फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Manipur Crisis North East Frontier Railway Has Stopped All Manipur Bound Trains Order of Shoot at Site

Manipur: सेना ने कहा- मणिपुर में अब काबू में हालात, ट्रेनों की आवाजाही पर रोक; जानें पूर्वोत्तर राज्य का हाल

Fri, 05 May 2023 07:40 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इमफल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इमफल Published by: काव्या मिश्रा Updated Fri, 05 May 2023 07:40 PM IST
सार

मणिपुर सरकार ने गुरुवार को आदिवासियों और मेइती समुदाय के बीच बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए अत्यधिक गंभीर मामलों में उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया था। वहीं, मणिपुर सरकार की सलाह पर ट्रेनों की आवाजाही पर रोक लगाने का निर्णय लिया है।

विज्ञापन
Manipur Crisis North East Frontier Railway Has Stopped All Manipur Bound Trains Order of Shoot at Site
ट्रेनों की आवाजाही पर रोक - फोटो : iStock

विस्तार

मणिपुर में बहुसंख्यक मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में शामिल करने के खिलाफ हो रहा विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। कई संगठनों ने बुधवार को ‘आदिवासी एकता मार्च’ का आह्वान किया, जिसमें हिंसा भड़क गई थी। जहां शुक्रवार सुबह ट्रेनों की आवाजाही पर रोक लगने की जानकारी सामने आई। वहीं भारतीय सेना ने बताया कि अब मणिपुर में हालात नियंत्रण में हैं। सभी कर्मचारियों द्वारा मिलकर कार्रवाई करने से हालात को काबू में लाया जा सका है।

विज्ञापन


भारतीय सेना के अनुसार, वायु सेना ने C17 ग्लोबमास्टर और AN 32 वायुयानों से लगातार दो दिन असम में उड़ानें भरीं। प्रभावित क्षेत्रों से सभी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रात भर उड़ानें भरी गईं। वहीं, चुराचांदपुर और अन्य संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च जारी है। 

विज्ञापन


बता दें, मणिपुर सरकार ने गुरुवार को आदिवासियों और मेइती समुदाय के बीच बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए अत्यधिक गंभीर मामलों में उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किया था। वहीं, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने मणिपुर सरकार की सलाह पर ट्रेनों की आवाजाही पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। एनएफ रेलवे के सीपीआरओ सब्यसाची डे के अनुसार, हालात जबतक सही नहीं हो जाते हैं, तब तक कोई ट्रेन मणिपुर में प्रवेश नहीं करेगी। वहीं, भारतीय रेलवे ने बताया कि चार ट्रेनों को रद्द किया गया है। यह फैसला फिलहाल दो दिन (5 और 6 मई) के लिए लिया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मणिपुर जाने वाली ट्रेनों को कैंसिल किया गयाः पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) के प्रवक्ता ने शुक्रवार को कहा कि सेवा बहाल करने का निर्णय स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद लिया जाएगा।  उन्होंने बताया कि सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलने वाली अगरतला खोंगसांग जन शताब्दी एक्सप्रेस और दैनिक सिलचर वांगईचुंगपाओ पैसेंजर ट्रेन को बीच में ही रोक दिया गया है। डे ने कहा, ''इन ट्रेनों को असम सीमा पर अरुणाचल रेलवे स्टेशन पर रोक दिया जाएगा।"

सेना ने कई जगह बनाए सहायता डेस्क, जारी किए हेल्पलाइन नंबर

सेना ने मणिपुर में अशांत क्षेत्र में रह रहे सशस्त्र बल के सैनिकों और पूर्व सैनिकों की सहायता के लिए कई जगह हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। यह पर्यटकों के लिए भी सहायता करेगी। सेना ने इन नंबरों को एसएमएस के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की है। ये नंबर चौसीबों घंटे काम करेंगे। पूरे भारत के लिए 1904, भारतीय सेना की पूर्वी कमान, कोलकाता, मोबाइल नंबर 7439229496, लैंड लाइन नंबर- 033-22438703, तेजपुर मोबाइल नंबर 9387144346, लैंडलाइन नंबर 036-2124276, रंगापारा- मोबाइल नंबर 8798959257 और लैंड लाइन नंबर 038-62249122 को जारी किया गया है।

मणिपुर में क्या हो रहा है? 

मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी में शामिल करने की मांग के विरोध में छात्रों के संगठन ‘ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर’ (एटीएसयूएम) ने मार्च बुलाया था। ‘आदिवासी एकता मार्च’ के नाम से हो रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि रैली में हजारों आंदोलनकारियों ने हिस्सा लिया और इस दौरान तोरबंग इलाके में आदिवासियों और गैर-आदिवासियों के बीच झड़प शुरू हो गई। अधिकारी ने बताया कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।

कई परिवारों ने असम में शरण ली
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मणिपुर संकट पर चिंता जताई है और राज्य की हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि मणिपुर में हाल की घटनाओं से प्रभावित कई परिवारों ने असम में शरण ली है। मैंने कछार के जिला प्रशासन से इन परिवारों की देखभाल करने का अनुरोध किया है। मैं मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के साथ भी लगातार संपर्क में हूं और इस संकट की घड़ी में असम सरकार ने पूरा समर्थन देने का संकल्प लिया है।

यह भी पढ़ें- मणिपुर में हालात चिंताजनक: उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश; फर्जी वीडियो को लेकर सेना ने कही यह बात

स्थिति को काबू करने के लिए क्या कदम उठाए गए?

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, स्थिति को देखते हुए गैर-आदिवासी बहुल इंफाल पश्चिम, काकचिंग, थौबल, जिरिबाम और बिष्णुपुर जिलों और आदिवासी बहुल चुराचांदपुर, कांगपोकपी और तेंगनौपाल जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया।

राज्यभर में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को तत्काल प्रभाव से पांच दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। कर्फ्यू लगाने संबंधी अलग-अलग आदेश आठ जिलों के प्रशासन द्वारा जारी किए गए हैं। इस बीच, सेना ने जानकारी दी है कि मणिपुर नागरिक प्रशासन की अपील पर विभिन्न इलाकों में सेना की तैनाती की गई है। यह तैनाती तीन मई शाम से की गई है। लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है और कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।

यह भी पढ़ें- Manipur: मणिपुर में क्यों भड़की हिंसा, मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने को लेकर विवाद क्या है?

9,000 से अधिक लोग विस्थापित

नगा और कुकी आदिवासियों की ओर से आदिवासी एकजुटता मार्च निकालने के बाद बुधवार को हिंसा भड़क गई थी। हालात रात में और गंभीर हो गए थे। राज्य की 53 फीसदी आबादी वाले गैर-आदिवासी मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) के दर्जे की मांग के खिलाफ चुराचांदपुर जिले के तोरबंग इलाके में ‘ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर’ (एटीएसयूएम) की ओर बुलाए गए ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के दौरान बुधवार को हिंसा भड़क गई। हिंसा के कारण 9,000 से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं।

छात्रों को निकालेंगे सुरक्षित बाहर: अरुणाचल प्रदेश सीएम

अरुणाचल प्रदेश के सीएम पेमा ने बताया कि प्रदेश सरकार मणिपुर सरकार के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि हम लगातार अपने छात्रों की भलाई सुनिश्चित करने के लिए उनके संपर्क में है। मणिपुर से छात्रों की सुरक्षित निकालने  के लिए आयुक्त सीएमओ की देखरेख में एक समन्वय समिति भी गठित की गई है।


 

हेल्पलाइन नंबर जारी: त्रिपुरा सीएम

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने हेल्पलाइन नंबर जारी करने की जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट किया कि त्रिपुरा सरकार ने मणिपुर में हाल की घटनाओं के संबंध में त्रिपुरा के निवासियों को 24x7 आधार पर सहायता प्रदान करने के लिए निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

 
 

असम के गुवाहाटी में किया गया प्रदर्शन

असम के गुवाहाटी में रहने वाले मणिपुरी लोगों ने अपने राज्य में हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शुक्रवार को यहां प्रदर्शन किया। मणिपुर बस्ती इलाके में सैकड़ों लोगों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया, जिसमें मुख्य रूप से मेइतेई समुदाय के लोग शामिल थे।  गुवाहाटी के मणिपुर समन्वय समिति के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने तख्तियां दिखाईं जिन पर लिखा था, "मणिपुर में शांति हमारे अस्तित्व की कीमत पर नहीं होनी चाहिए।"

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed