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Updates: तमिलनाडु चुनाव से पहले चार आईपीएस अधिकारियों की नई तैनाती, केरल में NCP (SP) ने उतारे तीन उम्मीदवार

Mon, 16 Mar 2026 08:02 PM IST
Devesh Tripathi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Devesh Tripathi Updated Mon, 16 Mar 2026 08:02 PM IST
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आज की बड़ी खबरें। - फोटो : अमर उजाला

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच चुनाव आयोग ने चार आईपीएस अधिकारियों की नई तैनाती के निर्देश दिए हैं। आयोग ने डी.एन. हरिकिरण प्रसाद को करूर, डी.वी. किरण श्रुति को इरोड, सुजीत कुमार को नागपट्टिनम और डॉ. एन. श्रीनाथा को विरुधुनगर का पुलिस अधीक्षक नियुक्त करने को कहा है। आयोग ने इन आदेशों को तुरंत लागू करने और 17 मार्च सुबह 11 बजे तक अनुपालन रिपोर्ट भेजने को कहा है। चुनाव पूरा होने तक स्थानांतरित अधिकारियों को किसी चुनाव संबंधी पद पर तैनात नहीं किया जाएगा।

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केरल में एनसीपी (एसपी) ने तीन उम्मीदवारों का किया एलान
केरल विधानसभा चुनाव को लेकर एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने तीन सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने वन मंत्री एके ससींद्रन को कोझिकोड जिले की एलाथूर सीट से मैदान में उतारा है। वहीं मौजूदा विधायक थॉमस के थॉमस को कुट्टनाड और केटी मुजीब को मलप्पुरम सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। ससींद्रन को टिकट देने पर कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई, लेकिन पार्टी ने शाम से ही चुनाव प्रचार शुरू कर दिया।
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बंगलूरू में मामूली विवाद पर पत्नी की हत्या
बंगलूरू के बिलेखल्ली इलाके में एक व्यक्ति ने मामूली विवाद के बाद अपनी पत्नी की गला काटकर हत्या कर दी। मृतका की पहचान 45 वर्षीय रंगम्मा के रूप में हुई है, जो हाउसकीपिंग का काम करती थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी नागराज सुरक्षा गार्ड है और अक्सर शराब पीकर झगड़ा करता था। रविवार रात विवाद के दौरान उसने चाकू से पत्नी का गला काट दिया और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
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सीपीआई से निकाले गए विधायक मुकुंदन भाजपा में शामिल
केरल में सीपीआई से निष्कासित विधायक सीसी मुकुंदन सोमवार को भाजपा में शामिल हो गए। उन्हें पार्टी ने नट्टिका सीट से दोबारा टिकट नहीं दिया था, जिसके बाद उन्होंने नाराजगी जताई थी। मुकुंदन पहले कांग्रेस नेताओं से भी मिले थे। भाजपा में शामिल होते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी अनुसूचित जाति और जनजाति के हितों की रक्षा करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि वह आगामी चुनाव लड़ेंगे और जीत हासिल करने का भरोसा जताया।

केरल में चाय को लेकर विवाद, सास ने की बहू की हत्या
केरल के मलप्पुरम जिले में चाय परोसने को लेकर हुए विवाद में सास ने अपनी बहू की धारदार हथियार से हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार 28 वर्षीय राजिला पर उसकी 70 वर्षीय सास शांता ने हमला किया। घटना के समय घर में बच्चे मौजूद थे और उन्होंने रोकने की कोशिश भी की। गंभीर रूप से घायल राजिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या का मामला दर्ज किया है।

तमिलनाडु चुनाव में पैसों के लेन-देन पर कड़ी नजर
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को देखते हुए चुनाव आयोग ने पैसों के लेन-देन पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने बताया कि 23 एजेंसियों की मदद से बड़े नकद और ऑनलाइन लेन-देन पर नजर रखी जा रही है। अब तक करीब 1.26 करोड़ रुपये नकद और सामान जब्त किया गया है। 23 अप्रैल को राज्य की 234 सीटों पर मतदान होगा और 4 मई को मतगणना की जाएगी।

