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फैसला सुरक्षित करने वाले जजों ने कहा एनजीटी की बड़ी पीठ करेगी चारधाम मामले की सुनवाई

Wed, 05 Sep 2018 05:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Updated Wed, 05 Sep 2018 05:01 AM IST
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NGT big bench to hear chardham case hearing
ngt - फोटो : ngt
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर उत्तराखंड में चारधाम परियोजना मामले पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की जस्टिस जावद रहीम के अध्यक्षता वाली पुरानी तीन सदस्यीय पीठ ने मंगलवार को सुनवाई की। पीठ ने याची की मांग के विपरीत यह निर्णय लिया है कि चारधाम परियोजना मामले पर सुनवाई बड़ी पीठ को भेजी जाएगी। वहीं चेयरमैन जस्टिस आदर्श कुमार गोयल यह तय करेंगे कि इस मामले पर सुनवाई के लिए कौन-कौन से सदस्य पीठ में शामिल होंगे।  
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जस्टिस जावद रहीम की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में खुद कहा है कि यह मामला बेहद पेचीदा है। ऐसे में हमें लगता है कि बड़ी पीठ को ही इस मामले की सुनवाई करनी चाहिए। लिहाजा मामले को बड़ी पीठ के पास सुनवाई के लिए भेजा जाता है जिस पर अगली सुनवाई 6 सितंबर को होगी। 
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इससे पहले सुनवाई में गैर सरकारी संस्था सिटीजन फॉर ग्रीन दून की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता संजय पारीख ने कहा कि ऐसी कोई परिस्थिति नहीं है कि मामले की सुनवाई को किसी दूसरी पीठ के पास भेजा जाए। इस मामले पर आपकी पीठ ने फैसला भी सुरक्षित कर लिया है। ऐसे में जो भी मामले में कठिनाई के बिंदु हैं वही इसी पीठ को सुनने चाहिए। 
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इतना ही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने आदेश में कहा है कि जिस पीठ ने फैसला सुरक्षित किया है वही पीठ इस मामले की सुनवाई करे। हालांकि, पीठ ने इन दलीलों को नहीं माना और बड़ी पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए भेज दिया।   


27 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जिस पीठ ने फैसला सुरक्षित किया है वही पीठ एक दिन कम से कम इस मामले पर याची की दलीलों को सुने। इसके बाद एनजीटी ने पीठ की सुनवाई 4 सितंबर को तय की थी। याची ने चारधाम परियोजना के लिए सड़कों के चौड़ीकरण परियोजनाओं में पर्यावरण मंजूरी न लिए जाने के सवाल को उठाया था। साथ ही आरोप लगाया था कि परियोजना को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट दिया गया है ताकि परियोजना प्रस्तावक को पर्यावरण मंजूरी न लेनी पड़े। जबकि चारधाम परियोजना का काम बेहद पर्यावरण संवेदी क्षेत्रों में किया जा रहा है।  
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