने 25 अगस्त को अपनी रिपोर्ट राज्य कांग्रेस अध्यक्ष को सौंप दी थी। माना जा रहा है कि समिति ने सुरेखा को मंत्रिमंडल से हटाने और चिन्ना रेड्डी को भी उनके पद से हटाने की सिफारिश की है।
पार्टी के लिए नुकसानदेह मानी गईं टिप्पणियां
सुरेखा और चिन्ना रेड्डी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश उनकी उन टिप्पणियों को लेकर की गई, जिन्हें पार्टी और उसके नेतृत्व के लिए नुकसानदेह माना गया। वरिष्ठ नेता चिन्ना रेड्डी तेलंगाना योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष हैं और उन्हें कैबिनेट मंत्री के बराबर दर्जा प्राप्त है। अनुशासन समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सुरेखा को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ अपनी बेटी कोंडा सुष्मिता की ओर से की गई टिप्पणियों की सार्वजनिक रूप से निंदा करनी चाहिए थी। समिति ने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है, जब सुरेखा पर पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने के आरोप लगे हैं।
सुरेखा ने बेटी के बयान से खुद को किया अलग
अनुशासन समिति की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब में सुरेखा ने वारंगल जिले के परकाला में एक कार्यक्रम के दौरान अपनी बेटी सुष्मिता द्वारा की गई टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया था। मंत्री ने अपने जवाब में कहा था कि मुख्यमंत्री के खिलाफ उनकी बेटी की ओर से की गई टिप्पणियों के लिए उन्हें राजनीतिक रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि ये उनकी बेटी के निजी विचार थे। सुरेखा ने अनुशासन समिति से उन्हें जारी किया गया कारण बताओ नोटिस वापस लेने का भी आग्रह किया था।
चिन्ना रेड्डी ने भी नोटिस वापस लेने की मांग की
चिन्ना रेड्डी ने भी अनुशासन समिति से उन्हें जारी कारण बताओ नोटिस वापस लेने का आग्रह किया था। अपने जवाब में उन्होंने कहा कि हाल ही में उनके द्वारा की गई टिप्पणियां लंबे समय से पार्टी से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं की शिकायतों को सामने रखने के उद्देश्य से की गई थीं। उन्होंने 16 अगस्त को वनपर्थी जिले के गोपालपेट में मंडल कांग्रेस कार्यालय के उद्घाटन के दौरान पार्टी नेतृत्व और वनपर्थी के विधायक टी. मेघा रेड्डी के खिलाफ टिप्पणियां की थीं।
रेवंत रेड्डी ने विवाद पर टिप्पणी से किया था इनकार
24 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सुरेखा और उनकी बेटी से जुड़े विवाद पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि वह मीडिया के सामने पार्टी के आंतरिक मामलों पर बात नहीं करना चाहते, क्योंकि इस मामले को पहले ही अनुशासन समिति देख रही है।
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आलाकमान के फैसले को अंतिम बताया
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पार्टी में अनुशासन के महत्व पर जोर देते हुए कहा था कि पार्टी आलाकमान का फैसला अंतिम होगा और सभी नेताओं को उसका पालन करना होगा।