बागी नेता सुधाकरन ने चुनाव से पहले वेल्लापल्ली नटेशन से की मुलाकात
केरल में चुनाव से पहले सीपीआई(एम) के बागी नेता जी सुधाकरन ने एसएनडीपी योगम के नेता वेल्लापल्ली नटेशन से मुलाकात की। सुधाकरन ने ऐलान किया है कि वह अंबालापुझा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। नटेशन ने कहा कि सुधाकरन ने उनसे समर्थन नहीं मांगा है। उन्होंने यह भी कहा कि सुधाकरन जिले में लोकप्रिय नेता हैं, लेकिन उनके चुनाव लड़ने से पार्टी पर कितना असर पड़ेगा, यह अभी कहना मुश्किल है।

केरल में एडीएम नवीन बाबू की मौत मामले में फिर जांच के आदेश
केरल के कन्नूर में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट नवीन बाबू की मौत के मामले में अदालत ने आगे जांच के आदेश दिए हैं। अदालत ने बाबू के परिवार की याचिका स्वीकार करते हुए कुछ नए पहलुओं की जांच करने को कहा है। इसमें एक व्यक्ति के भ्रष्टाचार के आरोप और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी जांच शामिल है। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि मामले की आगे जांच कर 30 मई को अदालत में रिपोर्ट पेश की जाए।

तमिलनाडु में आचार संहिता लागू, हटाए गए पोस्टर और बैनर
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद आचार संहिता लागू होते ही प्रशासन ने पोस्टर, बैनर और दीवारों पर लगे राजनीतिक विज्ञापन हटाने शुरू कर दिए हैं। चेन्नई समेत कई जिलों में नगर निगम कर्मियों ने सार्वजनिक स्थानों से राजनीतिक प्रचार सामग्री हटाई। सीमा इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने निगरानी बढ़ा दी है। साथ ही उड़नदस्ते और निगरानी टीमें वाहनों की जांच कर नकदी और सामान की जांच कर रही हैं।

केरल में हादसे में दो भाइयों की मौत
केरल के किलिमानूर में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में दो भाईयों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, अभि (22) और उनके भाई अभिषेक (20) की मोटरसाइकिल एक बिजली के खंभे से टकरा कर गड्ढे में गिर गई। दोनों भाई कोतुवजन्नूर के निवासी थे और ट्यूशन जाने के途中 थे। उन्हें तुरंत नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उनकी मौत हो गई। किलिमानूर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।

आचार संहिता लागू होते ही चुनावी राज्यों में हटाए जाने लगे पोस्टर-बैनर, नेताओं की मूर्तियां भी ढकीं
चुनाव आयोग ने पांच राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद आचार संहिता लागू कर दी है। आयोग से सरकारी वेबसाइटों से मंत्रियों और राजनीतिक पदाधिकारियों की तस्वीरें हटाने का निर्देश देने के साथ ही इस पर अमल शुरू हो गया है।

आयोग ने केंद्रीय कैबिनेट सचिव और चुनाव वाले राज्यों के मुख्य सचिवों को भेजे पत्र में कहा कि सार्वजनिक और निजी संपत्ति को खराब करने, सार्वजनिक स्थानों के दुरुपयोग, सरकारी वाहनों के गलत इस्तेमाल और सरकारी खर्च पर विज्ञापन जैसे मामलों को रोकने के लिए एमसीसी के प्रावधानों को तुरंत लागू किया जाए। आचार संहिता लागू होने के बाद चुनावी राज्यों में कार्रवाई करते हुए पोस्टर-बैनरों को हटवाना शुरू कर दिया गया है। इसी के साथ इन राज्यों में सियासी नेताओं की मूर्तियों को भी ढकना शुरू कर दिया है।

500 रुपये की रिश्वत मामले में पूर्व कांस्टेबल की सजा बरकरार
करीब साढ़े तीन दशक पुराने रिश्वत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के एक पूर्व आबकारी कांस्टेबल की सजा को बरकरार रखा, लेकिन उसकी जेल की अवधि कम कर दी। जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने 13 मार्च को यह फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत पूर्व कांस्टेबल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने उत्तराखंड हाईकोर्ट के 2012 के आदेश को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा था, जिसमें उसे भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत दो साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सजा और दोष सिद्ध करने के फैसले में कोई गलती नहीं है। हालांकि आरोपी की उम्र अब 75 साल हो चुकी है। यह मामला 19 जून 1990 का है। उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले में आबकारी कांस्टेबल को 500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था। इसके बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

अब अन्य केंद्रीय सेवाओं में भी लागू हो सकेगा 360 डिग्री मूल्यांकन
सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से संसद की एक स्थायी समिति ने केंद्र सरकार से 360 डिग्री मूल्यांकन प्रणाली का दायरा बढ़ाने की सिफारिश की है। वर्तमान में यह व्यवस्था मुख्य रूप से आईएएस अधिकारियों के पैनल चयन के लिए उपयोग की जाती है। समिति का सुझाव है कि संयुक्त सचिव और उससे ऊपर के पदों के लिए अन्य केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों के चयन में भी इसी बहुस्तरीय प्रतिक्रिया प्रणाली को अपनाया जाए। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) से संबंधित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि केवल वार्षिक रिपोर्ट (एपीएआर) के बजाय वरिष्ठों, सहकर्मियों और अधीनस्थों से प्राप्त गुणात्मक फीडबैक के आधार पर मूल्यांकन करने से चयन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष होगी। इससे नेतृत्व क्षमता और सत्यनिष्ठा का बेहतर आकलन हो सकेगा।

केंद्र के पर्यावरण मंजूरी में तेजी लाने के लिए अलग निकायों के प्रस्ताव पर विशेषज्ञों ने जताई चिंता
केंद्र सरकार के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पर्यावरण मंजूरी प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए नए निकायों के प्रस्ताव पर विशेषज्ञों ने गंभीर चिंताएं जताई हैं। दरअसल, पांच मार्च 2026 को जारी मसौदा अधिसूचना के मुताबिक, सरकार ने पर्यावरण प्रभाव आकलन पर स्थायी प्राधिकरण (एसएईआईए) और पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन पर स्थायी समिति (एससीईआईए) गठित करने का प्रस्ताव दिया है।
विशेषज्ञों ने नए निकायों के सदस्यों के चयन के मानदंडों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इससे परियोजनाओं की जांच कमजोर हो सकती है। मसौदा अधिसूचना के अनुसार, जब भी ये राज्य-स्तरीय संस्थान अपने कार्यकाल की समाप्ति या पुनर्गठन में देरी के कारण निष्क्रिय हो जाएंगे, तो नए निकाय मौजूदा राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरणों (एसईआईएए) और राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समितियों (एसईएसी) के कामों को संभाल लेंगे। अभी एसईआईएए पर्यावरण मंजूरी देता है, जबकि एसईएसी परियोजनाओं का मूल्यांकन कर एसईआईएए को सलाह देता है। सरकार के प्रस्तावित दो नए निकायों एसएईआईए और एससीईआईए में मुख्य रूप से पदेन सदस्य होंगे, यानी केंद्र सरकार के नामित अधिकारी या नौकरशाह होंगे। सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट के शोधकर्ता सुभ्रजीत गोस्वामी ने कहा कि यह कदम पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना 2006 के परिशिष्ट-VI के कानूनी प्रावधानों को दरकिनार कर सकता है।
 
