{"_id":"69f7c3d1e740b114250a8b24","slug":"news-updates-north-east-west-south-india-elections-2026-politics-crime-national-news-in-hindi-2026-05-04","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Updates: भारत-कंबोडिया की सेनाओं का संयुक्त सैन्य अभ्यास; विशाखापत्तनम में बिल्डिंग स्लैब गिरने से एक की मौत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Updates: भारत-कंबोडिया की सेनाओं का संयुक्त सैन्य अभ्यास; विशाखापत्तनम में बिल्डिंग स्लैब गिरने से एक की मौत
Mon, 04 May 2026 03:23 AM IST
Devesh Tripathi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Devesh Tripathi
Updated Mon, 04 May 2026 03:23 AM IST
विज्ञापन
आज की बड़ी खबरें।
- फोटो : अमर उजाला
भारत और कंबोडिया की सेनाएं सोमवार से दो सप्ताह तक संयुक्त सैन्य अभ्यास करेंगी। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा और सैन्य सहयोग के तहत आयोजित किया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय ने रविवार को बताया कि ‘एक्सरसाइज सिनबैक्स-दो’ का आयोजन कंबोडिया के कामपोंग स्पेयू प्रांत में किया जाएगा। यह इस अभ्यास का दूसरा संस्करण है।
मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में इस संयुक्त अभ्यास को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इस अभ्यास में भारतीय सेना की ओर से 120 जवान हिस्सा लेंगे, जिनमें अधिकतर मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं। वहीं कंबोडिया की रॉयल कंबोडियन आर्मी के 160 सैनिक इसमें शामिल होंगे। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के दौरान सामने आने वाली आतंकवाद विरोधी चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया गया है।
विज्ञापन
मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां तेजी से बदल रही हैं। ऐसे में इस संयुक्त अभ्यास को विशेष महत्व दिया जा रहा है। इस अभ्यास में भारतीय सेना की ओर से 120 जवान हिस्सा लेंगे, जिनमें अधिकतर मराठा लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की एक बटालियन से हैं। वहीं कंबोडिया की रॉयल कंबोडियन आर्मी के 160 सैनिक इसमें शामिल होंगे। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के दौरान सामने आने वाली आतंकवाद विरोधी चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया गया है।
विज्ञापन
विशाखापत्तनम में बिल्डिंग स्लैब गिरने से एक की मौत, दो घायल: मरम्मत कार्य के दौरान हुआ हादसा
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां न्यू पोर्ट पुलिस स्टेशन क्षेत्र की सीमा में एक इमारत का स्लैब गिर गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। न्यू पोर्ट पुलिस स्टेशन के सीआई कामेश्वर राव ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जिस इमारत में यह हादसा हुआ, वहां पहले एक फोटो स्टूडियो संचालित होता था। इमारत अपने मूल स्तर से लगभग दो फीट नीचे धंस गई थी, जिसके कारण उसे हाइड्रोलिक जैक का उपयोग करके ऊपर उठाने के लिए मरम्मत कार्य किया जा रहा था। इसी मरम्मत कार्य के दौरान स्लैब गिरने से यह दुर्घटना हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना की जांच की जा रही है। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां न्यू पोर्ट पुलिस स्टेशन क्षेत्र की सीमा में एक इमारत का स्लैब गिर गया। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। न्यू पोर्ट पुलिस स्टेशन के सीआई कामेश्वर राव ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जिस इमारत में यह हादसा हुआ, वहां पहले एक फोटो स्टूडियो संचालित होता था। इमारत अपने मूल स्तर से लगभग दो फीट नीचे धंस गई थी, जिसके कारण उसे हाइड्रोलिक जैक का उपयोग करके ऊपर उठाने के लिए मरम्मत कार्य किया जा रहा था। इसी मरम्मत कार्य के दौरान स्लैब गिरने से यह दुर्घटना हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और घटना की जांच की जा रही है। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
श्रींगेरी में चुनावी नतीजा पलटा, डी एन जीवराज पुनर्गणना के बाद विधायक घोषित
कर्नाटक के श्रींगेरी विधानसभा क्षेत्र में बड़ा उलटफेर सामने आया है। 2023 के विधानसभा चुनाव में हारने वाले भाजपा नेता डी एन जीवराज को अब पुनर्गणना के बाद विजेता घोषित कर दिया गया है। यह फैसला डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेट) की दोबारा जांच और गिनती के बाद लिया गया, जो कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश पर कराई गई।
रिटर्निंग ऑफिसर ने रविवार देर रात आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत जीवराज को निर्वाचित घोषित किया जाता है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता टी डी राजे गौड़ा, जो मई 2023 से विधायक थे, अब पद पर नहीं रहेंगे।
