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एनजीटी: सूरत की सीमेंट इकाई पहले पर्यावरण चिंताएं दूर करे, तभी देंगे मंजूरी
Fri, 22 Jan 2021 07:32 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 22 Jan 2021 07:32 PM IST
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- फोटो : PTI
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गुजरात के सूरत की एक सीमेंट इकाई को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी एनजीटी ने स्पष्ट कहा कि पर्यावरण की चिंताएं दूर करने पर ही इसे मंजूरी दी जा सकती है। चिंताओं का उचित समाधान मिलने तक सीमेंट संयंत्र को इजाजत नहीं मिलेगी।
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एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए. के. गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पर्यावरण प्रभाव आकलन (इआईए) का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पर्यावरण को प्रभावित करने वाली सभी चिंताओं का समुचित समाधान किया जाए, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ है।
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अधिकरण राज्य स्तरीय पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण, गुजरात द्वारा सूरत के चोरयासी के शिवरामपुर गांव में इकलौती सीमेंट इकाई लगाने के लिए सांघी इंडस्ट्रीज को पर्यावरण मंजूरी दिए जाने के खिलाफ इंजीनियरिंग और विनिर्माण कंपनी लार्सन एंड टूब्रो की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। ‘एल एंड टी’ ने आरोप लगाया है कि इस इकाई का क्षेत्र में स्थित रक्षा उपकरण निर्माण इकाई हजिरा मैन्यूफैक्चरिंग कॉम्पलेक्स पर खतरनाक प्रभाव होगा।
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अधिकरण ने इस संबंध में प्राप्त सूचनाओं पर गौर करने के बाद पाया कि इकाई से निकलने वाली धूल, वाहनों की आवाजाही से होने वाले शोर, ग्राम पंचायत की सड़कों की क्षमता सहित तमाम बातों पर गौर नहीं किया गया है। पीठ ने अपने आदेश में इकाई से जुड़े विभिन्न पहलुओं का आकलन करने और पर्यावरणीय चिंताओं को दूर करने के लिए केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को समन्वय और क्रियान्वयन की नोडल एजेंसी बनाया है।
अधिकरण ने विशेषज्ञों की एक समिति भी गठित की है जो अपनी रिपोर्ट तीन महीने के भीतर राष्ट्रीय हरित अधिकरण को ई-मेल से भेजेगी।