इस प्रावधान के अनुसार अध्यक्ष और सदस्य ऐसे विशेषज्ञ होने चाहिए जिनके पास कम से कम 15 साल का अनुभव या संबंधित विषय में पीएचडी हो। उनके अनुसार प्रशासनिक निगरानी अक्सर व्यावसायिक सुगमता पर जोर देती है, जिससे स्थानीय पर्यावरणीय पहलुओं को नजरअंदाज किया जा सकता है, जिन्हें सामान्यतः वनस्पति वैज्ञानिक या पर्यावरण इंजीनियर पहचान लेते हैं। जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल के प्रोफेसर नवनीत विभाव ने कहा कि सरकारी अधिकारियों के पास तकनीकी जानकारी हो सकती है, लेकिन मसौदा अधिसूचना में उनके चयन के लिए स्पष्ट पात्रता मानदंड नहीं बताए गए हैं।

स्टैंड-अप इंडिया योजना का संशोधित रूप जल्द लाएगी सरकार : सीतारमण
अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और महिला उद्यमियों के लिए केंद्र सरकार जल्द ही स्टैंड-अप इंडिया योजना का संशोधित रूप पेश करेगी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि इससे नए प्रोजेक्ट शुरू करने के इच्छुक एससी/एसटी और महिला उद्यमियों को फायदा होगा।

गौरतलब है कि वर्ष 2016 में शुरू की गई स्टैंड-अप इंडिया योजना का उद्देश्य एससी, एसटी और महिला उद्यमियों को नए उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें सशक्त बनाना है। यह योजना 31 मार्च, 2025 को समाप्त हो गई है। लोकसभा में एक पूरक प्रश्न के जवाब में वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, संशोधित योजना में मूल स्टैंड-अप इंडिया योजना के कार्यान्वयन से सीखे गए सबक शामिल किए जाएंगे। नीति आयोग और अन्य संस्थाओं के अध्ययनों के आधार पर इस योजना का पुनर्गठन किया जा रहा है। जल्द ही कैबिनेट के समक्ष एक प्रस्ताव पेश किया जाएगा। इसके माध्यम से हम एक नई योजना शुरू करेंगे। यह योजना स्टैंड-अप पहल को ही आगे बढ़ाएगी, जिससे पूरे देश में एससी/एसटी समुदायों और महिलाओं को लाभ मिला है। इस योजना के तहत, उस श्रेणी के लिए बैंक की सबसे कम लागू दर पर 10 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये के बीच ऋण उपलब्ध कराया गया। इसे चुकाने की अवधि 7 वर्ष थी और अधिकतम 18 महीने तक की मोहलत दी गई थी।

रक्षा क्षेत्र में नवाचार का बड़ा केंद्र भारत : राजनाथ
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में नवाचार का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि भारत अब अगली पीढ़ी की तकनीकों में तेजी से निवेश कर रहा है। गुजरात स्थित राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी में आयोजित रक्षा सलाहकारों के दो दिवसीय सम्मेलन को ऑनलाइन संबोधित करते राजनाथ ने यह बात कही। सम्मेलन का विषय था आत्मनिर्भर भारत और वैश्विक रक्षा तकनीक का परिदृश्य: नवाचार, निर्यात और संयुक्त तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा। इसमें अफ्रीका, एशिया, प्रशांत और कैरिबियाई क्षेत्र सहित 24 देशों के राजनयिक और रक्षा प्रतिनिधि शामिल हुए। रक्षा मंत्री राजनाथ ने कहा, आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के साथ देश रक्षा क्षेत्र में नई सोच के साथ काम कर रहा है। देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), बिना चालक वाली प्रणालियों, अंतरिक्ष तकनीक और उन्नत डिजिटल क्षमताओं जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रहा है, जिससे रक्षा समाधान विकसित करने का तरीका बदल रहा है।