पुनर्गणना में बड़ा बदलाव सामने आया। पहले जहां जीवराज को 692 और राजे गौड़ा को 569 पोस्टल वोट मिले थे, वहीं अब जीवराज के 690 वोट मान्य पाए गए, जबकि राजे गौड़ा के वोट घटकर 314 रह गए यानी 255 वोटों की कमी दर्ज हुई। गौरतलब है कि 2023 के चुनाव में राजे गौड़ा ने मात्र 201 वोटों से जीत हासिल की थी। हालांकि, इस फैसले के बाद उन्होंने वोट से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। उनके समर्थकों ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
कर्नाटक के श्रींगेरी विधानसभा क्षेत्र में बड़ा उलटफेर सामने आया है। 2023 के विधानसभा चुनाव में हारने वाले भाजपा नेता डी एन जीवराज को अब पुनर्गणना के बाद विजेता घोषित कर दिया गया है। यह फैसला डाक मतपत्रों (पोस्टल बैलेट) की दोबारा जांच और गिनती के बाद लिया गया, जो कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश पर कराई गई।
रिटर्निंग ऑफिसर ने रविवार देर रात आधिकारिक घोषणा करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के तहत जीवराज को निर्वाचित घोषित किया जाता है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता टी डी राजे गौड़ा, जो मई 2023 से विधायक थे, अब पद पर नहीं रहेंगे।
पुनर्गणना में बड़ा बदलाव सामने आया। पहले जहां जीवराज को 692 और राजे गौड़ा को 569 पोस्टल वोट मिले थे, वहीं अब जीवराज के 690 वोट मान्य पाए गए, जबकि राजे गौड़ा के वोट घटकर 314 रह गए यानी 255 वोटों की कमी दर्ज हुई। गौरतलब है कि 2023 के चुनाव में राजे गौड़ा ने मात्र 201 वोटों से जीत हासिल की थी। हालांकि, इस फैसले के बाद उन्होंने वोट से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। उनके समर्थकों ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
धर्मांतरण की साजिश...टीसीएसकर्मी निदा खान को कोर्ट ने जमानत से किया इन्कार
महाराष्ट्र में नासिक की एक अदालत ने यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण से जुड़े मामले में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की कर्मचारी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है कि इस्लाम अपनाने के लिए पीड़िता का ब्रेनवॉश करने और उसे मलयेशिया भेजने के लिए एक सुनियोजित योजना के तहत संगठित प्रयास किए जा रहे थे।
अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता वास्तव में बहुआयामी और बहुस्तरीय है और जड़ तक पहुंचने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (नासिक रोड), केजी जोशी ने अपने आदेश में यह उल्लेख किया कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से यह पता चलता है कि पीड़िता का नाम बदलने के बाद, आरोपी उसे मलयेशिया भेजना चाहती थी। एफआईआर के अनुसार, निदा ने कथित तौर पर महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह दी थी। उसने अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला देते हुए गिरफ्तारी से पहले जमानत मांगी थी। पुलिस ने बताया था कि महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में निदा की तलाश जारी है।
ब्रेनवॉश नहीं किया जा सकता
कोर्ट ने कहा कि प्रथमदृष्टया, ऐसा प्रतीत होता है कि आवेदक की भूमिका का एफआईआर में विशेष उल्लेख किया है और उसकी संलिप्तता भी दिखती है। निस्संदेह पीड़ित को किसी भी धर्म को मानने और अपनी पसंद का कोई भी नाम रखने का सांविधानिक अधिकार है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि उसे इसके लिए ब्रेनवॉश किया जाए और वह भी सुनियोजित योजना के तहत।
महाराष्ट्र में नासिक की एक अदालत ने यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण से जुड़े मामले में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) की कर्मचारी निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि ऐसा लगता है कि इस्लाम अपनाने के लिए पीड़िता का ब्रेनवॉश करने और उसे मलयेशिया भेजने के लिए एक सुनियोजित योजना के तहत संगठित प्रयास किए जा रहे थे।
अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता वास्तव में बहुआयामी और बहुस्तरीय है और जड़ तक पहुंचने के लिए हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (नासिक रोड), केजी जोशी ने अपने आदेश में यह उल्लेख किया कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से यह पता चलता है कि पीड़िता का नाम बदलने के बाद, आरोपी उसे मलयेशिया भेजना चाहती थी। एफआईआर के अनुसार, निदा ने कथित तौर पर महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह दी थी। उसने अपनी प्रेग्नेंसी का हवाला देते हुए गिरफ्तारी से पहले जमानत मांगी थी। पुलिस ने बताया था कि महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में निदा की तलाश जारी है।
ब्रेनवॉश नहीं किया जा सकता
कोर्ट ने कहा कि प्रथमदृष्टया, ऐसा प्रतीत होता है कि आवेदक की भूमिका का एफआईआर में विशेष उल्लेख किया है और उसकी संलिप्तता भी दिखती है। निस्संदेह पीड़ित को किसी भी धर्म को मानने और अपनी पसंद का कोई भी नाम रखने का सांविधानिक अधिकार है, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि उसे इसके लिए ब्रेनवॉश किया जाए और वह भी सुनियोजित योजना के तहत।