देवगौड़ा ने सोनिया को लिखा खत
पूर्व प्रधानमंत्री और राज्यसभा सांसद एचडी देवगौड़ा ने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर संसद के अंदर व्यवधान और बाहर उनकी पार्टी के सदस्यों के किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों पर चिंता जताई। पत्र में देवगौड़ा ने कहा कि वह एक खास तरह की अराजकता से बेहद परेशान हैं, जिसे संसद के अंदर और उसके परिसर में बिना सोचे-समझे उत्पन्न किया गया है। वरिष्ठ जदएस नेता ने कहा कि संसद के बाहर उनके धरने और नाकेबंदी अभूतपूर्व थे। हाल के दिनों में, संसद में नारेबाजी, तख्तियों का प्रदर्शन और एक-दूसरे को अपशब्द कहने की घटनाएं अत्यधिक देखने को मिली हैं। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन नहीं है कि आप इस तरह की अनियंत्रित गतिविधियों और नकारात्मक ऊर्जा के प्रसार के परिणामों की कल्पना कर पाती हैं या नहीं। मुझे सचमुच लगता है कि इससे हमारे लोकतंत्र की नींव को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मूल भावना के साथ लागू करे केंद्र सरकार: खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) बिल, 2026 के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मूल भावना के साथ लागू किए जाने का आग्रह किया है। खरगे ने पत्र में आग्रह किया है कि सुप्रीम कोर्ट ने कैडर अफसरों के हितों से जुड़ा जो फैसला दिया था, उसे लागू कराने के लिए तुरंत हस्तक्षेप करें। फैसले से सीएपीएफ के उन कैडर अफसरों को राहत मिली थी, जो पदोन्नति एवं दूसरे आर्थिक फायदों के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे। ऐसे मामले में सरकार का सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटने के लिए 'वैधानिक हस्तक्षेप' का सहारा लेना, राष्ट्रीय सुरक्षा के स्तंभ यानी कैडर अफसरों के उत्साह को तोड़ने वाला होगा। कैडर अफसरों को समय पर न तो पदोन्नति मिल रही है, न ही दूसरे वित्तीय फायदे। इसके लिए इन अफसरों को अदालतों की मदद लेने के लिए मजबूर किया गया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी राहुल ने भी कैडर अफसरों को आश्वासन दिया कि वे इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएंगे।

मंत्री डेवलपर्स के निदेशकों के ठिकानों पर ईडी के छापे
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को बंगलूरू में रियल एस्टेट कंपनी मंत्री डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के घरों व दफ्तरों पर छापे मारे। मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत सुबह करीब 8 बजे केंद्रीय एजेंसी ने यह कार्रवाई की। जांच एजेंसी की कई टीमें कंपनी और उसके निदेशकों से जुड़े अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापे मारे। इस दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, डिजिटल उपकरण और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई, ताकि धन के लेनदेन का पता लगाया जा सके। ईडी ने बताया कि यह कार्रवाई कंपनियों के जरिये अवैध धन के लेनदेन की जांच के व्यापक अभियान का हिस्सा है।

जमीन मुआवजा घोटाले में ईडी ने अटैच की 23.35 करोड़ रुपये की संपत्ति
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रायपुर-विशाखापट्टनम राष्ट्रीय हाईवे परियोजना में हुए जमीन मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने सोमवार को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मुख्य आरोपी हरमीत सिंह खनूजा व उनके सहयोगियों की 23.35 करोड़ की संपत्तियां अटैच कीं। ईडी ने जांच में पाया कि भू-माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों ने मिलकर साजिश रची है। 30 जनवरी 2020 को अधिसूचना जारी होने के बाद राजस्व रिकॉर्ड में धोखाधड़ी और पुरानी तारीख डालकर जमीन के टुकड़े किए गए, ताकि मुआवजे की राशि कई गुना बढ़ाई जा सके। खनूजा और उसके साथियों ने भू-स्वामियों से खाली चेक और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए। सरकारी खजाने से बढ़ा हुआ मुआवजा जैसे ही खातों में आया, आरोपियों ने बड़ी राशि अपने और अपने करीबियों के खातों में ट्रांसफर कर ली, जबकि किसानों को सिर्फ मूल हकदारी दी गई। ईडी के अनुसार जांच में 27.05 करोड़ के गबन की पुष्टि हुई है। इसमें से 23.35 करोड़ की संपत्ति अटैच की गई है। मामले में आरोपी हरमीत सिंह खनूजा और अन्य के विरुद्ध रायपुर की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल है।

सेंथिल हत्याकांड...गवाहों को धमकाने के मामले में छह लोग आरोपी बनाए
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2023 में केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भाजपा नेता सेंथिल कुमारन की हत्या के मामले में सुनवाई को प्रभावित करने की साजिश के आरोप में छह लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच एजेंसी ने नित्यानंदन उर्फ निथि, शिव शंकर, वेंगटेश, एझुमलाई, हेराम उर्फ टीआर उर्फ कार्ति और उदय कुमार को आरोपी बनाया है। इन पर बीएनएस, यूएपीए और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण अधिनियम के तहत आरोप लगाए गए हैं। इनमें से चार आरोपी पहले ही हत्या मामले में आरोपी हैं। जांच के अनुसार, आरोपियों ने कालापेट स्थित केंद्रीय कारागार और यनम में विशेष जेल से गुप्त गवाहों की जानकारी हासिल कर उन्हें धमकाने की साजिश रची। कुमारन की मार्च 2023 में छह बाइक सवार हमलावरों ने विस्फोटक और धारदार हथियारों से हत्या कर दी थी। मामला पहले स्थानीय पुलिस ने दर्ज किया था।

अब देश में ही होगी कलवरी क्लास पनडुब्बियों की मरम्मत
भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता को मजबूती देने के लिए कारवार स्थित नवल ग्रुप इंडिया वर्कशॉप में न्यूमेटिक रैम परीक्षण सुविधा का उद्घाटन किया गया। सोमवार को नौसेना के सामग्री प्रमुख (सीओएम) वाइस एडमिरल बी. शिवकुमार ने इस केंद्र को राष्ट्र को समर्पित किया। यह भारत में अपनी तरह की पहली सुविधा है। अब तक कलवरी-क्लास पनडुब्बियों को सर्विसिंग के लिए फ्रांस भेजना पड़ता था। इससे न केवल समय, बल्कि रसद लागत भी काफी ज्यादा आती थी। अब कारवार में ही मरम्मत संभव होने से पनडुब्बियों का टर्नअराउंड टाइम (मरम्मत समय) काफी कम हो जाएगा। ब्यूरो

वाइस एडमिरल शिवकुमार ने कहा कि यह सुविधा हमारे पनडुब्बी बेड़े की स्वदेशी रखरखाव क्षमताओं को मजबूती देगा। इससे न केवल लागत कम होगी, बल्कि भारतीय नौसेना की युद्धक तैयारी और दक्षता में भी काफी सुधार होगा। नवल ग्रुप इंडिया के अनुसार यह कदम सरकार के आत्मनिर्भर भारत अभियान को सशक्त बनाने और स्थानीय रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को विकसित करने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है।

सोशल मीडिया पर फोटो डालने पर रोक, बच्चों की पहचान उजागर करने पर होगी कार्रवाई
देश में दत्तक ग्रहण (बच्चा गोद लेने) की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) ने राष्ट्रव्यापी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के तहत अब बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले या गोद लिए जाने वाले बच्चों की फोटो, वीडियो या पहचान संबंधी कोई भी जानकारी सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम पर साझा करना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। कारा ने बताया है कि किशोर न्याय अधिनियम, 2015 और दत्तक ग्रहण विनियम, 2022 के तहत बच्चों की गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य है। साथ ही जैविक माता-पिता के लिए दो माह की पुनर्विचार अवधि का कड़ाई से पालन करना होगा, ताकि किसी भी बच्चे को कानूनी रूप से स्वतंत्र घोषित करने से पहले सभी विकल्पों पर विचार किया जा सके। कारा ने कहा कि संस्था चालू हो या बंद बच्चों से संबंधित डिजिटल और भौतिक रिकॉर्ड को सुरक्षित रखना राज्यों की जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य उन वयस्क दत्तक बच्चों की मदद करना भी है, जो भविष्य में अपनी जड़ों (मूल खोज) के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं।
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